'युवा शक्ति संगम' के बहाने मिशन 2014 में जुटा संघ
लखनऊ। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को देश का अगला प्रधानमंत्री बनाने में जुटे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने धीरे-धीरे युवाओं में अपनी पैठ बनाने का काम शुरू कर दिया है। संघ का मानना है कि आम चुनाव से पहले ज्यादा से ज्यादा संख्या में युवाओं को कैडर से जोड़ा जाए ताकि चुनाव के दौरान युवा शक्ति का लाभ उठाया जा सके। इसी रणनीति के तहत संघ की ओर से राजधानी लखनऊ में 'युवा शक्ति संगम' नाम से एक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।
आरएसएस का यह भी मानना है कि राज्य में लगातार घटती शाखाओं की वजह से ही कैडर पूरी तरह से बिखर गया है। बिखरे कैडर को समेटने के लिए इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना बहुत जरूरी है। युवा शक्ति संगम का आयोजन भी इसी उद्देश्य को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। यही कारण है कि संघ युवाओं को अपनी विचारधारा से जोड़ने के लिए जमीनी स्तर से लेकर फेसबुक और ट्विटर जैसी सोशल साइट का भी उपयोग अपनी सदस्य संख्या बढ़ाने में कर रहा है।

संघ की तरफ युवाओं का आकर्षण बढ़ाने के लिए ग्रामीण बस्तियों से लेकर हाईटेक और वीआईपी क्षेत्रों के अलावा स्कूल, कॉलेजों और विश्वविद्यालय से लेकर तकनीकी शिक्षण संस्थानों में युवाओं को जोड़ने के लिए अलग-अलग रणनीति के तहत कार्य किया जा रहा है।
संघ सूत्रों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में अपने आनुषंगिक संगठनों की पेच कसने, विश्व हिंदू परिषद और छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद को आक्रामक रुख अख्तियार करने का निर्देश देने के बाद अब मेन बॉडी यानी संघ के दायित्वधारी कार्यकर्ताओं को अपनी गतिविधियां बढ़ाने का निर्देश दिया गया है। इसी क्रम में संघ राजधानी लखनऊ में महाविद्यालय स्तर के छात्रों को लेकर दो दिवसीय कार्यक्रम करने जा रहा है। युवाओं के इस कार्यक्रम की भव्यता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि संघ के क्षेत्र और प्रांत स्तर के अधिकारियों की देखरेख में चलने वाले शिविर में शामिल होने के लिए आरएसएस के सह सरकार्यवाह डा.कृष्ण गोपाल भी आ रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि 'युवा शक्ति संगम' के नाम से आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम निरालानगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में 28 सितंबर से शुरू हो रहा है। इस कार्यक्रम में छात्रों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, कार्यक्रम में युवाओं को देश के ज्वलंत विषयों सहित, संघ की कार्ययोजना, राष्ट्र निर्माण में संघ की भूमिका और राष्ट्र के समक्ष चुनौतियां एवं समाधान सहित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा के साथ ही संघ की भावी रणनीति के बारे में विस्तार से बताया जाएगा।
लखनऊ के विभाग प्रचारक अमरनाथ हालांकि यह कहते हैं कि इस अभियान को आम चुनाव से जोड़ना ठीक नहीं रहेगा, क्योंकि संघ की ओर से इस तरह के कार्यक्रम हमेशा से ही आयोजित किए जाते रहे हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या आम चुनाव से पहले संघ विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को जोड़ना चाहता है, उन्होंने कहा कि युवाओं से जुड़े इस कार्यक्रम का आयोजन कोई पहली बार नहीं हो रहा है। यह हमेशा की तरह ही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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