भाई को न्याय दिलाने के लिए बहन ने शुरू की पदयात्रा, CM योगी से मिलकर सुनाएगी अपना दर्द
आदमी जब सिस्टम से हारता है तो न जाने क्या क्या करता है। कुछ ऐसी ही कहानी है गाजियाबाद की रहनी वाली अरुणा त्यागी की।
बरेली। आदमी जब सिस्टम से हारता है तो न जाने क्या क्या करता है। कुछ ऐसी ही कहानी है गाजियाबाद की रहनी वाली अरुणा त्यागी की। अरुणा ने अपने भाई के हत्यारों की सजा दिलवाने के लिए पदयात्रा कर रही है। वह जल्द लखनऊ पहुंचकर सीएम योगी से मिलकर पुलिसिया जुल्म की सच्ची कहानी सुनायेगी साथ वह अपने परिवार के न्याय भी मांगेगी।

अरुणा पिछले आठ दिनों से लगातार अपने बेटे अंकित के साथ पदयात्रा कर रही है। आज जैसे ही वह बरेली पहुंची तो उनके क़दमों ने मीडिया का ध्यान अपनी और खींच लिया। अरुणा के अनुसार वह अपने पुलिसिया जुल्म की शिकार है वह अपने भाई के हत्यारों के लिए सजा दिलवाना चाहती है लेकिन पुलिस उनकी एक भी बात सुनने को तैयार नहीं है।
क्या है मामला
मामला गाजियाबाद के थाना क्षेत्र निवाड़ी के गाँव खिदौड़ा का है जहां 22 मई को अरुणा के भाई प्रवीन त्यागी की हत्या कर दी गई थी। मृतक की बहन अरुणा त्यागी का आरोप है कि पुलिस ने पूरे मामले में खेलकर कातिलों को बचा लिया। अरुणा ने पुलिस को अपने भाई के हत्यारों के बारे में जानकारी दी लेकिन पुलिस ने एक नहीं सुनी। उल्टे अरुणा से भाई के कातिलों को पकड़ने के लिए 10 लाख रुपए की मांग कर दी।

अरुणा इसी बात से आजिज होकर अपनी मुहीम शुरू कर दी है। अरुणा को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री योगी उनकी बातों को सुनेंगे और उन्हें इंसाफ दिलाएंगे। लेकिन अरुणा की इस मुहीम से यह भी सवाल उठता है क्या जनता की सेवा में तैनात नौकरशाहों को इतनी फुर्सत नहीं है वह पीड़ित परिवार को न्याय का दिला सके। आखिर कब तक लोग अपनी परेशानी लेकर सूबे के मुख्यमंत्री के पास जाते रहेंगे।












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