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Unnao Case: एक रेप केस,कई मौतें–पिता से चाची-मौसी तक कैसे उजड़ा परिवार, किन-किन मामलों में दोषी कुलदीप सेंगर

Unnao Rape Case Update: उन्नाव रेप केस एक बार फिर सुर्खियों में है। वजह है दिल्ली हाई कोर्ट का वह फैसला, जिसमें 23 दिसंबर को पूर्व बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की उम्रकैद की सजा को निलंबित करते हुए उन्हें जमानत दी गई। साल 2017 में नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार का यह मामला पूरे देश को झकझोर देने वाला था। सेंगर को 2019 में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी, लेकिन जमानत के बाद पीड़िता और उसका परिवार फिर डर और अनिश्चितता के साये में आ गया है। हालांकि कुलदीप सिंह सेंगर अभी जेल से बाहर नहीं आएगा, वो अन्य मामले में भी दोषी हैं।

इस केस की सबसे भयावह सच्चाई यह है कि पीड़िता के अलावा, जांच और कानूनी लड़ाई के दौरान उससे जुड़े कई लोगों की मौत हो चुकी है। पिता, चाची-मौसी, गवाह और यहां तक कि केस लड़ने वाले वकील तक इस कहानी का हिस्सा नहीं रहे। यही वजह है कि उन्नाव रेप केस को सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि मौतों की एक डरावनी श्रृंखला के तौर पर देखा जाता है। आइए जानें किन परिस्थितियों में इनकी मौत हुई है।

Unnao Rape Case Update

🟡 पिता की हिरासत में मौत, जिसने देश को हिला दिया

पीड़िता के पिता की मौत इस केस का सबसे दर्दनाक मोड़ थी। 3 अप्रैल 2018 को उनके साथ मारपीट हुई और बाद में उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया गया। 5 अप्रैल को उन्हें जेल भेज दिया गया। पिता लगातार यह कहते रहे कि उन्हें झूठे केस में फंसाया जा रहा है और शिकायत वापस लेने का दबाव डाला जा रहा है।

8 अप्रैल 2018 को पीड़िता ने कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री आवास के बाहर आत्मदाह की कोशिश की। अगले ही दिन 9 अप्रैल को उसके पिता की हिरासत में मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उनके शरीर पर 14 से ज्यादा गंभीर चोटों के निशान पाए गए। पीड़िता का आरोप था कि कुलदीप सेंगर के इशारे पर पुलिस और उसके समर्थकों ने उसके पिता को इतना पीटा कि उनकी जान चली गई। 10 अप्रैल 2018 को पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आया, जिसमें पीड़िता के पिता के शरीर पर 14 गंभीर चोटों के निशान थे।

Unnao Rape Case Update

🟡 चाची और मौसी की सड़क हादसे में मौत

पिता की मौत के बाद मामला सीबीआई को सौंपा गया। 12 अप्रैल 2018 को सीबीआई ने कुलदीप सिंह सेंगर को रेप का आरोपी बनाया और गिरफ्तार किया। 13 जुलाई 2018 को चार्जशीट में पिता को फंसाने की साजिश का भी खुलासा हुआ, जिसमें कुलदीप सिंह सेंगर, उसके भाई और कुछ पुलिसकर्मियों के नाम सामने आए।

28 जुलाई 2018 को पीड़िता गवाही देने जा रही थी। उसके साथ कार में उसकी चाची, मौसी और वकील मौजूद थे। रायबरेली के पास सामने से आए एक ट्रक ने कार को जोरदार टक्कर मार दी। गाड़ी के परखच्चे उड़ गए। मौके पर ही चाची और मौसी की मौत हो गई, जबकि पीड़िता और उसका वकील गंभीर रूप से घायल हो गए। जिस ट्रक ने टक्कर मारी थी, उसकी नंबर प्लेट पर कालिख लगी हुई थी, जिससे शक और गहरा गया।

इस हादसे के बाद पूरे देश में आक्रोश फैल गया। सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया और केस को दिल्ली ट्रांसफर कर दिया। पीड़िता को सीआरपीएफ की सुरक्षा मिली और दिल्ली में दो कमरों का फ्लैट दिया गया।

🟡 गवाह यूनुस की रहस्यमयी मौत

इस केस में एक अहम गवाह यूनुस भी थे, जिनकी मौत ने कई सवाल खड़े किए। अगस्त 2018 में उनकी मौत हो गई। पुलिस और डॉक्टरों के मुताबिक यूनुस लिवर सिरोसिस से पीड़ित थे और लंबे समय से इलाज चल रहा था। हालांकि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उनका शव कब्र से निकालकर पोस्टमॉर्टम कराया गया। अधिकारियों का कहना था कि मौत बीमारी की वजह से हुई, लेकिन पीड़िता के परिवार और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसे भी संदिग्ध माना।

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🟡 केस लड़ने वाले वकील की भी गई जान

पीड़िता के लिए न्याय की लड़ाई लड़ने वाले वकील महेंद्र सिंह की मौत ने इस केस को और भयावह बना दिया। 2019 में रायबरेली में एक सड़क हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। करीब 16 महीने तक कोमा में रहने के बाद 2020 में उनकी मौत हो गई। बताया जाता है कि जिस हादसे में चाची-मौसी की जान गई थी, उसी दौरान वकील भी बुरी तरह घायल हुए थे। धीरे-धीरे उन्होंने दम तोड़ दिया।

🟡 कुलदीप सिंह सेंगर किन-किन मामलों में दोषी

कुलदीप सिंह सेंगर को 2019 में नाबालिग से बलात्कार के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। इसके अलावा, पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत के मामले में भी उन्हें दोषी ठहराया गया और 2020 में 10 साल की सजा सुनाई गई। सड़क हादसे, गवाहों को डराने और अन्य मामलों में भी उनके खिलाफ केस चले।

हालांकि हालिया आदेश में दिल्ली हाई कोर्ट ने रेप केस में उनकी सजा को निलंबित करते हुए जमानत दी है, लेकिन पिता की हत्या से जुड़े मामले में सजा के कारण वह अभी जेल से बाहर नहीं आ पाए हैं।

🟡 Unnao Rape Case Timeline: उन्नाव रेप केस में कब, क्या और कैसे हुआ - पूरा घटनाक्रम

• 4 जून 2017: पीड़िता नौकरी की मांग को लेकर तत्कालीन विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के पास पहुंची। आरोप है कि उसी दिन विधायक के आवास पर उसके साथ बलात्कार किया गया।

• 11 जून 2017: पीड़िता अचानक लापता हो गई। परिवार ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।

• 20 जून 2017: तलाश के दौरान पीड़िता उन्नाव के पास एक गांव से बरामद की गई। पुलिस उसे वापस उन्नाव लेकर आई।

• 3 जुलाई 2017: करीब दस दिन बाद पीड़िता को उसके परिवार के सुपुर्द किया गया।

• 3 जुलाई 2017: पीड़िता ने कुलदीप सिंह सेंगर और उसके भाई अतुल सिंह के खिलाफ रेप का मुकदमा दर्ज करने की मांग उठाई।

• 24 फरवरी 2018: पीड़िता की मां मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) कोर्ट पहुंचीं और एफआईआर दर्ज कराने की गुहार लगाई।

• 3 अप्रैल 2018: कोर्ट ने पीड़िता की मां की याचिका पर सुनवाई की।

• 3 अप्रैल 2018: इसी दिन पीड़िता के पिता के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई और बाद में उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया गया।

• 5 अप्रैल 2018: पीड़िता के पिता को जेल भेज दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें झूठे मामले में फंसाया जा रहा है।

• 8 अप्रैल 2018: पीड़िता ने मुख्यमंत्री आवास के बाहर आत्मदाह की कोशिश की और विधायक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग दोहराई।

• 9 अप्रैल 2018: पीड़िता के पिता की मौत हो गई। हिरासत में मौत के मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया।

• 10 अप्रैल 2018: पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि पीड़िता के पिता के शरीर पर 14 गंभीर चोटों के निशान थे।

• 12 अप्रैल 2018: उन्नाव रेप केस की जांच सीबीआई को सौंप दी गई और कुलदीप सिंह सेंगर को आधिकारिक तौर पर आरोपी बनाया गया।

• 13 अप्रैल 2018: सीबीआई ने तड़के चार बजे कुलदीप सिंह सेंगर से पूछताछ की और बाद में उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

• 11 जुलाई 2018: सीबीआई ने मामले में पहली चार्जशीट दाखिल की, जिसमें कुलदीप सिंह सेंगर का नाम शामिल था।

• 13 जुलाई 2018: दूसरी चार्जशीट दाखिल हुई। इसमें पीड़िता के पिता को झूठे केस में फंसाने के आरोप में कुलदीप, उसके भाई अतुल और कुछ पुलिसकर्मियों के नाम जोड़े गए।

• 4 जुलाई 2019: पीड़िता के चाचा को 19 साल पुराने एक मामले में कोर्ट ने 10 साल की सजा सुनाई।

• 28 जुलाई 2019: पीड़िता अपनी चाची, मौसी और वकील के साथ रायबरेली जा रही थी। रास्ते में उनकी कार को एक ट्रक ने टक्कर मार दी। हादसे में चाची और मौसी की मौके पर ही मौत हो गई।

• 29 जुलाई 2019: सड़क हादसे के मामले में कुलदीप सिंह सेंगर, उसके भाई मनोज सिंह सेंगर, विनीत मिश्रा समेत 15-20 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया।

• 14 अगस्त 2019: पीड़िता के पिता की मौत के मामले में कुलदीप सिंह सेंगर समेत 10 आरोपियों पर कोर्ट ने आरोप तय किए।

• 11 अक्टूबर 2019: पीड़िता की कार पर हमले के केस में सीबीआई ने कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।

• 16 दिसंबर 2019: कोर्ट ने कुलदीप सिंह सेंगर को अपहरण और बलात्कार के मामले में दोषी करार दिया।

• 23 दिसंबर 2025: दिल्ली हाई कोर्ट ने 23 दिसंबर को पूर्व बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को बड़ी राहत देते हुए उनकी सजा पर रोक लगा दी और उन्हें जमानत मंजूर कर ली। कुलदीप सिंह सेंगर को साल 2019 में एक नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार के मामले में उम्र कैद की सजा सुनाई गई थी।

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