खौफ में हैं पुलवामा में मारे गए यूपी के कारपेंटर के पड़ोसी, कश्मीर से कर रहे वापसी
सहारनपुर, 20 अक्टूबर। कश्मीर में हाल ही के दिनों में दूसरे राज्यों से आकर काम करने वाले मजदूरों को आतंकियों ने निशाना बनाया है। इनमें ही कारपेंटर का काम करने वाले यूपी के सहारनपुर निवासी सगीर अहमद भी थे। सगीर अहमद की बीते शनिवार को आतंकियों ने पुलवामा में गोली मारकर हत्या कर दी थी। सगीर अहमद को उनके परिवार वालों ने सहारनपुर के सराय हिसामुद्दीन में उनके परिवार ने दफन किया। सगीर अहमद के कई रिश्तेदार और पड़ोसी भी कश्मीर में काम कर रहे हैं लेकिन इस हत्या के बाद उनके परिजनों में खौफ का माहौल पैदा कर दिया है और वे जल्द उनसे वापस लौटने की अपील कर रहे हैं।

सगीर अहमद के एक पड़ोसी बताते हैं कि पिछले दो साल में उनके इलाके से कई सारे लोग घाटी में कमाने के लिए गए हैं। अहमद को दो साल पहले उनके एक दोस्त ने नौकरी का वादा किया था जिसके बाद वे पुलवामा गए थे।
शनिवार को पुलवामा में अहमद के किराए के मकान में घुसकर आतंकियों ने उनकी हत्या कर दी थी। हत्या की खबर सुनते ही सराय हिसामुद्दीन स्थित परिवार और आस-पड़ोस में मातम का माहौल छा गया।
हत्या के बाद डरे पड़ोसी
सहारनपुर में अहमद के पड़ोस में रहने वाले करीब 5 लोग दक्षिणी कश्मीर में काम करते हैं। इनमें दर्जी का काम करने वाले मुहम्मद मुमताज भी हैं जो कोरोना के चलते काम बंद होने के बाद कश्मीर चले गए थे लेकिन अब वे वापस लौट रहे हैं। उनका परिवार ताजा बने हालात के बाद उनसे बार-बार वापस लौट आने की अपील कर रहा था।
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक 27 साल के आमिर दो महीने पहले ही घाटी गए थे और अब वापस भागकर घर आ रहे हैं। आमिर दो साल से कश्मीर में एक लकड़ी की दुकान में काम कर रहे थे। आमिर के परिवार को कहना है कि जब वे दो महीने पहले दो सप्ताह के लिए घर आए थे तो उन्होंने बताया था कि कश्मीर का माहौल और मौसम दोनों बहुत अच्छा है लेकिन सगीर अहमद की हत्या के बाद उनका परिवार लगातार उनसे वापस लौट जाने की अपील कर रहा था।
अहमद के एक और पड़ोसी मोहम्मद सलीम भी दक्षिण कश्मीर में ही काम करते हैं। सलीम का सहारनपुर में लकड़ी का कारोबार था जो कोरोना के चलते बंद हो गया था। काम की तलाश में वे दो महीने पहले कश्मीर गए थे लेकिन अब वे भी वापस लौट रहे हैं।












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