यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने सड़क निर्माण परियोजना को लेकर दिए अहम निर्देश
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश देते हुए कहा है कि जनहित से जुड़ी निर्माण परियोजनाओं को सख्ती और पूरी गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय पर पूरे किए जाने चाहिए। उनके निर्देश अनुसार जनहित से संबंधित विकास परियोजनाओं से कीमत में वृद्धि होने के साथ ही साथ आम जनता को आसुविधा के कारण सेवाओं का लाभ भी नहीं उठा पाते हैं। इसलिए विभाग को दिया गया कार्य अपने निर्धारित समय में पूरा किया जाए।
मुख्यमंत्री योगी आज लखनऊ में स्थित सरकारी आवास में लोक निर्माण से जुड़े कार्यों का परिक्षण कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने लोक निर्माण विभाग की गतिशील, लंबित तथा भावी कर्योजनाओं की विस्तार रूप से परिक्षण किया। उन्होंने विश्वास के साथ कहा कि लोक निर्माण विभाग द्वारा मेडिकल कॉलेज, विश्वविद्यालय जैसे अनेक आवश्यक परियोजनाओं की स्थापना की जाएगी।

विभाग कर्मचारियों द्वारा ये पूर्ण से निर्धारित किया जाए कि हर कार्य समय सीमा के अंतर्गत उसकी गुणवत्ता के साथ पूरा हो। लंबित कार्यों के लिए जिम्मेदारी लोगों में तय की जाए। विभागीय मंत्रिगण परियोजनाओं की नियमित अंतराल पर समीक्षा व फील्ड विजिट कर कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित कराएं।
सीएम ने अनुसार कार्य को मैनुअल के जगह के बजाए मैकेनाइज्ड ढंग से किया जाना चाहिए। आईआईटी, एकेटीयू, एमएमएमयूटी जैसे संस्थानों की सहायता ली जाए। सड़क निर्माण के लिए प्रदेश की एफडीआर तकनीक को भारत सरकार ने सराहा है, इसे लोक निर्माण विभाग में भी प्रभावी किया जाए। कहीं भी जनशक्ति की कमी न आएं। नियमित नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने तक आउटसोर्सिंग के माध्यम से योग्य युवाओं को जोड़ा जाए।
गेट जैसी राष्ट्रीय परीक्षा को मूल मानकर उनकी क्षमता का शुरुआती पुर्वानुमान किया जा सकता है। ऐसे युवाओं को नियमित सेवा में वेटेज दिया जाए। इस संबंध में नीति तैयार की जाए। सीएम योगी ने कहा कि लोगों के हित से संबंधित किसी भी परियोजना में अपराधी प्रवृत्ति के लोगों को जगह न दिया जाए। उनके करीबी रिश्तेदारों और गैंग के गुंडों को भी ठेके-पट्टे से दूर रखा जाए।
यह निर्धारित किया जाना चाहिए कि सड़क निर्माण वाली एजेंसी/ठेकेदार सड़क बनने के अगले 05 वर्ष तक उसके मरम्मत की उत्तरदायित्व संभालें। इस बारे में नियम-शर्ते स्पष्ट रूप से उल्लिखित की जाएं। सीएम ने कहा कि गांव के रास्तों का यातायात एवं अन्य बिंदुओं के आधार पर चैड़ीकरण किया जाए। इस संबंध में ज़रूरी प्रस्ताव तैयार किया जाए।
ग्रामीण मार्गों से दूसरे जिला मार्ग से प्रधान वाले जिला मार्ग परिवर्तन के लिए नई योजनाओं का निर्माण हो। व्यापक जनहित में ऐसा किया जाना भुत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि निविदा प्रक्रिया को आसान रूप से निर्माण किया जाए। योग्यता, अनुभव तथा कर्तव्यनिष्ठा को अधिमान्यता दी जाए। भवन को बनाने के कार्य के लिए केंद्रीय लोक निर्माण विभाग आधारित प्रदेशव्यापी एकल यूनिफाइड शेड्यूल रेट्स को अपनाए जाने पर सोचा जाए।
सीएम योगी के कहने के अनुसारअयोध्या में राम पथ एवं भक्ति पथ के निर्माण में राज्य में पहली बार वाइट टॉपिंग व स्टैम्प्ड कंक्रीट तकनीक का उपयोग करके नए उच्च स्तरीय मानको के साथ मार्गों का निर्माण किया जा रहा है। ऐसे आचरण दुसरे मार्गों पर भी किए जाएं।












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