मेरठ हत्याकांड: मुस्कान का पुलिस अधिकारी के साथ AI अश्लील वीडियो का क्या है सच! मामला जान हो जाएंगे हैरान
Saurabh Rajput Meerut murder case: सौरभ राजपूत हत्याकांड की पुलिस जांच अभी भी जारी है। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक AI-जनरेटेड आपत्तिजनक वीडियो सामने आया है, जिसमें कथित तौर पर सौरभ राजपूत की पत्नी और केस की मुख्य आरोपियों में से एक मुस्कान रस्तोगी और एक पुलिस अधिकारी नजर आ रहे हैं। इस AI-वीडियो के सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया है।
हिन्दुस्तान टाइम्स के मुताबिक पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की है कि वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करके बनाया गया था, लेकिन इसमें कथित तौर पर मुस्कान रस्तोगी और ब्रह्मपुरी पुलिस स्टेशन के प्रभारी रमाकांत पचौरी आपत्तिजनक स्थिति में दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि वीडियो को दुर्भावनापूर्ण इरादे से सोशल मीडिया पर अपलोड किया गया था और इसके लिए जिम्मेदार लोगों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

इंस्टाग्राम पर अपलोड हुआ था मुस्कान और पुलिस का AI वीडियो!
पुलिस के मुताबिक ब्रह्मपुरी थाने के करमवीर सिंह ने शिकायत दर्ज कराई है कि 'प्रियांशु' नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट पर भ्रामक वीडियो पोस्ट किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि पुलिस अधिकारी की छवि खराब करने के लिए ऐसा किया गया है।
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने कहा, "वरिष्ठ उपनिरीक्षक द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर, सूचना प्रौद्योगिकी (संशोधन) अधिनियम की धारा 67 के तहत एक इंस्टाग्राम यूजर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। वीडियो बनाने और फैलाने के लिए जिम्मेदार आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।"
इसके अलावा मुस्कान और सह-आरोपी साहिल शुक्ला को कथित तौर पर दिखाने वाले इसी तरह के आपत्तिजनक वीडियो भी ऑनलाइन सामने आए हैं, जिसमें कथित तौर पर अपराध में उनकी संलिप्तता को दिखाने का एक क्लिप भी शामिल किया गया है।
मेरठ हत्याकांड पर सोशल मीडिया पर आई 'रील-मीम्स' की बाढ़!
मर्चेंट नेवी के अधिकारी सौरभ राजपूत की नृशंस हत्या ने कई लोगों को झकझोर कर रख दिया है। कंटेंट क्रिएटर्स ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर रील और मीम्स की बाढ़ ला दी है, खास तौर पर 'ब्लू ड्रम' को दिखाते हुए, जिसमें बताया गया है कि पीड़ित के शव को कथित तौर पर कैसे ठिकाने लगाया गया। हालांकि कुछ लोगों ने इस तरह के जघन्य अपराध के प्रति असंवेदनशीलता की निंदा की है।
मेरठ जिला जेल के वरिष्ठ अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया, "19 मार्च को मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला दोनों को कोर्ट में पेश किया गया और उसके बाद जेल भेज दिया गया। प्रोटोकॉल के मुताबिक उन्हें पहले दस दिनों के लिए निगरानी बैरक में रखा गया और फिर अन्य कैदियों के साथ मुख्य बैरक में भेज दिया गया।"
मेरठ हत्याकांड की जांच कहां तक पहुंची?
पुलिस ने अपनी जांच लगभग पूरी कर ली है और अंगुलियों के निशान, खून के नमूने और हत्या के हथियार पर फोरेंसिक विशेषज्ञों की रिपोर्ट से पुलिस को अदालत में मजबूत मामला पेश करने में मदद मिलने की संभावना है।
इस बीच कथित तौर पर आरोपियों ने जेल में एक साथ रहने की इच्छा जताई है। अधिवक्ता रेखा जैन के नेतृत्व वाली कानूनी टीम के साथ बैठक के दौरान मुस्कान और साहिल ने जल्द ही जमानत के लिए अनुरोध किया हालांकि, उनके परिवारों ने उन्हें अस्वीकार कर दिया है, मुस्कान के रिश्तेदारों ने उससे मिलने से इनकार कर दिया है।
जेल अधिकारियों ने कहा कि केवल साहिल की नानी पुष्पा देवी ही उससे मिलने आई थीं। मुस्कान और साहिल ने जेल अधीक्षक से अनुरोध किया कि उन्हें सरकारी वकील मुहैया कराया जाए। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने तब से अधिवक्ता रेखा जैन को अदालत में उनका प्रतिनिधित्व करने के लिए नियुक्त किया है। जेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जेल नियमों के तहत, केवल कानूनी रूप से विवाहित कैदियों को ही हर 15 दिन में एक बार मिलने की अनुमति है। इस बीचल उनके वकीलों ने उन्हें आश्वासन दिया है कि जल्द ही जमानत याचिका दायर की जाएगी।












Click it and Unblock the Notifications