दीवाली के दिए बनाने वाले कुम्हारों का क्या है हाल, पढ़िए ये ग्राउंड रिपोर्ट
शाहजहांपुर। चीन भारत को हर कदम पर टेढ़ी नजर दिखाता है। चाहे वो सरहद हो या फिर भारत के अंदर चीन का कारोबार हो। आईए हम आपको बताते है कि किस तरह से चीन ने अपनी झालरों को भारत मे बेचने के बाद कि तरह से यहां के गरीब कुम्हारो को पर अपना हमला किया है ये आपको बताते है। दिपावली के लिए बना रहे कुछ कुम्हारो से बात की तो उनका दर्द सामने आया।

बच्चों की फीस भी नहीं भर पा रहे
कुम्हारों का कहना है करीब चालीस साल पहले पांच सौ से लेकर एक हजार दिए तक हर ग्राहक लेकर जाता था लेकिन आज आलम ये है इस पर्व पर वह सौ दिए भी नहीं बेच नही पाते हैं। उसका कारण है भारत मे चाईनीज झालर का आना। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि वह कुम्हारो के लिए कुछ विशेष करेंगे लेकिन क्या कर रहे हैं कुछ पता नही है अब तो अपने बच्चों की फीस तक भरना मुश्किल हो गया है।

पीएम मोदी से उम्मीदें
दरअसल यूपी के शाहजहांपुर मे रहने वाले रामेश्वर दयाल की उम्र करीब 60 साल है। और दिए बनाने का काम वह पिछले करीब चालीस साल से कर रहे हैं। उनका कहना है कि अब वो बात कहा कि जो चालीस साल पहले हुआ करती थी। क्योंकि जब से भारत में चाइनीज झालर आई है तब से उनका काम धंधा चौपट हो गया है। अब भारत मे भी लोग चाइनीज प्रोडक्ट को सराह रहे हैं जबकि वही चीज भारत मे बनती है। उनका कहना है कि चालीस साल पहले दिपावली से कई महिने पहले उनके पास दिए बनाने के लिए आर्डर आ जाते थे। एक एक ग्राहक 500 से लेकर 1000 हजार दिए बनाने का आर्डर देता था। जिससे उनकी रोजी रोटी काफी अच्छी थी। लेकिन धीरे धीरे चीन ने अपना माल भारत भेजना शुरू किया तो उनके काम धंधे चौपट होते चले गए। अब आलम ये है कि कभी कोई ग्राहक दिए लेने आता है तो वो भी कभी दस दिए मांगता है तो कभी 15 दिए मांगता है। ऐसे मे उनको अपना परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। ऐसे में जरूरत है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को कुम्हारो के लिए कुछ विशेष करने की जिससे कई कुम्हारो की आर्थिक स्थिति कुछ बेहतर हो सके।

चाइनीज झालर पर लगे रोक
रामेश्वर दयाल का कहना है कि जब नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री बने थे तब उन्होंने कुम्हारो के लिए कहा था कि वह उनके लिए कुछ विशेष करेंगे। लेकिन अफसोस है कि कुम्हारो पर चीन ने ऐसा हमला किया जिससे वह अपने बच्चो की फीस तक नही भर पा रहे हैं और पता नही प्रधानमंत्री हमारे के लिए क्या विशेष कर रहे हैं। कुम्हार रामेश्वर दयाल का कहना है कि चाइनीज झालर को भारत मे बिक्री से रोका जाए जिससे कि उनका काम धंधा चालीस साल पहले जैसा हो जाए।












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