UP News: चूहों का 'डिनर' बनी 26 साल के युवक की लाश? पोस्टमार्टम से पहले ही 'डकार' गए आधा किलो मांस
Mirzapur Mortuary Rats Gnaw 26 Year Old Man Body : उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के मंडलीय अस्पताल के मुर्दाघर (मॉर्चरी) में एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां रखे गए 26 वर्षीय युवक अभिषेक माली (उर्फ किशन सैनी) के शव को चूहों ने रात भर कुतर डाला। परिवार का आरोप है कि अस्पताल की लापरवाही के कारण फ्रीजर खराब होने पर शव को जमीन पर रखा गया, लेकिन पर्याप्त सुरक्षा नहीं की गई। सुबह शव लेने पहुंचे परिजनों ने शरीर पर कई घाव, कमर में छेद और हाथों-कमर से मांस गायब होने की शिकायत की। करीब आधा किलो मांस चूहों ने खा लिया था।
इस घटना से आक्रोशित परिवार ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. सचिन किशोर ने तुरंत जांच कमेटी गठित कर दी। दोषी पाए जाने पर कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। आइए इस पूरी घटना को समझते हैं-क्या हुआ, परिवार का दावा क्या है, और अस्पताल की स्थिति कितनी गंभीर है...

Mirzapur Rats Gnaw Case: आत्महत्या से मुर्दाघर तक, चूहे डकार गए आधा किलो मांस
दरअसल, तरकापुर नई बस्ती मोहल्ले के निवासी अभिषेक माली (26) ने 8 मार्च की शाम घर में खुदकुशी कर ली। परिवार के अनुसार, युवक किसी कारणवश डिप्रेशन में था। पुलिस ने पंचनामा और जांच पूरी की, फिर शव को पोस्टमार्टम के लिए मंडलीय अस्पताल के मुर्दाघर में भेज दिया।
गर्म मौसम को देखते हुए परिजनों ने शव को फ्रीजर में रखने की गुहार लगाई। लेकिन अस्पताल कर्मचारियों ने फ्रीजर खराब होने की बात कही और शव को जमीन पर ही रख दिया। परिजनों का दावा है कि बर्फ की व्यवस्था के नाम पर उनसे लगभग 2000 रुपये भी लिए गए।
9 मार्च की सुबह जब परिजन पोस्टमार्टम के लिए शव लेने पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि शरीर के कई हिस्सों-खासकर कमर, हाथ और अन्य जगहों-पर गहरे घाव हैं। कमर में छेद जैसे निशान थे और मांस का बड़ा हिस्सा गायब था। परिवार ने इसे चूहों द्वारा कुतरने का आरोप लगाया। आक्रोश में उन्होंने मुर्दाघर के बाहर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया, नारे लगाए और अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का इल्जाम लगाया। परिजन अनमोल और राजू माली (मृतक के भाई) ने कहा कि अस्पताल में इतनी अव्यवस्था है कि मरने के बाद भी शव सुरक्षित नहीं रह पाते। लापरवाही के कारण चूहों ने 'डिनर' बना लिया।
अस्पताल प्रशासन का जवाब और एक्शन?
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सचिन किशोर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत एक जांच समिति गठित की। उन्होंने कहा, 'हम पूरे मामले की जांच करेंगे और शव पर घाव कैसे आए, इसका पता लगाएंगे। दोषी पाए जाने वाले किसी भी कर्मचारी के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।' मुख्य चिकित्सा अधिकारी सुनील सिंह ने पुष्टि की कि शव पर घाव मिले हैं, लेकिन अभी यह निश्चित नहीं कहा जा सकता कि वे चूहों के कारण हैं। हालांकि, अस्पताल ने मुर्दाघर की सफाई के लिए कर्मचारियों को तुरंत भेजा। शहर कोतवाल दयाशंकर ओझा मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझा-बुझाकर शांत किया।
मुर्दाघर की खराब हालत: एक बड़ी समस्या
यह घटना उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में मुर्दाघरों की बदहाली को उजागर करती है। कई रिपोर्ट्स में पहले भी ऐसे मामले सामने आए हैं-जैसे हरिद्वार, सागर (मध्य प्रदेश) और अन्य जगहों पर चूहों द्वारा शव को नुकसान पहुंचाने की शिकायतें। मिर्जापुर मंडलीय अस्पताल में फ्रीजर की खराबी, चूहों की मौजूदगी और बुनियादी सुविधाओं की कमी आम शिकायत रही है। गर्मियों में बिना ठंडक के शव रखना स्वास्थ्य जोखिम बढ़ाता है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट्स पर असर डाल सकता है।
परिवार का कहना है कि अस्पताल ने न केवल फ्रीजर ठीक नहीं किया, बल्कि बर्फ के नाम पर पैसे भी वसूले। यह सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
क्या होगा आगे?
- जांच कमेटी जल्द रिपोर्ट सौंपेगी, जिसमें फ्रीजर की स्थिति, मुर्दाघर की सफाई और कर्मचारियों की लापरवाही की जांच होगी।
- अगर चूहों का आरोप साबित हुआ, तो यह अस्पताल की हाइजीन और इंफ्रास्ट्रक्चर की बड़ी कमी दर्शाएगा।
- परिवार न्याय की मांग कर रहा है और मामले को ऊपर तक ले जाने की बात कह रहा है।
यह घटना एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में बुनियादी सुविधाओं की कमी और लापरवाही पर सवाल उठाती है। मृतक के परिजनों के लिए यह दुखद घटना दोहरा सदमा बनी-एक तरफ युवक की मौत, दूसरी तरफ शव की दुर्दशा। उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य विभाग को ऐसे मामलों पर सख्त निगरानी बढ़ाने की जरूरत है, ताकि मरने के बाद भी सम्मान बरकरार रहे।
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