मुजफ्फरनगर हिंसा की आंच से फरियादी भी अछूते नहीं

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में भड़की सांप्रदायिक हिसा के बाद अधिकारी राहत शिविरों और सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित कार्यो में व्यस्त होने के कारण अपने कार्यालयों में नहीं बैठ पा रहे हैं, जिससे प्रशासनिक कामकाज के लिए आने वाले फरियादियों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। जिले में हिंसा भड़कने के बाद हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं। स्थिति शांतिपूर्ण होते देख करीब एक सप्ताह तक लागू रहे कर्फ्यू को हटाकर सेना को वापस भेज दिया गया, लेकिन हिंसाग्रस्त इलाकों में अभी भी तनाव बरकरार है इसलिए जिले और आसपास एहतियातन सुरक्षा के बंदोबस्त पूर्व की तरह हैं और पुलिस प्रशासन के अधिकारी गश्त कर हालात पर निगरानी रख रहे हैं।

हिंसा में बेघर हुए 40 हजार ग्रामीण राहत शिविरों में रह रहे हैं। राहत शिविरों की व्यवस्था की देखरेख के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को तैनात किया गया है। इसके अलावा हिंसा के बाद दोनों वर्गो के लोगों के बीच पैदा हुए अविश्वास को समाप्त करने के लिए सरकारी अधिकारियों को शांति समितियां गठित कर हालात सुधारने का निर्देश दिया गया है। अधिकारियों की व्यस्तता की वजह से कचहरी और तहसीलों से संबंधित प्रशासनिक कामकाज कराने आने वाले फरियादियों को मायूस होकर घर लौटना पड़ रहा है।

A 'stunning silence' in Muzaffarnagar villages, torn by riots

जमीन संबंधी अटके पड़े कार्य को कराने के लिए सदर तहसील आए फरियादी रामपाल सिंह ने कहा कि दंगा प्रभावित क्षेत्रों, शिविरों, सुरक्षा और विभिन्न व्यवस्थाओं के मद्देनजर अधिकारियों की तैनाती से कलक्ट्रेट व तहसील के दफ्तर सूने रहते हैं। जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, कानूनगो जैसे अधिकारी निगरानी करने में व्यस्त रहने के कारण अपने-अपने कार्यालयों में मौजूद नहीं रह पा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सदर तहसील में उपजिलाधारी के नहीं बैठने के कारण उन्हें दिक्कतें हो रही हैं, लेकिन इस बात का उन्हें कोई रोष नहीं है क्योंकि उप जिलाधिकारी हिंसा पीड़ित लोगों की मदद की व्यवस्था में व्यस्त हैं। इस समय उनकी पहली प्राथमिकता यही होना चाहिए। एक अन्य फरियादी शिवदयाल शर्मा ने बताया कि मुझे तहसील दिवस में शिकायत करनी थी, लेकिन जिलाधिकारी द्वारा दिवस रद्द करने से परेशानी हो रही है।

व्यवस्थाएं संभालने में व्यस्त होने के कारण अधिकारी कार्यालयों में मौजूद नहीं रह पा रहे हैं। हम हालात सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने कहा कि इस समय जिला प्रशासन की पहली प्राथमिकता हिंसाग्रस्त क्षेत्रों में हालात पहले की तरह सामान्य कर प्रभावित लोगों की मदद करना है। अधिकारियों की मेहनत से स्थिति में तेजी से सुधार हो रहा है। बहुत जल्द सब कुछ पहले की तरह सुचारु हो जाएगा।

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