योगी कैबिनेट में डिप्टी CM को लेकर अभी भी सस्पेंस बरकरार, जानिए क्यों नहीं हो पा रहा ऐलान
लखनऊ, 25 मार्च : उत्तर प्रदेश में पिछली बार 2017 में जब सीएम योगी यूपी के मुख्यमंत्री चुने गए थे उसी समय सूबे को दो डिप्टी सीएम भी मिले थे। उस समय केंद्र से पर्यवेक्षक बनकर यूपी आए बीजेपी के वरिष्ठ नेता वेंकैया नायडू ने बकायदा योगी को सीएम और बीजेपी के नेता केशव मौर्य और डॉ दिनेश शर्मा को डप्टी सीएम बनाया गया था। लेकिन इस बार बदली हुई परिस्थितियों में योगी के चेहरे पर चुनाव लड़ा गया और बीजेपी को पूर्ण बहुमत हासिल हुआ। इसके बाद विधायक दल की बैठक में योगी को दोबारा विधायक दल का नेता चुना गया लेकिन इस बार नई बात ये रही कि डिप्टी सीएम के तौर पर किसी के नाम की घोषणा नहीं की गई। हालांकि सूत्र बताते हैं कि मंत्रिमंडल के शपथ लेने तक इस पर सस्पेंस बना रहेगा कि कौन डिप्टी सीएम होगा या यूपी में इस बार कोई डिप्टी सीएम नहीं होगा।

केशव मौर्य और दिनेश शर्मा का क्या होगा
योगी के नए मंत्रिमंडल में केशव और दिनेश शर्मा को शामिल किया जाएगा या नहीं इसपर से अभी पर्दा नहीं उठा है। केशव हालांकि चुनाव हार गए हैं लेकिन बीजेपी आलाकमान का भरोसा उनपर बना हुआ है। जिस तरह से वह पिछले तीन चार दिनों से योगी के साथ नजर आ रहे हैं उससे ये अंदाजा लगाया जा रहा है कि केशव का कैबिनेट में शामिल होना तो लगभग तय है लेकिन क्या वह इस बार कैबिनेट मंत्री के तौर पर काम करेंगे या फिर उनके पास पुराना ओहदा बरकरार रहेगा। वहीं दूसरी ओ दिनेश शर्मा का भी भविष्य अभी तय नहीं है। उनको लेकर कई तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है। बताया जा रहा है कि दिनेश शर्मा की इस बार मंत्रिमंडल से हटाकर संगठन में नई भूमिका दी जाएगी। एक चर्चा यह भी है कि यदि बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह कैबिनेट मंत्री बने तो फिर दिनेश शर्मा बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में शामिल रहेंगे।

योगी चुने गए विधायक दल के नेता
यूपी के मनोनीत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को राज्य भाजपा विधायक दल के नेता चुने गए। आदित्यनाथ शुक्रवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। इस अवसर पर बोलते हुए, उन्होंने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को 2017 में उन पर भरोसा करने के लिए धन्यवाद दिया, जब वह सिर्फ एक सांसद थे और शासन की किसी भी प्रक्रिया में भागीदार नहीं थे। योगी ने कहा कि विपक्ष के दुष्प्रचार के बावजूद प्रधानमंत्री मोदी के 'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र ने प्रभाव डाला।
योगी ने पेश किया सरकार बनाने का दावा
योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात की। अमित शाह ने 2017 के बाद से जिस तरह से राज्य को चलाया, उसके लिए योगी की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि सपा सरकार में माफिया और गुंडे पुलिस के मालिक बन गए हैं। उन्होंने कहा, "गरीबों में एफआईआर लिखने की हिम्मत नहीं थी। 2017 के बाद जब सत्ता में बदलाव हुआ, तो आप देख सकते हैं कि गुंडों और माफियाओं की क्या हालत है।"

केशव मौर्य को लेकर सस्पेंस बरकरार
क्या केशव प्रसाद मौर्य उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बने रहेंगे। उन्होंने सिराथू विधानसभा सीट से विधानसभा चुनाव लड़ा था लेकिन समाजवादी पार्टी (सपा) की पल्लवी पटेल से हार गए थे। मौर्य का ओबीसी मतदाताओं पर महत्वपूर्ण प्रभाव माना जाता है, जो सत्तारूढ़ दल के लिए महत्वपूर्ण हैं, जिसने 2024 के लोकसभा चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है। उन्होंने 2017 से 2022 तक उपमुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया है।
बीजेपी को मिला है प्रचंड बहुमत
आदित्यनाथ ने लगातार दूसरी बार सत्ता में वापसी कर इतिहास रच दिया है। उनके नेतृत्व में सत्तारूढ़ दल ने अपने गठबंधन सहयोगियों के साथ 403 में से 273 सीटें जीतीं। वह 2017 में मुख्यमंत्री पद के लिए एक आश्चर्यजनक पसंद थे, लेकिन पिछले पांच वर्षों में, उन्होंने खुद को एक नेता के रूप में स्थापित किया और देश में सबसे अधिक आबादी वाले राज्य को सफलतापूर्वक चलाया। गोरखपुर से पांच बार के सांसद आदित्यनाथ ने इस बार गोरखपुर सदर सीट से चुनाव लड़ा और 1 लाख से अधिक मतों से जीत हासिल की। आज उन्होंने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में सुशासन की बात किसी ने नहीं की थी. उन्होंने कहा, "उस समय किसी ने सोचा भी नहीं था, लेकिन आज यह सब संभव हो गया है।"












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