BJP का खेल खराब करने की कोशिश, गांवों की बजाए शहरी सीटों पर AAP का फोकस: चाणक्य विचार सम्मेलन कराने की तैयारी
लखनऊ, 18 सितम्बर: उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सबसे ज्यादा चर्चा में ब्राह्मण समुदाय ही है। अगले चुनाव में इस समुदाय को साधने के लिए सभी राजनीतिक दलों ने अपनी ताकत लगा दी है। समाजवादी पार्टी (SP), बहुजन समाज पार्टी (BSP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की तरफ से अलग अलग नाम से सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर पिछले साढ़े चार साल में ब्राह्मणों पर हो रहे अत्याचार और शोषण के आरोपों को लेकर योगी सरकार को घेरने वाली आम आदमी पार्टी (AAP) भी पूरे प्रदेश में चाणक्य विचार सम्मेलन का आयोजित कर सारे विपक्षी दलों का खेल बिगाड़ने की कोशिश में लगी हुई है।

आम आदमी पार्टी (आप), जो अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए उत्तर प्रदेश में पैठ बनाने की कोशिश कर रही है। बीजेपी का खेल खराब करने में जुटी आप ने मंगलवार को अयोध्या में अपनी 'तिरंगा यात्रा' शुरू की थी। आप की तरफ से अगले महीने से शुरू होने वाले 'चाणक्य सम्मेलन' का खाका भी तैयार किया जा रहा है। इससे पहले आप नेता और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने पार्टी के यूपी प्रभारी संजय सिंह के साथ यात्रा की शुरुआत की। दोनों नेता सोमवार को अयोध्या में राम जन्मभूमि और हनुमानगढ़ी मंदिर गए थे, जहां उन्हें हनुमान चालीसा का पाठ करते देखा गया था।
बीजेपी का खेल खराब करने की रणनीति
AAP के एक पदाधिकारी कहते हैं कि, "पहले हमने केवल नोएडा और लखनऊ और अयोध्या में तिरंगा यात्रा करने की योजना बनाई थी, लेकिन अब यह अगले दो महीनों में सभी जिलों में आयोजित की जाएगी। इस यात्रा के दौरान हम देशभक्ति के गीत और नारे बजाएंगे। तिरंगा यात्रा और अयोध्या में मंदिरों का दौरा राज्य में सत्ताधारी पार्टी भाजपा का मुकाबला करने की पार्टी की योजना का हिस्सा है। पार्टी पदाधिकारी ने कहा, "मैं दावा नहीं कर सकता कि हम कितनी सीटें जीतेंगे, लेकिन हम शहरी सीटों पर कुछ पार्टियों, खासकर बीजेपी का खेल खराब कर सकते हैं।"

सपा-बसपा और भाजपा भी ब्राह्मणों को साधने की कोशिश में
ब्राह्मणों को लुभाने की कोशिश में भाजपा और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) 'जन सम्मेलन यात्रा' का आयोजन कर रहे हैं, जबकि समाजवादी पार्टी (सपा) एक 'शिव सेवक सम्मेलन' कर रही है। भाजपा पर हमला करते हुए आप नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि, 'आप का सच्चा राष्ट्रवाद भाजपा के नकली राष्ट्रवाद को हरा देगा। आप की तिरंगा यात्रा को हर तरफ जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है। अयोध्या के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। यात्रा का उद्देश्य राज्य में विकास और ईमानदारी की नई राजनीति लाना होगा।''
चाणक्य विचार सम्मेलन आयोजित करेगी आप
आम आदमी पार्टी 'चाणक्य विचार सम्मेलन' आयोजित करने की भी योजना बना रही है। यह सम्मेलन 3 अक्टूबर से शुरू होंगे। पहला सम्मेलन लखनऊ में होगा। आप के एक नेता ने कहा कि लखनऊ के अलावा प्रयागराज, मेरठ, आगरा, गाजियाबाद, कानपुर, गोरखपुर और कई अन्य जिलों में भी सम्मेलन होंगे। भले ही भाजपा, बसपा और सपा ब्राह्मणों का समर्थन हासिल करने के लिए 'प्रबुद्ध सम्मेलन' आयोजित कर रहे हैं, आप नेता ने कहा कि यह उनकी पार्टी थी जिसने राज्य में ब्राह्मणों पर अत्याचार के खिलाफ सबसे पहले आवाज उठाई थी।

आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता वैभव माहेश्वरी कहते हैं कि,
''आम आदमी पार्टी अपने चाणक्य सम्मलेन के जरिये समाज के उन लोगों से संवाद कायम करेगी जो अपनी बौद्धिक क्षमता और राजनीतिक सामाजिक समझ से जनता को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। चाणक्य राजनीति, कूटनीति और राजधर्म कैसा हो, इसके पर्याय हैं। आज उत्तरप्रदेश में जाति, धर्म, नफ़रत की मुद्दे पर लोगों को बांटने का काम किया जा रहा है, चाणक्य की नीतियां इसके बिल्कुल खिलाफ हैं। उसमें सच्चे राजधर्म और कर्तव्यों की बात कही जाती है। जहां मौजूदा सत्ता लोगों को बांटने में लगी है, वहां चाणक्य के सूत्रों के जरिये लोगों को जोड़ कर आम आदमी पार्टी लोगों को मूल मुद्दों की राजनीति से जोड़ने का काम करेगी। इसलिए ये सम्मेलन किये जा रहे हैं।''
लोकसभा चुनाव और निकाय चुनाव में किस्मत आजमा चुकी है आप
2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान, AAP ने 77 सीटों पर चुनाव लड़ा और 76 पर अपनी जमानत खो दी। पार्टी ने तब 2017 के स्थानीय निकाय चुनाव लड़ा जब उसने 3,400 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा। वह 44 सीटें जीतने में सफल रही और पांचवें स्थान पर रही। 2019 के लोकसभा चुनाव में, पार्टी अपना खाता खोलने में विफल रही और उसके सभी उम्मीदवारों की जमा राशि चली गई।

अगला विधानसभा चुनाव अकेले लड़ने का फैसला
हालांकि 2022 के विधानसभा चुनाव में आप ने सभी सीटों पर अकेले लड़ने का फैसला किया है। इससे पहले, ओपी राजभर के भागीदारी संकल्प मोर्चा के साथ आप की बातचीत की खबरें आई थीं। संजय सिंह ने जुलाई में सपा प्रमुख अखिलेश यादव से भी मुलाकात की थी, जिससे संभावित गठजोड़ की चर्चा हुई थी। इस बीच आप ने सभी राजनीतिक दलों को पीछे छोड़ते हुए 100 सीटों पर संभावित उम्मीदवारों की लिस्ट भी जारी कर दी है।
आम आदमी पार्टी के प्रोफेसनल विंग के प्रदेश अध्यक्ष और चाणक्य विचार सम्मेलनों की कमान संभाल रहे हरिशंकर पाडेंय कहते हैं कि,
'' उत्तर प्रदेश में तीन अक्टूबर को लखनऊ में चाणक्य विचार सम्मेलन का पहला कार्यक्रम किया जाएगा। पार्टी की योजना के अनुसार पूरे प्रदेश के सभी 18 मंडल में यह कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। चाणक्य विचार सम्मेलन को किसी जातीय सम्मेलन से जोड़ना ठीक नहीं होगा। चाणक्य एक ऐसे शख्स थे जिन्होंने अत्याचारी शासक के खिलाफ आवाज उठाई थी। उसी तरह पार्टी भी इस सरकार के अत्याचारों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करने के लिए इसका आयोजन करेंगे। उम्मीद है कि हर समाज और तबके के लोग इससे जुडे़ंगे।''












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