उत्कल रेल हादसे के गवाह ने बताया, कैसा था मौत का वो खौफनाक पल

युवक की मौत के गवाह इस वक्त मेरठ के आनंद अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं।

सहारनपुर। शनिवार की शाम मुजफ्फरनगर जनपद में हुए कलिंग उत्कल ट्रेन हादसे में अनेकों लोगों ने अपनी जान गंवाई है जिनमें सहारनपुर के एक युवक और युवती भी शामिल हैं। युवक की मौत के गवाह इस वक्त मेरठ के आनंद अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। इस हादसे में जान गंवाने वाले युवक सुमित गर्ग मेरठ से सहारनुपर वापस लौट रहा था। वह अपनी सीट पर बैठा था लेकिन जिस वक्त हादसा हुआ उससे चंद मिनट पहले ही वह अपनी सीट से उठकर कोच के दरवाजे पर जाकर खड़ा हो गया था। एक तेज झटका लगा और ट्रेन से नीचे गिर गया जिसके बाद उसके ऊपर दूसरे कोच आकर गिर गए।

हादसे में सुमित गर्ग की गई जान

हादसे में सुमित गर्ग की गई जान

सहारनपुर के मोहल्ला चौंताला निवासी सुशील उर्फ मंजू का युवा पुत्र सुमित गर्ग शिवालिक मर्केंटाइल बैंक में कार्य करता था। दो साल पहले ही उसने सहानपुर में बैंक ज्वाइन किया था। उनकी पहली ज्वायनिंग शिवालिक बैंक की अंसारी रोड शाखा में हुई थी। दो माह पहले मेरठ स्थित बैंक में सहायक शाखा प्रबंधक के पद पर प्रमोशन कर ट्रांसफर कर दिया गया था। रविवार पर बैंक में अवकाश होने के कारण कलिंग उत्कल एक्सप्रेस में सवार होकर सहारनपुर वापस लौट रहा था। सुमित जिस कोच में सफर कर रहा था, उसी कोच में शिवालिक बैंक के मेरठ शाखा प्रबंधक अंकित गर्ग की पत्नी दिव्या गर्ग, बेटा अनिरुद्ध गर्ग और बेटी गुंजन भी मेरठ से सहारनपुर आ रहे थे।

घायल दिव्या ने उस हादसे की कहानी बयां की

घायल दिव्या ने उस हादसे की कहानी बयां की

इस हादसे में दिव्या गर्ग, अनिरुद्ध और गुंजन घायल हुए हैं, जो मेरठ के आनंद अस्पताल में उपचार करा रहे हैं। हादसे के बाद दिव्या ने हादसे की आंखों देखी अपने परिवार को सुनाई। बताया, कि सुमित और दिव्या गर्ग आसपास ही अपनी अपनी सीटों पर बैठे थे। जिस वक्त कलिंग उत्कल एक्सप्रेस खतौली स्टेशन पर पहुंचने वाली थी तो सुमित गर्ग अपनी सीट से उठकर कोच के दरवाजे पर जाकर खड़ा हो गया। अभी सुमित को कोच के दरवाजे पर खड़े हुए एक मिनट भी नहीं हुआ था कि अचानक तेज झटका लगा और सुमित कोच से नीचे गिर गया, जिसके बाद तो दूसरे कोच में चीख पुकार मच गई। यात्रियों को समझ में नहीं आ रहा था कि ये क्या हो गया। सभी कोच एक दूसरे के ऊपर चढ़ते नजर आए। इसके बाद दिव्या गर्ग को कुछ पता नहीं रहा और वह बेहोश हो गई।

सदमे में सुमित के परिजन

सदमे में सुमित के परिजन

हादसे में मरने वाला सुमित गर्ग अपने परिवार में अकेला भाई था। सुमित के अलावा एक बहन है, जिसकी शादी हो चुकी है। पिता सुशील गर्ग मंजू की यहां के लोहा बाजार में पेंट की दुकान है। सुमित की मौत के शोक में लोहा बाजार आज बंद रहा।

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