UP Budget 2023: नए बजट में संकल्पपत्र के वादों पर रहेगा BJP सरकार का फ़ोकस, जानिए कैसे
UP Budget 2023 : योगी ने कहा है कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 और जी-20 की बैठक के बाद 2023-2024 का वार्षिक बजट पेश किया जाएगा और सभी विभाग भविष्य की योजनाओं के अनुसार अपने प्रस्ताव तैयार कर भेजें।

UP Budget 2023 : उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली बीजेपी की सरकार नए बजट के दौरान लोकसंकल्प पत्र में किए गए वादों पर फोकस करेगी। इसको लेकर विभागों को निर्देश जारी किया गया हे। सीएम योगी ने साफ तौर पर कहा है कि मंत्रियों और विभागों को फंड के उपयोग की स्थिति की समीक्षा करनी चाहिए। योगी ने विभागों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि चालू वित्त वर्ष के वार्षिक बजट (2022-2023) में निर्धारित धनराशि का सही उपयोग किया जाए, क्योंकि वित्तीय वर्ष 2022-2023 लगभग दो महीने में समाप्त हो जाएगा।

सांसदों- विधायकों और मंत्रियों को पकड़ाया टास्क
सांसदों और विधायकों के साथ इस महीने की शुरुआत में सभी 18 मंडलों में विकास परियोजनाओं के कार्यान्वयन की समीक्षा करने के बाद योगी ने अपने मंत्रियों, अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के अधिकारियों के साथ बैठक में बजट का खाका तैयार किया था। इसमें विभागवार धन के उपयोग की समीक्षा की गई थी। इसमें योगी ने कहा है कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 और जी-20 की बैठक के बाद 2023-2024 का वार्षिक बजट पेश किया जाएगा और सभी विभाग भविष्य की योजनाओं के अनुसार अपने प्रस्ताव तैयार कर भेजें।

जनता की आकांक्षाओं के अनुरूप होगा नया बजट
योगी ने कहा है कि आगामी बजट प्रदेश की 25 करोड़ जनता की आकांक्षाओं के अनुरूप होगा और लोक कल्याण संकल्प पत्र के संकल्पों को क्रियान्वित किया जाएगा। विभागों को वास्तविक मांग करनी चाहिए और केवल उतनी ही मांग करनी चाहिए, जितनी जरूरत हो। आगामी बजट के लिए प्रावधान तय करते समय चालू वित्त वर्ष में विभाग के प्रदर्शन पर विचार किया जाना चाहिए। विभागीय मंत्री भारत सरकार के मंत्रियों से संवाद करें। सभी विभाग शत प्रतिशत उपयोगिता प्रमाण पत्र भिजवाना सुनिश्चित करें।
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बुनियादी ढ़ांचे के विकास पर फोकस करेगी सरकार
उन्होंने कहा कि होमगार्ड, ग्रामीण विकास, पंचायती राज, कृषि, पशुपालन, सहकारिता, लोक निर्माण विभाग, विकलांग जन अधिकारिता, एमएसएमई, शहरी विकास, वन, व्यावसायिक शिक्षा विभागों को आवंटन के अनुरूप राशि खर्च करने के प्रयास तेज करने होंगे। गांवों में बुनियादी सुविधाओं के विकास में आम आदमी को सहभागी बनाने के लिए मातृभूमि योजना शुरू की जा रही है। बड़ी संख्या में लोग योजना में शामिल हुए थे और अपने पूर्वजों के नाम पर अपने गांवों में भवन, सड़कें, सामुदायिक केंद्र आदि बनवाने की इच्छा जताई थी। अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने का प्रयास किया जाना चाहिए।

योजनाओं के क्रियान्वयन में न हो लापरवाही
योगी ने कहा कि लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ देने और विकलांग, निराश्रित महिलाओं और वृद्धों को पेंशन देने में देरी नहीं होनी चाहिए और छात्रवृत्ति राशि का समय से वितरण किया जाना चाहिए। आगामी दो माह में सभी विधानसभा क्षेत्रों में रोजगार मेले आयोजित कर उद्योग विभाग के सहयोग से कार्ययोजना तैयार की जाये। उपभोक्ताओं को बिजली बिलों के समय पर भुगतान के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। राज्य में नए शहरों की स्थापना पर काम जल्द से जल्द शुरू होना चाहिए, क्योंकि वे आधुनिक शहरी सुविधाओं के मानक स्थापित करेंगे।












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