उत्तर प्रदेश में निकाय चुनाव: जानें आदर्श आचार संहिता के बारे में सब कुछ
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में निकाय चुनाव के दौरान राज्य सरकार के मंत्री सरकारी वाहनों का उपयोग सिर्फ आवास से कार्यालय तक ही कर सकेंगे। राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट आदेश दिया है कि आदर्श आचार संहिता लागू रहने के दौरान कोई भी मंत्री अपने दौरे को चुनाव प्रचार से नहीं जोड़ेंगे। गौरतलब है कि शुक्रवार (27 अक्टूबर) को निकाय चुनाव की तारीखों का ऐलान किया था। इतना ही नहीं यदि कोई मंत्री निजी दौरे पर आता है तो उससे कोई अधिकारी मिलने नहीं जााएगा। अगर कोई अधिकारी ऐसा करता है तो उसे कदाचार का दोषी माना जाएगा। ऐसा पहली बार हुआ है कि आदर्श आचार संहिता की तीस पेज के पुस्तिका में मंत्रियों, उम्मीदवारों और शासकी-अर्धशासकीय कर्मियों के लिए पूरी सूची जारी की गई है।

इसमें यह भी कहा गया है कि वोट पाने के लिए जातीय,धार्मिक और सांप्रदायिक भावनाओ का सहारा नहीं लिया जाएगा। मतदाताओं को किसी भी तरह का लालच देना या उन्हें डराना धमकाना भी भ्रष्ट आचरण की श्रेणी में आएगा इसके साथ ही मंदिर, मस्जिद, गिरजाघर, गुरुद्वारे का उपयोग चुनाव से जुड़े काम में नहीं किया जाएगा।
आचार संहिता के अनुसार उम्मीदवार या राजनीतिक दल बिना अनुमति के किसी भी घर पर झंडा,पोस्टर बैनर नहीं लगा सकते। प्लास्टिक/ पॉलीथिन के पोस्टर-बैनर पर भी प्रतिबंध है। आचार संहिता के अनुसार सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक ही चुनाव प्रचार के लिए लाउड स्पीकरों का प्रयोग किया जा सकेगा। इसी दौरान सार्वजनिक सभाओं की अनुमति भी है।
चुनाव प्रचार के दौरान महापौर प्रत्याशी जुलूस में अधिकतम 15 वाहनों, नगरपालिका परिषद के अध्यक्ष प्रत्याशी दस और नगर पंचायत अध्यक्ष प्रत्याशी पांच वाहनों का प्रयोग कर सकते हैं। इससे अधिक उपयोग के लिए जिलाधिकारी से आज्ञा लेनी होगी।












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