UP में बढ़ते अपराध के मामले में झूठ बोलते है सीएम, उन्हें नहीं है आंकड़ों की जानकारी, अखिलेश यादव ने कहा
UP में बढ़ते अपराध के मामले में झूठ बोलते है सीएम, उन्हें नहीं है आंकड़ों की जानकारी, अखिलेश यादव ने कहा
लखनऊ, 29 सितंबर: उत्तर प्रदेश में बढ़ते अपराधों को लेकर सपा अध्यक्ष व यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने प्रदेश की योगी सरकार पर तीखा हमला बोला है। अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी सरकार में उत्तर प्रदेश के अंदर अपराध बढ़ा है। मुख्यमंत्री अपराध के मामले में झूठ बोलते हैं। उन्हें एनसीआरबी के आंकड़ों की जानकारी नहीं है। वे एनसीआरबी का रिकॉर्ड नहीं देखते हैं। महिलाओं पर सबसे ज्यादा अत्याचार और अन्याय यूपी में हो रहा है।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 29 सितंबर को दिए अपने बयान में कहा कि मोहम्मद आजम खान को फर्जी मुकदमें में फंसा करके जेल में रखा गया है। सबसे ज्यादा कस्टोडियल डेथ यूपी में हुई। मानवाधिकार की सबसे ज्यादा नोटिस यूपी सरकार को मिली। मुख्यमंत्री हर सप्ताह अपने गृह क्षेत्र गोरखपुर जाते हैं। वहां अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। एक व्यापारी की पुलिस पिटाई से मौत हो गई, इसकी जिम्मेदार यह सरकार है। 40 से ज्यादा संतो की हत्या हो चुकी है।
पूर्व सीएम अखिलेश यादव यही नहीं रूके, उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकार बनने पर समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश स्तर पर जातीय जनगणना कराएगी और पिछड़ों को उनका हक और सम्मान दिलाया जाएगा। कहा कि भाजपा सरकार पिछड़ों की गणना नहीं कराना चाहती है, क्योंकि वह जानती है कि इससे पिछड़े अपना हक और सम्मान मांगेंगे। समाजवादी पार्टी सहित तमाम दल चाहते हैं कि पिछड़ों की गिनती हो जाए, लेकिन भारतीय जनता पार्टी जातीय गणना नहीं कराना चाहती है। पिछड़े और दलितों की यह सबसे बड़ी मांग है।
यादव ने कहा कि कोरोना के समय भाजपा सरकार पूरी तरह से फेल रही। लोगों को दवा, ऑक्सीजन और बेड के लिए भटकना पड़ा। यह सरकार इंतजाम नहीं कर पाई। लोगों को खुद ऑक्सीजन और दवा का इंतजाम करना पड़ा। सरकार श्मशान घाट में लाशों के जलाने का भी इंतजाम नहीं कर पाई। बड़ी संख्या में लाशें गंगा नदी में तैरती देखी गई। प्रदेश पूरी तरह से अराजकता के दौर में था। यूपी की जनता ने यह सब देखा है। सरकार अपनी जिम्मेदारी निभाने में पूरी तरह से असफल रही। प्रदेश में आज न जनता की सुनवाई है और न विधायकों और सांसदों की। जनता भाजपा सरकार से नाराज है और हर क्षेत्र में नाराजगी है।
अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को तबाह कर दिया है। महंगाई और बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है। लोगों के पास नौकरी और रोजगार नहीं है। पूरे प्रदेश का गरीब, किसान नौजवान, भाजपा सरकार के खिलाफ है। भाजपा मंत्रियों, सांसदों, विधायकों को अपमानित होना पड़ रहा है। भाजपा सरकार सरकारी संस्थानों को बेचने के साथ ही पिछड़ों और दलितों का आरक्षण भी बेंच दे रही है। अगर सब कुछ निजी हाथों में चला जाएगा तो आरक्षण कौन देगा। कहा कि भाजपा सरकार ने अपने संकल्प पत्र में किए गए वादों को पूरा नहीं किया। किसानों की आय दोगुनी नहीं हुई। किसानों की आय पहले से कम हो गई है। लैपटॉप नहीं बांटा। बिजली महंगी कर दी। डीजल, पेट्रोल खाद, बीज, महंगा हो गया। भाजपा झूठा प्रचार कर रही है। उसने कोई काम नहीं किया है। यही प्रचार ही उनका विकास है।
अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार ने बजट में गड्ढा मुक्त के लिए बहुत पैसे लिए लेकिन सड़कें आज भी गड्ढों से भरी हुई है। मेट्रो जितनी सपा सरकार में बनी थी, आज भी लखनऊ में उतनी ही चल रही है। गंगा की सफाई के नाम पर हजारों करोड़ खर्च हुआ लेकिन मां गंगा आज भी साफ नहीं हुई। यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने इन्वेस्टमेंट के नाम पर झूठा प्रचार किया। जो एमओयू साइन हुए उसे मुख्यमंत्री ने इन्वेस्टमेंट मान लिया। इन्वेस्टमेंट और विकास के नाम पर झूठी विज्ञापन छपवाए गए। विज्ञापन में अमेरिका की कंपनी और पश्चिम बंगाल का ब्रिज दिखाया गया। सरकार का इससे बड़ा झूठ और क्या हो सकता है।












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