सावन विशेष: अद्भुत है पंचमुखी महादेव का मंदिर, 'लगातार बढ़ रहा है इसके शिवलिंग का आकार'
इलाहाबाद। तीर्थों के राजा प्रयागराज में बालाघाट की ओर जाने वाले मार्ग के मध्य में लगभग 300 वर्ष पुराना पंचमुखी महादेव का सिद्ध धाम है। यह सिद्ध धाम अपनी चमत्कारिक शक्ति के लिये ख्याति प्राप्त है। मान्यता है कि यहां शिवलिंग की अगर पूरे सावन मास में प्रतिदिन कोई स्पर्श कर संतान प्राप्ति की मनोकामना शिव से करता है तो भगवान शिव उसकी मनोकामना जरूर पूरी करते हैं। यहां के स्थानीय लोगों द्वारा बताया जाता है कि कटघर में बने भव्य मंदिर में पंचमुखी महादेव का निवास है और समय के साथ यहां स्थापित शिवलिंग का आकार बढ़ रहा है। मान्यता हैं कि पंचमुखी महादेव मंदिर के निर्माण के समय शिवलिंग की जो पिंडी आई थी तो वह जामुन के बराबर थी, लेकिन शिव के चमत्कार से यह पिंडियां काफी बड़ी हो गई हैं और इनका आकार बढ़ता ही जा रहा है।

कैसे हुई थी स्थापना
इस मंदिर के बारे में बताया जाता है कि 300 साल पहले प्रयाग के दो धनाढ्य परिवार में संतान वृद्धि रुक गई थी। वंश में सिर्फ दो सगे भाई बचे थे लेकिन, उन्हें भी संतान की प्राप्ति नहीं हो रही थी। एक दिन जब दोनों भाई संगम स्नान कर घर लौट रहे थे तब रास्ते में उन्हे एक संत मिले। संत का तेज देखकर दोनों भाईयों ने दंडवत प्रणाम किया। संत ने उनके शिष्टाचार से प्रसन्न होकर दुखी होने के कारण पूछा तो भाइयों ने संतान ना होने का दुख सुनाया। तब संत ने उन्हें पुत्र प्राप्ति का आशीर्वाद दिया और कहा कि उनके परिवार में संतान का जन्म होगा और जब संतान हो जाते तो वह दोनों यहीं आकर उनसे मिले।
संतान प्राप्ति के बाद हुआ निर्माण
संत के आशीर्वाद से दोनो भाईयों को संतान की प्राप्ति हुई तो दोनो संत के आदेशानुसार उनसे मिलने पहुंचे। संत ने उन दोनों भाइयों को शिव मंदिर के निर्माण को कहा और बताया कि जैसे जैसे शिवलिंग की स्थापित पिंडिया बढेंगी तुम्हारा कुल भी बढ़ेगा और यशवान होगा। संत ने कहा कि जो भी यहां संतान प्राप्ति की मनोकामना से शिवलिंग का दर्शन करेगा उसकी इच्छा पूरी होगी। इसके बाद संत ने भगवान शिव की 7 पिंडियां मंगवाई पर विधि विधान के साथ समाज को साथ लेकर उनकी प्राण प्रतिष्ठा की गई और इसी के साथ ही पंचमुखी महादेव का कटघर में भव्य मंदिर बना। मान्यता है कि यहां स्वंय शिव पिंडी रूप में निवास कर रहे हैं।
प्रयागराज आये तो करें दर्शन
पंचमुखी महादेव का बखान प्रयाग की महिमा से ही जुड़ा हुआ है और प्रयाग के यह अलौकिक सिद्धपीठ है। जनश्रुति यह है कि पंचमुखी महादेव जब इस मंदिर पर आए थे। अब इनकी पिंडी जामुन के बराबर थी, लेकिन शिव के चमत्कार पिंडियों का आकार बढ़ रहा है। यहां प्रतिदिन हजारो लोग दर्शन के लिए आते हैं। अगर आप कभी प्रयागराज आते हैं तो बालाघाट की ओर जाने वाले मार्ग पर बने पंचमुखी महादेव के इस मंदिर का दर्शन अवश्य करें।












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