मुसलमानों को टिकट नहीं देने पर ही भाजपा के भीतर दो मत
उत्तर प्रदेश में चुनाव में भाजपा ने किसी भी मुस्लिम उम्मीदवार को टिकट नहीं दिया, पार्टी में नेताओं की राय एक सी नहीं है।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में इस बार भारतीय जनता पार्टी ने एक भी मुस्लिम उम्मीदवार को टिकट नहीं दिया है, जिसके चलते पार्टी पर मुस्लिमों को नजरअंदाज करने का आरोप लग रहा है, लेकिन जिस तरह से हाल ही में पार्टी के सांसद विनय कटियार और केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने जिस तरह से बयान दिए हैं उससे इस बात को और मजबूती मिलती है कि पार्टी के भीतर टिकटों के बंटवारे को लेकर सबकुछ सही नहीं है।

उमा भारती ने हाल में कहा कि भाजपा को मुस्लिम उम्मीदवारों क भी उत्तर प्रदेश में टिकट देना चाहिए था, जब उमा भारती से इस बाबत पूछा गया कि क्यों भाजपा किसी भी मुस्लिम उम्मीदवार को टिकट देने में विफल रही तो उन्होंने कहा कि पार्टी को मुस्लिम उम्मीदवारों को भी टिकट देना चाहिए था। उमा भारती की ही तरह केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने भी कहा था कि हां हमें अधिक मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट देना चाहिए था। राजनाथ सिंह ने कहा था कि इस बार हम अधिक से अधिक महिलाओं को टिकट देना चाहते थे।
हालांकि इन नेताओं से इतर भाजपा में कई नेता ऐसे भी हैं जो इस बात से इत्तेफाक नहीं रखते हैं। भाजपा सांसद विनय कटियार पार्टी के भीतर मुसलमानों को टिकट दिए जाने पर अपनी बेबाक राय रखत हैं और कहते हैं कि पार्टी उन्ही को टिकट देती है जो चुनाव जीत सकते हैं, उदाहरण के तौर पर अयोध्या में कोई भी मुस्लिम उम्मीदवार नहीं जीत सकता है। विनय कटियार ने कहा कि भाजपा सबकी पार्टी है और मुस्लिम इस पार्टी से जुड़ना चाहते हैं या नहीं यह उनकी मर्जी है। कटियार यहां तक कहते हैं कि अयोध्या में शिक्षा, रोजगार राम मंदिर के बिना यह सब बेकार है, वो कहते हैं कि अयोध्या में राम मंदिर बनकर रहेगा।
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