नेमप्लेट विवाद में आई रामदेव की प्रतिक्रिया, बोले-'रामदेव को पहचान बताने में दिक्कत नहीं तो रहमान को क्यों?'
Nameplate Controversy: कांवड़ यात्रा मार्गों पर पड़ने वाले खाने-पीने, फल और भोजनालयों के मालिकों को दुकान के सामने 'नेमप्लेट' लगाने के योगी सरकार के आदेश पर हंगामा मच गया है। विपक्षी पार्टियां जहां सरकार के इस फैसले की आलोचना कर रही है। वहीं, अब इस मामले में योग गुरु बाबा रामदेव की प्रतिक्रिया सामने आई है।
दरअसल, योग गुरु बाबा रामदेव ने हरिद्वार में मीडिया से बातचीत की। इस दौरान मीडिया कर्मियों ने बाबा रामदेम से उत्तर प्रदेश में कांवड़ मार्ग पर खाद्य पदार्थों की दुकानों पर लगी 'नेम प्लेट' को लेकर सवाल किया। सवाल के जवाब में बाबा रामदेव ने कहा, 'अगर रामदेव को अपनी पहचान बताने में कोई दिक्कत नहीं है तो रहमान को अपनी पहचान बताने में क्या दिक्कत होनी चाहिए?'

इतना ही नहीं, बाबा रामदेव ने आगे कहा कि हर किसी को अपने नाम पर गर्व होना चाहिए। नाम छिपाने की जरूरत नहीं है, सिर्फ काम में शुद्धता की जरूरत है। अगर हमारा काम शुद्ध है तो इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि हम हिंदू हैं, मुसलमान हैं या किसी और समुदाय से हैं। इस दौरान बाबा रामदेव ने कांवड़ियों से भी अपील की है।
कांवड़ियों से अपील करते बाबा रामदेव ने कहा, कांवड़िये भी समझदारी दिखाएं और अनुशासन बनाए रखें। मैं सनातन धर्म से आहवान करूंगा कि सनातन धर्म को अपने आचरण में धारण करें। हमें अपने आचरण से परिचय देना चाहिए। आपको बता दें कि नेम प्लेट विवाद की शुरूआत मुजफ्फनगर पुलिस द्वारा जारी किए गए आदेश के बाद हुई थी।
इसी आदेश के बाद योगी सरकार ने कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित सभी भोजनालयों (ढाबों), दुकानों, ठेले वालों के लिए आदेश जारी कर दिया था। इस आदेश में साफ-साफ कहा गया है कि सभी दुकानदार, ढाबे वाले और ठेलेवाले अपने मालिकों का नाम और पहचान दोनों लिखे। ताकि कांवड़ यात्री जान सके कि वो किस दुकान से सामान खरीद रहे हैं।
इसके अलावा रेट लिस्ट लगाने को भी कहा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रियों की पवित्रता को बनाए रखने के लिए यह फैसला लिया गया है। अब हर खाने-पीने की जगह, चाहे वह रेस्टोरेंट हो, सड़क किनारे ढाबा हो या फिर खाने-पीने का ठेला हो, उसे मालिक का नाम दिखाना होगा।












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