PICS: दो गुटों में अपनी पार्टी के समर्थन को लेकर जंग, 5 लोगों की मौत
सफारी सवार 6 लोगों में से 5 लोगों को पहले लाठी डंडों से पीटा और फिर फायरिंग कर दी। जिसमें तीन की मौके पर ही मौत हो गई, वहीं दो लोग गाड़ी में बैठे ही थे की गांव वालों ने गाड़ी को आग के हवाले कर दिया।
रायबरेली। रायबरेली के ऊंचाहार कोतवाली क्षेत्र में प्रशासन की नाकामी एक बार फिर सामने आई है। ऊंचाहार कोतवाली क्षेत्र के अपटा गांव में दो गुटों में मामूली कहा सुनी से शुरू हुए विवाद में 5 की जान चली गई और 2 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। वर्चस्व की इस जंग में मृतकों में दो की शिनाख्त हो गई है बाकी के लिए पुलिस प्रयास कर रही है। साथ ही आरोपी प्रधान के बेटे को पुलिस ने हिरासत में ले लिए है। मामले की गंभीरता देखते हुए कई थानों की फोर्स और पीएसी तैनात कर दी गई है। वहीं घटना स्थल पर पहुंचे मीडिया कर्मियों को पुलिस ने कवरेज करने से ही रोक दिया।

दरअसल ऊंचाहार के अपटा गांव में प्रधानी के चुनाव से शुरू हुई रंजिश का खेल सीधे सत्तासीन भाजपा और विपक्ष की सपा के वर्चस्व की लड़ाई में कब बदल गया इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। सूत्रों की माने तो प्रधान भाजपा समर्थक है, विधान सभा चुनाव में उन्होंने भाजपा प्रत्याशी उत्कृष्ट मौर्य (जो कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद के बेटे हैं) का खुलकर समर्थन किया लेकिन वो चुनाव हार गए और यहां से विधायक सपा के मनोज पांडे चुनाव जीत गए और इस चुनावी रंजिश में कई बार दोनों ने एक दूसरे के खिलाफ अपने लोगों को थाने से लेकर जिलाधिकारी तक शिकायतें करवाई लेकिन प्रशासन ने इसे हमेशा हाई प्रोफाइल मामला मानते हुए ठंडे बस्ते में डाल दिया। जिसके परिणाम स्वरूप सोमवार की रात इतनी बड़ी घटना घट गई। घटना सोमवार की रात की है जब सफारी सवार मनीष मिश्र (पूर्व कैबिनेट मंत्री और वर्तमान सपा विधायक मनोज पांडेय का करीबी) अपने 5 साथियों के साथ गांव के पास पहुंचा और मौजूदा प्रधानपुत्र राजा यादव से बहस करने लगा। जिसमें मामला बढ़ता देख वहां मौजूद लोगों ने ऊंचाहार थाने फोन कर के सूचना भी दी लेकिन मामले को हल्का समझ कर मौजूदा कोतवाल ने वहां जाने की जहमत नहीं उठाई और देखते-देखते मामला बढ़ता चला गया। दोनों पक्षों की ये कहासुनी बढ़ते-बढ़ते हाथापाई और फिर गोलीबारी में बदल गई।



प्रधान पुत्रों के साथ गांव वालों ने हमला करने आए सफारी सवार 6 लोगों में से 5 लोगों को पहले लाठी डंडों से पीटा और फिर फायरिंग कर दी। जिसमें तीन की मौके पर ही मौत हो गई, वहीं दो लोग गाड़ी में बैठे ही थे की गांव वालों ने गाड़ी को आग के हवाले कर दिया। जिससे उनकी जिंदा जलने से मौत हो गई। घटना के घंटों बाद मौके पर पुलिस का पहुंचना और अपनी फजीहत बचाने के लिए मीडिया को कवरेज से रोकना उनकी खीज और नाकामी को ही प्रदर्शित करता है। अगर ये ही हालात रहे तो तमाशा बन चुकी जिले की कानून व्यवस्था योगी सरकार का प्रदेश की जनता के साथ सबसे बड़ा मजाक साबित होगी। घटना की सूचना जैसी ही प्रदेश के आला हकीमों को लगी तो उनके भी हाथ पांव फूल गए। एडीजी जोन अभयप्रसाद व आईजी रेंज जयनारायन सिंह घटना स्थल पर पहुंचे और घटना का जायजा लिया। इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी कोई भी अधिकारी कुछ भी बोलने से कतरा रहा है क्योंकी एक पक्ष से सत्ताधारी कैबिनेट मंत्री के समर्थक हैं तो दूसरे पक्ष से मौजूद सपा विधायक व पूर्व कैबिनेट मंत्री के समर्थके हैं।












Click it and Unblock the Notifications