सपा से नाराज चल रहे स्वामी प्रसाद मौर्य ने छोड़ा अखिलेश का साथ, नई पार्टी का किया गठन

समाजवादी पार्टी के महासचिव पद से इस्तीफा देने के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपनी नई पार्टी का गठन कर लिया है। स्वामी सपा से नाराज चल रहे थे। समाजवादी पार्टी में आने से पहले वो भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के साथ हुआ करते थे।

स्वामी ने अब अपनी अलग पार्टी का गठन कर लिया है जिसका नाम 'राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी' रखा गया है। स्वामी ने अपनी नई पार्टी का झंडा लांच कर दिया है। झंडे में नीले, लाल और हरे रंग की पट्टी है।

Swami Prasad Maurya formed a new party

नई पार्टी के गठन के बाद 22 फरवरी को दिल्ली में प्रतिनिधि कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया जाना है। ये कार्यक्रम दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में होगा। जहां स्वामी प्रसाद मौर्य जनसभा को संबोधित करेंगे।

स्वामी प्रसाद ओबीसी समुदाय के बड़े नेता माने जाते हैं। उत्तर प्रदेश में ओबीसी समुदाय पर उनकी अच्छी पकड़ है। बीजेपी में आने से पहले वह बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में थे। 2017 विधानसभा चुनाव से पहले स्वामी प्रसाद मौर्य बसपा छोड़ कर बीजेपी में चले गए। हालांकि, 5 साल के बाद ही उनका बीजेपी से भी मोहभंग हो गया और वह सपा में शामिल हो गए।

कौन हैं स्वामी प्रसाद मौर्य?
स्वामी प्रसाद मौर्य का जन्म 2 जनवरी, 1954 को प्रतापगढ़ जिले के चकवड़ गांव (कुंडा) में हुआ था। उन्होंने अपने राजनीतिक कैरियर की शुरुआत रायबरेली के ऊंचाहार से की। 1980 में उन्होंने राजनीति में सक्रिय रूप से कदम रखा। वह इलाहाबाद युवा लोकदल की प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य बने और जून 1981 से 1989 तक महामंत्री के पद पर रहे।

स्वामी प्रसाद 1991 से 1995 के बीच जनता दल में रहे। जिसके बाद साल 1996 में वह बसपा में शामिल हुए और विधायक बने। फिर उन्होंने 2002 में इस सीट से दोबारा चुनाव जीता। मायावती सरकार में स्वामी प्रसाद मंत्री भी रह चुके हैं।

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