प्रथम चरण के मतदान के बाद एकमात्र विकल्प बन कर उभरी भाजपा
आने वाले समय में प्रदेश में बननी वाली सरकार भाजपा की ही होगी क्योंकि प्रदेश की जनता ने भाजपा को ही एक मात्र विकल्प चुना है।
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण के मतदान के बाद भारतीय जनता पार्टी इकलौते विकल्प के रूप में उभरकर सामने आई है। प्रथम चरण के मतदान के पहले असमंजस की स्थिति बनी हुई थी, तीन दलों भाजपा, सपा-कांग्रेस गठबंधन और बसपा के बीच कांटे के टक्कर होने के अनुमान थे लेकिन लगता है कि देश की जनता ने मन बना लिया है कि इस बार प्रदेश में स्थिर सरकार बनाएंगे।
भाजपा की सरकार से ही होगा विकास
प्रथम चरण का मतदान सम्पन्न होने के बाद प्रदेश में चुनावी स्थिति साफ़ होती नजर आ रही है, प्रदेश की जनता ने सपा-कांग्रेस गठबंधन और बसपा को ज्यादा तवज्जो देते हुए, भाजपा को प्राथमिकता देना ज्यादा सही समझा है। शायद जनता को यह लग रहा है कि केंद्र में भाजपा सरकार है और यदि प्रदेश में भी भाजपा की सरकार होगी तो विकास को प्रगति होगी। साथ ही सपा और बसपा की सरकार की असफलताओं और वोट बैंक की राजनीति करने वाले इन दलों को नकार कर प्रदेश की जनता ने एक स्थिर और कार्यशील सरकार बनाने का फैसला किया है।
लगभग 45 सीटें भाजपा के पक्ष में
यही कारण रहा कि प्रथम चरण के मतदान में अधिकतर वोट भाजपा के खाते में जाते दिखाई दिए। पश्चिम उत्तर प्रदेश में 73 सीटों पर हुए मतदान के बाद लगभग 45 सीटें भाजपा के पक्ष में जाती दिख रही हैं। इससे यह साफ़ हो जाता है कि प्रदेश की जनता ने गठबंधन और बसपा को सिरे से नकार दिया है और प्रदेश में भाजपा की स्थिर और कार्यशील सरकार बनाने का फैसला लिया है।
प्रदेश में बननी वाली सरकार भाजपा की ही होगी
इन सब समीकरणों से ये कहना गलत नहीं होगा कि आने वाले समय में प्रदेश में बननी वाली सरकार भाजपा की ही होगी। क्योंकि प्रदेश की जनता ने भाजपा को ही एक मात्र विकल्प चुना है और एकजुट होकर मतदान करने का फैसला किया है। [नमो की लहर का प्रभाव उत्तर प्रदेश पर]













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