Unnao Rape Case: दिल्ली HC ने Kuldeep Singh Sengar से मांगा जवाब, कस्टोडियल डेथ में मौत की सजा की मांग
Unnao Rape Case Update: दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार (19 फरवरी 2026) को उन्नाव रेप सर्वाइवर की उस अर्जी पर पूर्व बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और अन्य दोषियों से जवाब मांगा है, जिसमें उन्होंने सर्वाइवर के पिता की कस्टोडियल मौत के मामले में 10 साल की सजा को बढ़ाकर मौत की सजा देने की मांग की है।
जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर डुडेजा की बेंच ने सर्वाइवर की अर्जी पर नोटिस जारी किया। इसमें 2020 के ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील दाखिल करने में 1940 दिनों से ज्यादा की देरी को माफ करने की भी गुजारिश की गई है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पहले अपील की मेंटेनेबिलिटी (स्वीकार्यता) पर फैसला होगा।

सर्वाइवर की मुख्य मांग क्या है?
सर्वाइवर ने अपनी अपील में दावा किया है कि कुलदीप सिंह सेंगर और अन्य दोषियों को आईपीसी की धारा 302 (हत्या) के तहत दोषी ठहराया जाना चाहिए, न कि धारा 304 (गैर-इरादतन हत्या) के तहत। उन्होंने मौत की सजा की मांग की है और ट्रायल कोर्ट के फैसले में संशोधन की गुजारिश की है। सीबीआई के वकील ने कहा कि अपील में मुख्य पक्ष सेंगर और अन्य दोषी हैं, इसलिए एजेंसी को कोई आपत्ति नहीं है।
Unnao Kuldeep Singh Sengar Case Story: उन्नाव केस की पूरी कहानी
- 2017 में नाबालिग लड़की के साथ कुलदीप सिंह सेंगर पर रेप का आरोप लगा।
- 20 दिसंबर 2019 को उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई (रेप केस में)।
- सर्वाइवर के पिता को 9 अप्रैल 2018 को हिरासत में लिया गया था (आर्म्स एक्ट के तहत)। पुलिस की कथित क्रूरता से उनकी मौत हो गई।
- 13 मार्च 2020 को ट्रायल कोर्ट ने कुलदीप सेंगर, उनके भाई जयदीप सिंह उर्फ अतुल और अन्य को धारा 304 के तहत गैर-इरादतन हत्या का दोषी ठहराया। उन्हें 10 साल की कड़ी कैद और 10 लाख रुपये जुर्माना हुआ। कोर्ट ने कहा कि परिवार के इकलौते कमाने वाले की मौत पर कोई नरमी नहीं बरती जा सकती, लेकिन हत्या का इरादा साबित नहीं हुआ।
- यह मामला सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर उत्तर प्रदेश से दिल्ली ट्रांसफर किया गया था (1 अगस्त 2019)।
Kuldeep Singh Sengar Case Full Update: हालिया अपडेट्स और सुप्रीम कोर्ट का रुख क्या?
9 फरवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने कुलदीप सेंगर की जमानत याचिका खारिज कर दी थी, लेकिन दिल्ली हाई कोर्ट से कहा था कि उनकी अपील (सजा के खिलाफ) पर बिना देरी के सुनवाई हो और तीन महीने में फैसला हो। टॉप कोर्ट ने सर्वाइवर की सजा बढ़ाने वाली अपील पर भी फैसला करने को कहा था। अभी कुलदीप सेंगर रेप केस में उम्रकैद काट रहे हैं और कस्टोडियल डेथ केस में 10 साल की सजा भुगत रहे हैं। उनकी अपीलें हाई कोर्ट में लंबित हैं।
यह मामला न्याय की मांग और कानूनी प्रक्रिया की जटिलताओं को उजागर करता है। सर्वाइवर की मांग पर आगे क्या फैसला होता है, यह देखना बाकी है। मामले की अगली सुनवाई के लिए कोर्ट ने सभी पक्षों को नोटिस जारी किया है।












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