UP Election 2024: सपा और कांग्रेस नेताओं की फिर होगी परीक्षा, दोनों दलों के नेता तैयारियों में जुटे
UP Election 2024: लोकसभा चुनाव 2024 संपन्न हो जाने के बाद अब एक बार फिर उत्तर प्रदेश में चुनावी समर देखने को मिलेगा। उत्तर प्रदेश में एक बार फिर राजनीतिक दलों के नेताओं की परीक्षा होने वाली है।
दरअसल, लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान उत्तर प्रदेश में कुछ विधानसभा सीटों पर साल 2022 विधानसभा चुनाव जीतकर विधायक बने नेताओं ने लोकसभा का चुनाव लड़ा था। यूपी की 9 लोकसभा सीटों पर चुनाव जीतकर विधायक ही सांसद बन चुके हैं।

अब उन सांसदों द्वारा विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दिया जा रहा है। ऐसे में उन सभी विधानसभा सीटों पर अब जल्द ही उपचुनाव की घोषणा होगी। यह उपचुनाव जहां भारतीय जनता पार्टी के लिए महत्वपूर्ण होगा।
वहीं INDIA गठबंधन के लिए भी यह उपचुनाव काफी महत्वपूर्ण होगा। ऐसा इसलिए भी कहा जा रहा है क्योंकि समाजवादी पार्टी के अधिकतर विधायक सांसद बन चुके हैं और अब फिर उन विधानसभा सीटों पर सपा को अपना कब्जा जमाने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी।
तैयारी में जुट गए हैं राजनीतिक दलों के नेता
उत्तर प्रदेश में फूलपुर विधानसभा, खैर विधानसभा, गाजियाबाद विधानसभा, मीरापुर विधानसभा, करहल विधानसभा, कटेहरी विधानसभा, कुंदरकी विधानसभा और अयोध्या व करहल विधानसभा में उपचुनाव होने हैं।
ऐसे में इन सभी विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की इच्छुक उम्मीदवार अभी से पार्टी कार्यालय का चक्कर लगाने लगे हैं और विधानसभा क्षेत्र में भी चुनाव प्रचार व समीकरण साधने में जुट गए हैं।
सीट बंटवारे में हो सकता है मतभेद
उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन है ऐसे में उपचुनाव के दौरान सीटों के बंटवारे को लेकर भी समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच मतभेद हो सकता है। सपा नेताओं का कहना है कि जिस विधानसभा में सपा के विधायक रहे हैं उसे पर समाजवादी पार्टी ही उम्मीदवार उतारेगी।
अब देखना यह है कि उपचुनाव के दौरान समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच विधानसभा सीटों का बंटवारा किस तरह होता है। जानकारों का कहना है कि सीटों के बंटवारे को लेकर दोनों दलों के नेताओं के बीच सामंजस्य स्थापित करना पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के लिए टेढ़ी खीर साबित होगा।












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