68500 अध्यापक भर्ती : SCERT कराएगा उत्तर पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन
इलाहाबाद। 68500 सहायक अध्यापक भर्ती मामले में आखिरकार पुनर्मूल्यांकन का रास्ता साफ हो गया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेशानुसार उत्तर प्रदेश सरकार पुनर्मूल्यांकन के लिए एससीईआरटी को जिम्मेदारी सौंप रही है। इसकी तैयारियां शुरू कर दी गई है और दिसंबर महीने में पुनर्मूल्यांकन का कार्य शुरू हो जाएगा। पुनर्मूल्यांकन की जिम्मेदारी राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद की होगी। इसके लिए इसी महीने में योगी सरकार शासनादेश भी जारी कर देगी, जिसके बाद आधिकारिक तौर पर एससीईआरटी पुनर्मूल्यांकन का औपचारिक कार्य प्रारंभ करेगी।

पिछली बार उत्तर पुस्तिकाओं की जांच में भारी गड़बड़ी आने के बाद सरकार किसी निजी एजेंसी से उत्तर पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन कराने के मूड में नहीं है और बेहद गंभीरता वह जिम्मेदारी से यह कार्य पूरा किया जाएगा। याद दिला दें कि बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों में 68500 सहायक अध्यापक भर्ती की परीक्षा 29 मई को हुई थी और 13 अगस्त को रिजल्ट जारी होने के साथ ही विवाद शुरू हो गया था। उत्तर पुस्तिकाओं में गलत ढंग से अंक देने, काट पीट करने व कापियां बदलने का मामला सामने आया । सरकार ने जांच कमेटी बनाई गई, अभ्यार्थी हाई कोर्ट गए जिसके बाद अब उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर मूल्यांकन का कार्य होने जा रहा है।

68500 सहायक अध्यापक भर्ती मामले में उत्तर पुस्तिकाओं की जांच में घालमेल व ढेरों खामियां उजागर होने के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले दिनों उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन का आदेश दिया था । लेकिन, मौजूदा समय में परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय, टीईटी परीक्षा व आगामी 68500 सहायक अध्यापक भर्ती की तैयारियों में जुटा हुआ है । ऐसे में पुनर्मूल्यांकन के लिए वह प्रक्रिया शुरू नहीं कर पा रहा है । जबकि दूसरी ओर सरकार किसी बाहरी एजेंसी से उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन नहीं करवाना चाहती ताकि दोबारा से किसी भी गड़बड़ी की संभावना ना हो । चूंकि कोर्ट द्वारा तय समय सीमा में ही पुनर्मूल्यांकन करना है, ऐसे में सरकार ने बीच का रास्ता निकाला है और जांच की जिम्मेदारी राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद को देने का निर्णय लिया है।
32 हजार कॉपियों का होगा मूल्यांकन
68500 सहायक अध्यापक भर्ती में उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन के लिए अब तक 3000 से अधिक आवेदन आ चुके हैं। परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय की ओर से दिए गए आंकड़े के अनुसार अब तक 30751 अभ्यार्थियों ने पुनर मूल्यांकन के लिए आवेदन किया है। जबकि इसके अलावा 300 से अधिक कापियों के मूल्यांकन पर राज्य सरकार द्वारा गठित जांच टीम ने सवाल उठाए हैं और उन कापियों का भी पुनर्मूल्यांकन किया जाएगा । जबकि जांच टीम द्वारा ही रिजल्ट में फेल 51 अभ्यर्थियों को कापी में पास होने व 53 अभ्यर्थियों को पास होने के बावजूद फेल पाए जाने के प्रकरण को भी पुनर्मूल्यांकन के दायरे में लाया जाएगा और इनकी भी कापियां जांची जाएंगी । इसके अलावा हाईकोर्ट की शरण में जाने वाले कई अभ्यर्थियों की मांग के अनुरूप हाईकोर्ट ने उनकी भी कांपिया दोबारा मूल्यांकन में शामिल करने का निर्देश दिया है। अब तक लगभग 32000 उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन का मामला चिन्हित किया गया है।
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