मेरठ: पाक से लौटे श्रद्धालुओं ने यूं बयां की सरहद पार की पीड़ा
श्रद्धालुओं के दल ने पाकिस्तान के तीर्थस्थलों की यात्रा के दौरान जो कुछ सहा उसे सबके सामने बयां किया। श्रद्धालुओं ने बताया कि सुरक्षा के नाम पर उनको लाहौर के एक गुरुद्वारे में दिनभर कैद करके रखा गया।
मेरठ। पाकिस्तान में मौजूद हिन्दुओं के प्राचीन तीर्थस्थल श्रीकटासराज के दर्शनों के लिए गए श्रद्धालुओं का दल वापस भारत लौट आया है। दल में शामिल मेरठ के चार लोगों ने सरहद पार की स्थिति और सुरक्षा के नाम पर मिली पीड़ा को शब्दों में बयां किया। आतंकियों की धमकी से घबराए अफसरों ने भारतीय दल को दो दिन पहले ही भारत के लिए रवाना कर दिया।
भारतीय श्रद्धालुओं के दल का हुआ विरोध
श्रद्धालुओं के दल ने पाकिस्तान के तीर्थस्थलों की यात्रा के दौरान जो कुछ सहा उसे सबके सामने बयां किया। श्रद्धालुओं ने बताया कि सुरक्षा के नाम पर उनको लाहौर के एक गुरुद्वारे में दिनभर कैद करके रखा गया।

22 फरवरी को पाकिस्तान गया था भारतीय दल
केंद्रीय सनातन धर्म सभा ने पाक स्थित मंदिर के दर्शन के लिए वीजा आवेदन किया था। जिसमें 237 श्रद्धालुओं को पाकिस्तान सरकार से अनुमति मिली थी। दल में मेरठ की फूलबाग कॉलोनी निवासी रामकुमार अग्रवाल, साबुन गोदाम निवासी संजय लोधी, दश्मेश्वर नगर निवासी दीपक चावड़ा और जागृति विहार निवासी नवीन गर्ग शामिल थे।

श्रद्धालुओं ने कहा- खराब रहा अनुभव
श्रद्धालुओं की टीम खराब अनुभव के साथ पड़ोसी मुल्क से वापस लौट आई। पाकिस्तान से वापस आए मेरठ निवासी राम कुमार अग्रवाल ने बताया कि यात्रा 22 फरवरी से शुरू हुई थी। सभी श्रद्धालु एक साथ वाघा सीमा से पाकिस्तान पहुंचे। जहां से पुलिस और सेना के जवानों ने उन्हें अपने सुरक्षा घेरे में लिया।

कटासराज मंदिर में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
एक दिन लाहौर में रुकने के बाद सभी को चकवाल जिले स्थित कटासराज मंदिर ले जाया गया। जहां उन्होंने भगवान भोले नाथ की शिवलिंग के दर्शन किए। हालांकि इस बीच स्थानीय लोगों ने भारतीय दल का विरोध शुरू कर दिया। लोगों ने लाहौर में धरना-प्रदर्शन कर दल को वापस भारत भेजने की मांग शुरू कर दी।

लाहौर के एक गुरुद्वारे में श्रद्धालुओं को रखा गया कैद
भारतीय लोगों ने बताया कि वहां पर कुछ आतंकी संगठनों ने भी भारतीय दल पर हमले की धमकी दे दी। धमकी से घबराए पाक अफसरों ने 25 फरवरी को दल को लाहौर के एक गुरुद्वारे में श्रद्धालुओं को कैद कर दिया। दिनभर किसी को भी बाहर निकलने नहीं दिया। पाबंदी से परेशान होकर भारतीय दल वापस लौट आया।












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