UP Board Exam 2025: परीक्षा में होगा हेल्थ चेकअप, स्ट्रेस फ्री होंगे छात्र, यूपी बोर्ड के नए नियम जानें!
UP Board Exam 2025: यूपी बोर्ड की परीक्षाएं सोमवार से शुरू हो रही हैं और योगी सरकार ने इस बार परीक्षा को पारदर्शी, सुरक्षित और नकलविहीन बनाने के लिए कमर कस ली है। सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया है और इस बार परीक्षार्थियों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुसार, परीक्षा केंद्रों पर प्राथमिक चिकित्सा की सुविधा के साथ-साथ छात्रों को तनाव मुक्त रखने के लिए मनोचिकित्सकों की भी तैनाती की जाएगी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सभी परीक्षा केंद्रों पर छात्रों को आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर स्वास्थ्य किट और प्राथमिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध रहेंगे। इसके लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ और प्राथमिक चिकित्सा विशेषज्ञों की तैनाती की जाएगी, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में त्वरित सहायता प्रदान की जा सके।
मनोचिकित्सक देंगे सलाह
परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों पर मानसिक दबाव का प्रभाव गंभीर रूप से पड़ सकता है, जिसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर प्रशिक्षित मनोचिकित्सकों की तैनाती का निर्णय लिया है। ये विशेषज्ञ छात्रों को परीक्षा के तनाव, चिंता और अन्य मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं पर मार्गदर्शन देंगे।
महिला परीक्षार्थियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए परीक्षा केंद्रों पर विशेष हेल्प डेस्क की भी व्यवस्था की गई है। यह हेल्प डेस्क छात्राओं की समस्याओं को तत्काल हल करने के लिए तैनात रहेगी। इसके अलावा, महिला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए केंद्रों पर महिला पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की जाएगी।
परीक्षा के लिए कड़े इंतजाम
योगी सरकार ने परीक्षा में नकल रोकने के लिए इस बार सख्त कदम उठाए हैं। परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों की तैनाती की गई है, जिससे कंट्रोल रूम से परीक्षा की लाइव निगरानी की जाएगी। संदिग्ध परीक्षा केंद्रों पर विशेष सतर्कता बरती जाएगी और स्टेटिक मजिस्ट्रेट तथा सेक्टर मजिस्ट्रेट की नियुक्ति की गई है।
सरकार ने इस बार मीडिया प्रतिनिधियों को भी परीक्षा की निगरानी में शामिल करने का फैसला किया है। मीडिया द्वारा लाइव रिपोर्टिंग और कवरेज से परीक्षा केंद्रों पर हो रही गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। इससे नकल जैसी किसी भी अनुचित गतिविधि की तत्काल जानकारी मिल सकेगी और उस पर तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी।
योगी सरकार ने परीक्षा को पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल टेक्नोलॉजी का भी पूरा उपयोग किया है। सभी परीक्षा केंद्रों को "स्ट्रॉन्ग रूम" से जोड़ा गया है, जहां प्रश्न पत्रों की 24×7 निगरानी होगी। इसके अलावा, उत्तर पुस्तिकाओं पर वाटरमार्क और क्यूआर कोड लगाए गए हैं, जिससे किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोका जा सके।
परीक्षा केंद्रों पर निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बिजली विभाग को विशेष निर्देश दिए गए हैं। किसी भी तकनीकी गड़बड़ी से बचने के लिए इंटरनेट कनेक्टिविटी और अन्य डिजिटल सेवाओं की भी विशेष व्यवस्था की गई है।
इस बार की यूपी बोर्ड परीक्षा कई मायनों में अलग होने जा रही है। जहां सरकार नकलविहीन परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठा रही है, वहीं पहली बार परीक्षार्थियों की मानसिक और शारीरिक भलाई को भी प्राथमिकता दी जा रही है। मनोचिकित्सकों की मौजूदगी, मेडिकल हेल्प डेस्क और महिला सुरक्षा जैसी व्यवस्थाएं छात्रों को तनावमुक्त परीक्षा देने में मदद करेंगी।












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