तबादलों में निकल रहे खेल को लेकर सख्त योगी ने मंत्रियों को दी 5 बड़ी नसीहतें, जानिए

लखनऊ, 20 जुलाई: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार दूसरी बार पुर्ण बहुमत के साथ बनी है। दरअसल सरकार की छवि कई मामलों में ट्रांसफर और पोस्टिंग में उठे विवादों से ही प्रभावित होती है। कुछ इसी तरह का विवाद यूपी में इस समय छाया हुआ है। पहले डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने तबादलों को लेकर अपने आला अफसर को पत्र लिख दिया तो PWD विभाग के मंत्री जितिन प्रसाद का विभाग भी तबादलों के खेल के चपेट में आ गया है। आनन फानन में सरकार ने अपनी इमेज बचाने के लिए जितिन के विभाग के पांच अफसरों पर गाज गिरा दी। इन सब चीजों से परेशान मुख्यमंत्री ने अब अपने मंत्रियों से कहा है कि वह अपने निजी स्टाफ पर आंख मूंद कर भरोसा न करें।

कार्यालय के कर्मचारियों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें

कार्यालय के कर्मचारियों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें

योगी ने अपने मंत्रियों को सलाह दी है कि वे अपने कार्यालय और निजी कर्मचारियों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। योगी ने कहा कि अपने ऑफिस और घर के स्टाफ पर नजर रखनी चाहिए। मंत्री ईमानदारी और पारदर्शिता से काम करें क्योंकि किसी भी तरह का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। योगी ने कहा कि मंत्रियों को हमेशा इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि उनका स्टाफ क्या कर रहा है और किस तरह के लोगों से मिल रहा है।

किसी भी तरह का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं होगा

किसी भी तरह का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं होगा

अपने मंत्रियों से साफतौर पर योगी कहा कि किसी भी तरह का भ्रष्टाचार और अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। तबादलों को लेकर भी सीएम ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जल्दबाजी में फाइलों पर साइन न करें। किसी भी फाइल पर उसकी मेरिट के आधार पर निर्णय करें। विभाग के कैबिनेट मंत्री और राज्यमंत्री के साथ समन्वय कर विभागीय कार्यों में उनका सहयोग लें और उन्हें बैठकों में भी शामिल करें। ऐसा न हो कि किसी तरह राज्यमंत्रियों को इगनोर किया जाए।

विपक्ष के जनप्रतिनिधियों से भी संवाद करें मंत्री

विपक्ष के जनप्रतिनिधियों से भी संवाद करें मंत्री

सीएम ने कहा कि मंत्री जब भी अपने क्षेत्र या प्रभार के मंडलों का दौरा करे वहां पर विपक्ष के विधायकों और सांसदों से भी बात करें और उनका सुझाव लें। योगी ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में यह जरूरी है कि सत्ता पक्ष के साथ ही विपक्ष के जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद होते रहना चाहिए। अगर विपक्ष के जन प्रतिनिधियों की तरफ से अच्छे सुझाव मिलते हैं तो उसपर मंत्रियों को विचार करना चाहिए।

अपने दौरे से सकारात्मक चीजें निकालें मंत्री

अपने दौरे से सकारात्मक चीजें निकालें मंत्री

दरसअल यूपी में दूसरी बार भाजपा की सरकार बनने के बाद योगी आदित्यनाथ ने 'सरकार आपके द्वार' नाम से एक कार्यक्रम चलाया है। इसके तहत मंडल के हिसाब से 18 मंत्रियों का समूह बनाया गया जो अपने मंडलों का दौरा कर फीडबैक लाता है और उसे मुख्यमंत्री की बैठक में रखता है। मंत्रियों के दौरे के दो चरण पूरे हो चुके हैं। मंत्रियों को अपने दौरे के समय जन चौपाल भी लगानी है। दौरे से मिल रहे फीडबैक को लेकर सीएम ने कहा कि मंत्रियों की जो भी रिपोर्ट आती है उसे संबंधित जिलों के नोडल अधिकारियों को दिया जाए और मंत्रियों ने अपनी रिपोर्ट में क्षेत्र के विकास को लेकर जो सुधार करने की बात कही है उसे पूरा किया जाए।

कैबिनेट मंत्री और राज्य मंत्री के बीच हो बेहतर समन्वय

कैबिनेट मंत्री और राज्य मंत्री के बीच हो बेहतर समन्वय

सीएम योगी ने मंत्रियों की बैठक में इस बात का भी जिक्र किया कि विभाग के कैबिनेट मंत्रियों और राज्य मंत्रियों के बीच बेहतर तालमेल होना चाहिए। तालमेल के आभाव की वजह से काम पर असर पड़ता है। किसी भी तरह की बैठकों में कैबिनेट मंत्री अपने साथ राज्य मंत्रियों को भी जरूर शामिल करें। इससे अधिकारियों के बीच एक अच्छा संदेश जाएगा। दरअसल जलशक्ति मंत्रालय में कैबिनेट मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह और राज्य मंत्री दिनेश खटीक के बीच बेहतर तालमेल न होने की वजह से बवाल मचा हुआ है।

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