वाराणसी: 'EVM के मूवमेंट में हुई थी चूक', अखिलेश के आरोपों को बाद सपा ने भी ट्वीट किया वीडियो
लखनऊ, 09 मार्च: उत्तर प्रदेश में सातवें और अंतिम चरण की वोटिंग 07 मार्च को समाप्त हो गई है और 10 मार्च को नतीजे आने वाले हैं। चुनाव के नतीजे आने से पहले वाराणसी जिले में ईवीएम को लेकर रार बढ़ती ही जा रही है। अखिलेश के बयान के बाद अब समाजवादी पार्टी ने एक वीडियो अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया है। जिसमें एक अधिकारी ने स्वीकार किया है कि ईवीएम की आवाजाही के प्रोटोकॉल में चूक हुई थीं।

दरअसल, समाजवादी पार्टी ने जो वीडियो ट्वीट किया है, वो वाराणसी के कमिश्नर दीपक अग्रवाल का है। ट्वीट किए गए वीडियो दीपक अग्रवाल मीडिया से बात करते हुए कहते हुए दिख रहे हैं कि अगर ईवीएम का नंबर मैच करता है तो फिर हम लोग दोषी है। जो पोलिंग में यूज हुआ और वहीं वो निकल रही है। यदि आप ईवीएम की मूवमेंट के लिए प्रोटोकॉल के बारे में बात करते हैं, तो प्रोटोकॉल में चूक हुई थी, मैं इसे स्वीकार करता हूं। लेकिन मैं आपको गारंटी दे सकता हूं कि मतदान में इस्तेमाल होने वाली मशीनों को हटाना असंभव है। मतगणना केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, सुरक्षा गार्ड और राजनीतिक दल के प्रतिनिधि थे।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल के कार्यकर्ता नजर रखने के लिए केंद्रों के बाहर भी बैठ सकते हैं। समाजवादी पार्टी की ओर से शेयर किए वीडियो के साथ लिखा गया है कि ईवीएम मूवमेंट में चुनाव आयोग के प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया- कमिश्नर वाराणसी। कई जिलों में ईवीएम में हेरा-फेरी की जानकारी प्राप्त हो रही है। ये किसके इशारे पर हो रहा है? क्या अधिकारियों पर सीएम ऑफिस से दबाव बनाया जा रहा है? चुनाव आयोग कृपया स्पष्ट करे।
मंगलवार को अखिलेश यादव ने सत्तारूढ़ भाजपा पर चुनावों में "चोरी" और ईवीएम को तीन ट्रकों में एक मतगणना केंद्र से बाहर ले जाने का आरोप लगाया था। अखिलेश ने आरोप लगाते हुए कहा था कि वाराणसी में मतगणना केंद्रों से ईवीएम को ले जाया जा रहा है। अखिलेश यादव ने अपने बयान में कहा कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें (ईवीएम) पकड़ी गई हैं। अब अधिकारी कोई ना कोई बहाना बनाएंगे कि हम ईवीएम को इस वजह से ले जा रहे थे। बरेली में कचरे की गाड़ी में ईवीएम मशीनें पकड़ी गई है।












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