शिक्षामित्रों के बाद आज पूरे यूपी में गरजे शिक्षक, स्कूलों में लटके ताले
इलाहाबाद। सूबे में योगी सरकार के आने के बाद प्रदर्शन और मांग का क्रम लगातार जारी है। अध्यापक पद पर समायोजित शिक्षामित्रों के बाद अब आज पूरे प्रदेश में फिर से धरना प्रदर्शन हुआ। आज का प्रदर्शन परिषदीय विद्यालयों के टीचरों के नाम रह। जिसके चलते गांव से लेकर शहर तक के स्कूलों पर ताला लटकता नजर आया। जहां कहीं बच्चे आये स्कूल आये वह निराश होकर लौट गये। अपवाद रूप से किसी विद्यालय मे टीचर भी पहुंचे। आज की पूरी शिक्षण व्यवस्था अनुदेशकों के कंधे पर रही। लेकिन इक्का दुक्का ही स्कूल खुले जहां अनुदेशकों ने कामकाज संभाला।

प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले हुआ प्रदर्शन
फिलहाल आज शिक्षकों का प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले प्रदेशव्यापी धरना प्रदर्शन हुआ। टीचरों ने रिक्त पदों पर पदोन्नति, एक साल मे अंतरजनपदीय ट्रांसफर, पुरानी पेंशन व्यवस्था, कैशलेस मेडिकल सुविधा आदि देने की मांग की। धरना प्रदर्शन में शामिल होने के चलते स्कूलों में अघोषित अवकाश का माहौल रहा। स्कूलों में ताले लटकते रहे। न कोई पढाने आया और न ही कोई पढने। यानी पूर्वनियोजित कार्यक्रम के तहत प्रदर्शन हुआ।

सामूहिक अवकाश लेकर किया प्रदर्शन
खास बात यह है कि इस धरना प्रदर्शन में एक बहुत बड़ी संख्या उनकी थी। जिन्होंने अवकाश ले रखा था। दूसरे शब्दों में कहे तो सामूहिक अवकाश लेकर शिक्षक संघ ने धरना प्रदर्शन किया । इलाहाबाद में सर्व शिक्षा अभियान कार्यालय मम्फोर्डगंज के बाहर आज हजारों की संख्या में शिक्षक पहुंचे थे। इनका यह प्रदर्शन दो दिवसीय होगा।

क्या बोले वक्ता
धरना प्रदर्शन में शामिल शिक्षक नेताओ ना जमकर सरकार को कोसा और कहा इनकी योजनाए शिक्षक विरोधी है। मांग की गई कि मृतक आश्रितों को शिक्षक पद पर सीधी नियुक्ति दी जाये। जबकि पेयजल, फर्नीचर, चहारदीवारी, बिजली, शौचालय आदि की समुचित व्यवस्था की मांग उठाई गई । प्रदर्शन के दौरान सुझाव दिया गया कि सरकारी योजना का लाभ उन्हे ही दिया जाये। जिनके बच्चे सरकारी स्कूल में पढे। सरकार को चेतावनी देते हुये शिक्षकों ने कहा कि अगर उनकी मांगों को शीघ्र पूरा नहीं किया गया तो वे बेमियादी बंदी कर लखनऊ विधान सभा का घेराव करेंगे।












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