यूपी विधानसभा चुनाव 2017: अखिलेश के सहारे कांग्रेस को मजबूत करने में जुटे राहुल गांधी
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017 में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का भले ही गठबंधन हो गया है। दोनों ही पार्टियों ने सीटों का बंटवारा कर लिया है।
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017 में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का भले ही गठबंधन हो गया है। दोनों ही पार्टियों ने सीटों का बंटवारा कर लिया है। एक तरफ जहां समाजवादी पार्टी 298 सीटों पर चुनाव लड़ेगी तो कांगेस के उम्मीदवार 103 सीटों पर अपनी किस्मत आजमाएंगे। पर चुनावी गठबंधन के इतर कांग्रेस के खेमे में खुशी इस बात की है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017 के चलते एक बार फिर से अपनी खोई हुई जमीन पाने की कोशिश हमारी तरफ से की जा रही हैं।


कांग्रेस अपनी खोई जमीन पाने की उम्मीद जगा रही
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी एक साथ रैलियां और रोड शो करके वोटों को अपने पाले में लाने की कोशिश कर रहे हैं। तो दूसरी तरफ कांग्रेस का खेमा यूपी विधानसभा चुनाव 2017 के साथ-साथ वर्ष 2019 में होने वाले लोकसभा चुनावों के लिए भी अपनी जमीन तैयार करने में जुट गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि यूपी विधानसभा चुनावों में समाजवादी पार्टी को मिलने वाले पिछ़डा वोट बैंक को भी अपने पाले में लाने की कोशिश की जाएगी। क्योंकि यूपी विधानसभा चुनावों में गठबंधन के तहत अधिकतर सुरक्षित सीटें कांग्रेस के पाले में आई हैं। इसलिए सुरक्षित सीटों पर मिलने वाले वोटों को भी वर्ष 2019 तक कांग्रेस अपने पाले में बचाए रखने की कोशिश करेगी।

कम से कम 40 सीटें जीतने की उम्मीद
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का ही मानना है कि बिहार विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने 41 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे और इसमें से 27 उम्मीदवार जीतकर विधानसभा पहुंच गए थे। पर यूपी विधानसभा चुनावों के लिए उनका आकलन है कि कांग्रेस को मिली 105 सीटों में से कम से कम 40 सीटें तो कांग्रेस जीत ही सकती है। उन्होंने कहा कि हम इतनी सीटें चाहते हैं कि उत्तर प्रदेश में सरकार में हम मजबूत स्थिति में रहें। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि हम नहीं चाहते हैं कि सरकार बनने के बाद हमारे साथ महाराष्ट्र में शिवसेना के साथ जैसा व्यवहार हो रहा है, वैसा हो।

अतिंम चार चरणों मे 140 सीटें जीतने की उम्मीद
कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि अगर पहले और दूसरे चरण में गठबंधन आधे से ज्यादा सीटें जीतने में कामयाब हो जाता है तो कोई भी सपा और कांग्रेस की सरकार बनने से नहीं रोक सकता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि अंतिम चार चरणों में होने वाले विधानसभा चुनावों में कुल 194 सीटों में से 140 सीटों पर सरकार जीत सकती है। वहीं तीसरे चरण में सिर्फ भाजपा से ही समाजवादी पार्टी का मुकाबला है तो यहां पर भी अखिलेश का काम कमाल दिखा देगा।

कांग्रेस के उम्मीदवारों ने की अखिलेश की मांग
भले ही अखिलेश यादव के संग राहुल गांधी अलग-अलग जगहों पर चुनाव प्रचार कर रहे हों। पर कांग्रेस के उम्मीदवारों की मांग है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव उनके लिए भी उनकी सीटों पर चुनाव प्रचार करें। कांग्रेस के उम्मीदवारों का यहां तक कहना है कि साफ छवि का अखिलेश यादव के चुनाव प्रचार का सीधे तौर पर मतदाताओं पर असर पड़ेगा। कांग्रेस के नेताओं के मुताबिक उम्मीदवार खुद कह रहे हैं कि भले ही मतदाता दूसरी पार्टी को वोट देता हो, पर वो अखिलेश यादव को पसंद करता है। अगर अखिलेश हमारे लिए चुनाव प्रचार करेंगे तो सीधे तौर पर मतदाता का मन बदलने में बड़ा असर डाल सकते हैं।

अखिलेश की छवि के जरिए उतरेंगे मैदान में
कांग्रेस के नेताओं ने माना कि उत्तर प्रदेश चुनावों में हमारे पास अपनी जड़ें एक बार फिर से जमाने का मौका है। गठबंधन भी इसलिए हुआ है कि अखिलेश अपने किए गए काम का फल पाएं और कांग्रेस फिर से यूपी में जिंदा हो जाए। कांग्रेस के नेता ने यहां तक कहा कि भले ही अखिलेश और राहुल साथ में गठबंधन के लिए चुनाव प्रचार कर रहे हैं। पर कुल मिलाकर चुनाव को अखिलेश के लिए गए काम पर ही लड़ा जा रहा है। क्योंकि जमीन पर काम किया है तो विरोधी भी उसे ठुकरा नहीं सकते हैं। इसका सीधा फायदा अखिलेश की समाजवादी पार्टी और कांगेस दोनों को होगा।












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