लखीमपुर खीरी कांड को गांव गांव पहुंचाएगी सपा, 12 अक्टूबर से विजय यात्रा पर निकलेंगे अखिलेश यादव
लखनऊ, 05 अक्टूबर: किसान आंदोलन तो पिछले लगभग दस महीने से चल रहा है लेकिन उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी कांड में आइ लोगों के मारे जाने के बाद अब यूपी की सियासत गरमा गई है। इस घटना के बाद राजनीतिक दलों में उबाल देखा जा रहा है। इसकी एक वजह यह भी है कि अगले साल की शुरुआत में यूपी में चुनाव होने वाले हैं और हर राजनीतिक दल अपने आपको को जनता से जुड़ाव दिखाना चाहता है। इसी को ध्यान में रखते हुए सपा के चीफ अखिलेश यादव ने नया प्लान तैयार किया है जिसके तहत अब किसानों की अस्मिता से जोड़कर ऐसे कार्यक्रम गांव गांव चलाए जाएंगे जिससे सपा का किसानों और युवाओं के साथ कनेक्ट हो सके। सूत्रों के अनुसार अखिलेश यादव भी जल्द ही विजय यात्रा पर निकलने की प्लानिंग कर रहे हैं।
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सपा के प्रदेश पदाधिकारी का दावा है कि पार्टी के नेता पश्चिम में चल रहे किसान आंदोलन और पूरब में उभ्भा कांड जैसी घटनाओं के जरिए किसानों को लामबंद करते रहे हैं। ऐसे में रविवार को हुई लखीमपुर की घटना के बाद एक बड़ा मुद्दा मिल गया है। लखीमपुर की घटना हर किसान को जोड़ती है। सपा का प्रतिनिधि मंडल पूरे प्रकरण की जांच कर हकीकत उजागर करेगा। जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करके भाजपा की घेराबंदी की जाएगी।
जांच रिपोर्ट आने के बाद जिलों में निकाली जाएगी यात्रा
जांच रिपोर्ट आने से पहले प्रदेश के विभिन्न जिलों में किसानों के साथ हो रहीं घटनाओं का ब्योरा तैयार किया जा रहा है। प्रदेश स्तर पर सूची तैयार होगी, जबकि जिलों में स्थानीय स्तर की घटनाओं को शामिल कर जनता तक पहुंचाया जाएगा। बताया जा रहा है कि जिला कमेटियों को कहा गया है कि पुलिस उत्पीड़न, हिरासत में मौत, पुलिस की गोली लगने से हुई मौत जैसी घटनाओं को चिन्हित किया जाए ताकि यात्राओं के दौरान इसको शामिल किया जा सके।

चुनाव तक इस लखीमपुर कांड को गरमाने की कोशिश
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में राजनीति विज्ञान विभाग के पूर्व प्रमुख प्रोफेसर एसके शर्मा ने कहा कि लखीमपुर खीरी का मुद्दा विधानसभा चुनाव तक राजनीति का केंद्र बिंदु बना रहेगा। लखीमपुर खीरी में किसानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के परिणामस्वरूप आठ लोगों की मौत हो गई, विपक्ष को उत्तर प्रदेश सरकार पर अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक गर्मी बनाए रखने का काम करना है।
शर्मा ने कहा कि,
"विपक्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में लखीमपुर खीरी मुद्दे का फायदा उठाने की कोशिश करेगा। यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना राज्य के चुनाव मोड में आने से पहले की है। यूपी एक सियासी युद्ध का मैदान बन गया है, जिसमें सभी दलों के नेता लखीमपुर कांड को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर हमला कर रहे हैं और हिंसा से प्रभावित परिवारों से मिलने के लिए मौके पर पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं।''












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