UP Civic polls 2017: EVM पर सवाल उठाने वाली शबाना का झूठ आया सामने, केजरीवाल ने भी दिया था साथ
सहारनपुर। यूपी निकाय चुनावों में सहारनपुर से निर्दलीय उम्मीदवाप शबाना ने EVM की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए और दावा किया कि ईवीएम की गड़बड़ी की वजह से भाजपा को जीत मिली है। शबाना ने चुनाव आयोग से दोबारा चुनाव करवाने की मांग की, लेकिन चुनाव आयोग ने शबाना के दावे की पोल खोल दी और उसका झूठ सबके सामने ला दिया।

शबाना का दावा- मिले जीरो वोट
शबाना का दावा गलत साबित हुआ है। सहारनपुर के नूरबस्ती से निर्दलीय उम्मीदवार शबाना ने ईवीएम में गड़बड़ी की शिकायत करते हुए दावा किया था कि उन्हें जीरो वोट मिले। शबाना ने कहा कि मेरे वोट भी मुझको नहीं मिले, ऐसा कैसे हो सकता है कि मुझे जीरो वोट मिले। इसके अलावा एक और ने दावा किया कि उनको कम से कम 900 वोट मिलने चाहिए थे जिसमें 300 वोट तो परिवार और रिश्तेदारों के हैं लेकिन वो वोट भी प्रत्याशी के खाते में नहीं आए।

खुल गई पोल
लेकिन अब उसके झूठ की पोल खुल गई है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक शबाना को जीरो नहीं बल्कि वार्ड नंबर-54 पर पार्षद के पद का उम्मीदवार लड़ रहीं शबाना को 87 वोट मिले हैं। इसका पूरा ब्यौरा उत्तर प्रदेश चुनाव आयोग की वेबसाइट पर है। सबसे मजेदार बात तो ये है कि जिस वीडियो के द्वारा शबाना ने EVM की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए थे उसे वीडियो के दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने भी रिट्वीट किया था। लेकिन अब शबाना का झूठ सामने आने के बाद केजरीवाल को भी जवाब मिल गया है।

अखिलेश ने उठाया था सवाल
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने भी ईवीएम पर सवाल उठाते हुए कहा था कि बीजेपी को ईवीएम की वजह से ही मेयर पदों पर जीत मिली है।अखिलेश ने कहा कि नगर निकाय चुनावों में बीजेपी को 16 सीटों में से 14 सीटों में जीत मिली। जबकि 2 पर बसपा को जीत मिली। सपा-कांग्रेस को कोई सीट नहीं मिली। उन्होंने कहा कि बैलेट पेपर से जिन इलाकों में वोटिंग हुई वहां बीजेपी का जीत प्रतिशत 15 रही, जबकि ईवीएम से वोटिंग वाली जगहों पर प्रतिशत 46 रही। ये दिखाता है कि बीजेपी को ईवीएम की वजह से जीत मिली।












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