Bahraich Bhediya: भेड़िया ने बढ़ाई सियासी सरगर्मी, आदमखोर जानवर को उपचुनाव में मुद्दा बनाएगी कांग्रेस और सपा
Bahraich Bhediya News: उत्तर प्रदेश में विधानसभा की दस सीटों पर होने वाले उपचुनाव की तारीखों की घोषणा भले ही न हुई हो, लेकिन राजनीतिक दलों ने कमर कस ली है। सत्ता पक्ष और विपक्ष जुबानी हमले समेत कई तरह की रणनीति अपना रहे हैं। इस समय बहराइच में आदमखोर भेड़ियों का मुद्दा चर्चा में है, लिहाजा समाजवादी पार्टी और कांग्रेस दोनों ही अपने प्रचार अभियान में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाने की योजना बना रही हैं।
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने बहराइच में आदमखोर भेड़ियों को पकड़ने में विफल रहने के लिए सोमवार को राज्य सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि भेड़ियों के इन हमलों ने पूरे राज्य में व्यापक भय पैदा कर दिया है। उन्होंने कहा, "पार्टी आगामी उपचुनावों में भेड़ियों के हमलों का मुद्दा भी उठाएगी।"

वहीं, यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने भी इसी तरह की बात कही और सरकार पर भेड़ियों के हमलों को रोकने में नाकाम रहने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि ये जानवर अब शहरी इलाकों में भी खतरा बन रहे हैं। बुलडोजर, फर्जी मुठभेड़ और बेरोजगारी जैसे मुद्दों के साथ-साथ भेड़ियों का आतंक भी एक बड़ी चिंता का विषय बन गया है।
इन आरोपों के जवाब में भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता आलोक वर्मा ने सरकार के प्रयासों का बचाव किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन खतरनाक जानवरों को पकड़ने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। वर्मा ने कहा, "चाहे जंगल के भेड़िये हों या समाज के भीतर के, खतरनाक जानवरों को खुलेआम घूमने की इजाजत नहीं दी जा सकती।" उन्होंने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस दोनों पर सामाजिक 'भेड़ियों' का समर्थन करने का आरोप भी लगाया है।
इस बीच वन विभाग ने बहराइच में अब तक पांच आदमखोर भेड़ियों को पकड़ा है। मंगलवार को उन्होंने पांचवां भेड़िया पकड़ा, जिससे महसी तहसील के करीब एक लाख लोगों को राहत मिली। हालांकि, एक भेड़िया अभी भी फरार है। अकेले महसी तहसील में भेड़ियों ने नौ बच्चों समेत 10 लोगों को मार डाला है और 50 से ज्यादा लोगों को घायल कर दिया है।
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