संभल: पुलिस ने किया फ्लैग मार्च, जुमे की नमाज के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, अभी जारी है इंटरनेट बैन
Sambhal Violence: संभल में जुमे की नमाज से पहले गुरुवार 28 नवंबर को पुलिस ने शाही जामा मस्जिद के पास फ्लैग मार्च किया। साथ ही, पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने लोगों के साथ बैठकें भी की हैं, शांति समितियों और विभिन्न मस्जिदों के मौलवियों की भी बातचीत की है।
Recommended Video
मुरादाबाद मंडल के मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने कहा, "कल जुमे की नमाज के मद्देनजर आज हमारे सभी अधिकारियों ने फोर्स के साथ पैदल मार्च किया। हमने लोगों के साथ बैठकें भी की हैं, शांति समितियों और विभिन्न मस्जिदों के मौलवियों की भी बातचीत की है। कल की नमाज शांतिपूर्ण तरीके से होगी।

सभी अपनी-अपनी मस्जिदों में नमाज अदा करेंगे। इन सबके बावजूद हम सतर्क हैं। संभल में आवश्यक बल तैनात है। सभी संवेदनशील इलाकों में बल तैनात है। आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। सभी ने आश्वासन दिया है कि कल की नमाज हर जगह शांतिपूर्ण तरीके से होगा। हमारे मंडल के सभी 5 जिलों में इसको लेकर सतर्कता बरती जा रही है।
बाहरी ताकतें यहां न घुस पाएं हम इस पर नजर रख रहे हैं। हम सोशल मीडिया और दूसरे माध्यमों पर भी नजर रख रहे हैं, जिनके जरिए लोग उकसाते हैं या अफ़वाहें फैलाते हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने कहा कि अभी इंटरनेट बैन जारी है। हम कल एक बार फिर इस पर समीक्षा करेंगे और उसके अनुरूप फैसला करेंगे।
बता दें, फ्लैग मार्च का नेतृत्व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) श्रीश चंद्र ने किया। पुलिस टीम ने व्यस्त बाजारों में मार्च किया जो गुरुवार को आंशिक रूप से खुल गए थे। बता दें, शाही जामा मस्जिद के न्यायालय द्वारा सर्वेक्षण को लेकर 24 नवंबर को हुई हिंसा के बाद गुरुवार को पहली बार अधिकांश दुकानें खुलीं। इस हिंसा में चार लोग मारे गए थे और कई अन्य घायल हो गए थे।
एएसपी चंद्रा ने पीटीआई-भाषा से कहा कि स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण और सामान्य है। शुक्रवार की नमाज के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है और हम किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।" बता दें, स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन ने गुरुवार को नमाज़ के संबंध में मुस्लिम धर्मगुरुओं के साथ बैठक की।
बैठक के बाद शाही जामा मस्जिद के इमाम आफ़ताब हुसैन वारसी ने कहा, "अल्लाह पहले की तरह शांति बनाए रखे। मुझे उम्मीद है कि सब कुछ जल्द ही ठीक हो जाएगा।" इस बीच, 'शहर काज़ी' मोहम्मद अलाउद्दीन अजमली ने निवासियों से अपनी स्थानीय मस्जिदों में नमाज़ पढ़ने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि संभल में जल्द शांति स्थापित हो। हमने पुलिस से अपील की है कि कानून के खिलाफ कोई गिरफ्तारी न की जाए। बता दें, संभल में 19 नवंबर से तनाव व्याप्त है, जब कोर्ट के आदेश पर मस्जिद का सर्वेक्षण कराया गया था। क्योंकि, दावा किया गया था कि इस स्थल पर पहले हरिहर मंदिर था।
रविवार को हिंसा भड़क उठी जब प्रदर्शनकारियों ने मस्जिद के पास सुरक्षाकर्मियों के साथ झड़प की, जिसके परिणामस्वरूप पथराव और आगजनी हुई। सर्वेक्षण की रिपोर्ट शुक्रवार को न्यायालय में आने की उम्मीद है, जहां दोनों पक्ष अपनी दलीलें पेश करेंगे।
व्यवस्था बहाल करने के प्रयास
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए तीस पुलिस टीमें बनाई गई हैं। बाजारों और स्कूलों को फिर से खोलने के बावजूद, एहतियात के तौर पर इंटरनेट प्रतिबंध को 48 घंटे के लिए बढ़ा दिया गया है। अब तक 31 गिरफ्तारियां की गई हैं और सात एफआईआर दर्ज की गई हैं।












Click it and Unblock the Notifications