पति की हत्या का इंसाफ मांगने गई विधवा से पुलिसवाले ने जबरन बनाए संबंध
उन्नाव। अपने पति के हत्यारों को सजा दिलाने के लिए भटक रही विधवा का हेड कांस्टेबल ने न्याय और मदद का भरोसा दिलाकर कई महीनों तक शारीरिक शोषण किया। इस बीच लगातार वह शादी करने का भरोसा भी देता रहा। जब विधवा ने शादी का दबाव बनाया तो हेड कांस्टेबल अपना ट्रांसफर करवा कर दूसरे थाने में चला गया। इसकी जानकारी होने पर विधवा ने थाने में जाकर अपनी आपबीती सुनाई। लेकिन एक लंबा अरसा बीत जाने के बाद भी विधवा महिला को न्याय नहीं मिला और आज भी वह दर-दर की ठोकरें खा रही है। जबकि हेड कॉन्स्टेबल रिटायरमेंट की कगार पर पहुंच चुका है और उसने अपना ट्रांसफर लखीमपुर खीरी करा लिया है। पीड़ित महिला के अनुसार दरोगा ने हर कदम पर उसे धोखा दिया है। अब उसके सामने आत्महत्या के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है।

छेड़खानी का विरोध करने पर कहा मैं तुमसे शादी करूंगा
घटना की शुरुआत 21 अप्रैल 2016 को हुई थी जब सुशीला देवी रैदास निवासी बेजुबा मऊ शुक्ला खेड़ा थाना बिहार के पति गंगाराम का शव बीघापुर रेलवे स्टेशन स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर मिला था। दोनों पति-पत्नी बीघापुर तहसील में टाइपिस्ट का काम करते थे। पुलिस पुलिस अधीक्षक कार्यालय में बयान दर्ज कराने आई सुशीला देवी ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने बिहार थाना में तहरीर देकर चार लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बीघापुर तहसील में टाइपिंग कार्य के दौरान बिहार थाने में तैनात हेड कॉन्सटेबल राजेश्वर राव अंबेडकर पुत्र रामजीत निवासी कसहा दिबियापुर जिला औरैया से मुलाकात हुई। राजेश्वर राम ने अपने विषय में जानकारी देते हुए बताया कि तुम्हारे पति की हत्या हुई है। पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करेगी क्योंकि उसने पैसा खा लिया है। मैं तुम्हारी मदद करूंगा। मदद के नाम पर राजेश्वर राव अंबेडकर उसे लेकर लखनऊ गया। जहां गाड़ी पर उसने उसके साथ छेड़खानी की। विरोध करने पर राजेश्वर राव ने कहा कि मेरी पत्नी नहीं है मैं तुमसे शादी करना चाहता हूं।

4 महीने तक चलता रहा यही क्रम
उपरोक्त घटना के तीन-चार दिन बाद राजेश्वर राव घर आया। उस समय बच्चे स्कूल गए थे राजेश्वर राव ने शादी का झांसा देकर उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध स्थापित किया। जिसके बाद लगातार हुआ घर आता रहा। लगभग 4 महीने तक इसी प्रकार क्रम चलता रहा। इस बीच उसने कई बार शादी के लिए कहा तो आजकल करके टालता रहा। राजेश्वर राव इसी बीच अपना स्थानांतरण करवा कर फतेहपुर 84 थाना चला गया। जब काफी दिनों तक वह नहीं आया तो उसने इस विषय में बिहार थाना थानाध्यक्ष से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि वह बहुत दोगला व्यक्ति है। उसकी जाल में तुम्हारी जैसी कई लड़कियां फंसी हैं।

अनुसूचित जाति आयोग में भी दर्ज की शिकायत
महिला ने इस मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग व पुलिस उप महानिरिक्षक को पत्र लिखकर राजेश्वर राव के खिलाफ दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए मुकदमा पंजीकृत करने की मांग की। जांच के बाद पुलिस उपमहानिरीक्षक ने बिहार थानाध्यक्ष को मुकदमा पंजीकृत करने का आदेश दिया। जिसका आदेश जारी होने पर थानाध्यक्ष बिहार ने राजेश्वर राव को बचाने का काम किया और स्टांप पेपर पर दोनों की फोटो लगाकर नोटरी में उसकी शादी करवा दी। इसके बाद राजेश्वर राव उसे लेकर सरकारी आवास फतेहपुर 84 में रहने लगे।












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