UP के दो अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत, HC के हिरासत में लिए जाने वाले आदेश पर रोक
इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है, जिसमें उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव (वित्त) एमएम.ए रिजवी व विशेष सचिव वित्त सरयू प्रसाद मिश्रा को हिरासत में लेने का आदेश दिया था।

Supreme Court: उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव (वित्त) एमएम.ए रिजवी व विशेष सचिव वित्त सरयू प्रसाद मिश्रा को सुप्रीम कोर्ट ने राहत दी है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें दोनों अधिकारियों को हिरासत में लेने का आदेश दिया गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने दोनों अधिकारियों को तत्काल रिहा करने का निर्देश दिया है। इतना ही नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने यूपी के मुख्य सचिव के पेश होने के आदेश पर भी रोक लगा दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मामले में शुक्रवार 21 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी।
दरअसल, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जजों को सुविधाएं देने संबंधी आदेश की अवहेलना मामले में बुधवार को सख्त रुख अपनाया था और वित्त विभाग के सचिव एसएमए रिजवी व विशेष सचिव सरयूप्रसाद मिश्र को न्यायिक अभिरक्षा में लेने का आदेश दे दिया था।
खबर के मुताबिक, दोनों अधिकारियों को गुरुवार 11 बजे पेश करने का निर्देश दिया थे। इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ यूपी सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने हिरासत में लेने वाले आदेश पर रोक लगाते हुए शुक्रवार को सुनवाई करेगा।
प्रधान न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ और न्यायूमर्ति पी.एस. नरसिम्हा की एक पीठ के समक्ष मामले को तत्काल सुनवाई के लिए लाया गया था। खबर के मुताबिक, राज्य की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के एम. नटराज ने पीठ को बताया कि उच्च न्यायालय द्वारा एक 'अभूतपूर्व आदेश' पारित किया गया।
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जिसके बाद वित्त सचिव और विशेष सचिव (वित्त) को अवमानना मामले में हिरासत में ले लिया गया। मामला उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की सुविधाओं से संबंधित है। नटराज ने कहा कि उच्च न्यायालय ने मामले में राज्य के मुख्य सचिव को जमानती वारंट भी जारी किया है।
मामला सूचीबद्ध किए जाने की अगली तारीख तक इलाहाबाद उच्च न्यायालय की खंडपीठ के आदेश पर रोक रहेगी। उत्तर प्रदेश सरकार के जिन अधिकारियों को हिरासत में लिया गया है, उन्हें तत्काल रिहा किया जाए।












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