राम मंदिर दर्शन करने वाले अब सरयू नदी पर लेंगे रिवरफ्रंट पर सैर का आनंद, जानिए सरकार का गेम प्लान

लखनऊ, 9 मई 2022 : उत्तर प्रदेश में राम की नगरी अयोध्या में इस समय मंदिर निर्माण का काम जोरों पर चल रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि 2024 की शुरुआत में इस मंदिर का उद्घाटन हो सकेगा और इसे भक्तों के लिए खोल दिया जाएगा। लेकिन इस बीच योगी सरकार अयोध्या की ब्रांडिंग करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है। सीएम योगी ने अपने अयोध्या दौरे के दौरान 19 हजार करोड़ की परियोजनाओं की समीक्षा की थी। सरकार ने अब तय किया है कि भविष्य में अयोध्या में राम मंदिर के दर्शन करने वाले लोगों को सरयू नदी के तट पर विकसित होने वाले रिवरफ्रंट पर सैर का आनंद लेने का भी अवसर मिलेगा। यह रिवर फ्रंट ठीक उसी तरह बनाया जाएगा जिस तरह अखिलेश सरकार में लखनऊ में गोमती नगर के किनारे बनाया गया था। हालांकि यह परियोजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई थी।

सरयू पर बनने वाली रिवरफ्रंट परियोजना को तुरंत शुरू करने का निर्देश

सरयू पर बनने वाली रिवरफ्रंट परियोजना को तुरंत शुरू करने का निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को मंदिर नगर में 19,000 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को रिवरफ्रंट परियोजना के विकास कार्यों को तुरंत शुरू करने का निर्देश दिया। सीएम ने अधिकारियों को अयोध्या विजन डॉक्यूमेंट -2047 के तहत निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए समय सीमा का सख्ती से पालन करने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि सरकार के पहले 100 दिनों के लिए निर्धारित लक्ष्यों को पूरा किया जाए।

हर पखवाड़े में होगी अयोध्या की योजनाओं की समीक्षा

हर पखवाड़े में होगी अयोध्या की योजनाओं की समीक्षा

सीएम ने आवास और शहरी नियोजन विभाग को अयोध्या और आसपास के क्षेत्रों के विकास के लिए नोडल एजेंसी के रूप में नामित किया है। विभाग के प्रमुख सचिव को हर पखवाड़े कार्यों की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं जबकि संभागीय आयुक्त को हर सप्ताह कार्यों की समीक्षा करने को कहा गया है। विजन डॉक्युमेंट में 200 से अधिक योजनाएं हैं, जिसके लिए डैशबोर्ड तैयार किया गया है। कार्य शहरी विकास, सार्वजनिक कार्य, पर्यटन, संस्कृति, सिंचाई, धार्मिक कार्य, बिजली, जल निगम, स्वास्थ्य, आयुष और नगर निगम जैसे विभागों से संबंधित हैं।

अधिकारियों के काम से खुश नहीं हैं योगी

अधिकारियों के काम से खुश नहीं हैं योगी

सरकार से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि राम मंदिर के निर्माण के बाद बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ को देखते हुए दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए तीन प्रमुख मार्गों की पहचान की गई है। ये हैं सहादतगंज से नयाघाट तक राम पथ, सुग्रीव किला मार्ग से श्री राम जन्मभूमि मार्ग से श्री राम जन्मभूमि मंदिर और श्रृंगार घाट से राम जन्मभूमि मंदिर तक भक्ति पथ। अधिकारियों को इन सड़कों को चौड़ा करने के निर्देश दिए गए हैं। सीएम इन तीन मार्गों के लिए बनाई गई विस्तृत परियोजना रिपोर्ट से खुश नहीं हैं और कहा कि अधिकारियों ने काम में रुचि नहीं ली है। उन्होंने अधिकारियों को लापरवाही से काम करने की चेतावनी दी।

अखिलेश यादव के समय में लखनऊ में बना था गोमती रिवर फ्रंट

अखिलेश यादव के समय में लखनऊ में बना था गोमती रिवर फ्रंट

उत्तर प्रदेश में जब अखिलेश यादव यानी समावजादी पार्टी की सरकार थी तब गोमती रिवर फ्रंट योजना को गाजे बाजे के साथ शुरू किया गया था। तब के लोक निर्माण मंत्री शिवपाल यादव ने इस परियाजना पर पानी की तरह पैसा बहाया था। या यूं कहें कि इस परियोजना को सपा की सरकार में फलने फूलने का मौका मिला लेकिन 2017 में जैसे ही योगी सरकार यूपी में आई उसके बाद से ही इसके बुरे दिन शुरू हो गए। हालांकि सरकार बदलने के बाद इस योजना की जांच करारकर कई अधिकारियों पर केस दर्ज किए गए।

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