Ram Mandir Chanda Chori: आज ट्रस्ट की अहम बैठक, एजेंडे में CEO, SIT जांच, Champat Rai का भविष्य समेत ये मुद्दे
Ram Mandir Chanda Chori: अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की सोमवार (6 जुलाई) को होने वाली बैठक पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं। राम मंदिर निर्माण और उसके प्रबंधन से जुड़ा यह ट्रस्ट पहली बार ऐसे समय बैठक करने जा रहा है, जब मंदिर में आए करोड़ों रुपये के दान में कथित हेराफेरी का मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर फैसला लिया जा सकता है। इसके अलावा स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की जांच की प्रगति, ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में बदलाव, नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति और वित्तीय रिपोर्टों को मंजूरी जैसे कई महत्वपूर्ण विषय एजेंडे में शामिल हैं। यह बैठक इसलिए भी अहम मानी जा रही है, क्योंकि कथित दान घोटाले के सामने आने के बाद ट्रस्ट की यह पहली औपचारिक बैठक होगी। आइए विस्तार से जानते हैं कि बैठक के क्या-क्या एजेंडे?

ट्रस्ट बैठक: Champat Rai का भविष्य और बड़े फैसले
ट्रस्ट की यह बैठक अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास के मठ 'मणि राम छावनी' में होगी। 89 वर्षीय दास हाल ही में अस्पताल से छुट्टी लेकर लौटे हैं। बैठक में सभी नियमित और पदेन सदस्य शामिल होंगे। वरिष्ठ ट्रस्टी के. परासरन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़ सकते हैं।
Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust Meeting Agenda List: ट्रस्ट बैठक के मुख्य एजेंडा क्या-क्या हैं?

- चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर फैसला।
- अगर इस्तीफे मंजूर हुए तो नए प्रशासनिक ढांचे की रूपरेखा।
- SIT की अंतरिम रिपोर्ट पर चर्चा।
- 2025-26 वित्तीय वर्ष की बिना ऑडिट आय-व्यय रिपोर्ट की मंजूरी।
- राम मंदिर प्रबंधन के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति।
- विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव की भूमिका।

ट्रस्ट में फिलहाल कोई उपाध्यक्ष नहीं है। चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद तथा बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा के निधन के कारण प्रशासनिक संकट गहराया है। बैठक में इन रिक्तियों को भरने और भविष्य की रणनीति पर विचार होगा।
Ram Mandir Donation Scam: चंदा चोरी कांड, कैसे हुआ गबन?
राम मंदिर के दान-पात्रों में भक्तों द्वारा दी गई नकदी, गहने और विदेशी मुद्रा की कथित चोरी का मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट ने शिकायत दर्ज कराई। पुलिस और SIT दोनों जांच कर रही हैं। SIT का कार्यकाल जुलाई अंत तक बढ़ाया गया है।
पुलिस ने अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। ये लोग आउटसोर्सिंग एजेंसी के जरिए कॉन्ट्रैक्ट वर्कर के रूप में काम करते थे और दान गिनती की प्रक्रिया में शामिल थे। आरोप है कि उन्होंने CCTV के ब्लाइंड स्पॉट, वॉशरूम और अन्य तरीकों से नकदी हड़पी।
Ram Mandir Donation Scam Accused List: गिरफ्तार आरोपी कौन-कौन? बैकग्राउंड और बरामदगी

- 1. अविनाश शुक्ला (प्राइमरी स्कूल टीचर): दान रिकॉन्सिलिएशन का काम। 20 लाख रुपये से ज्यादा कैश, विदेशी मुद्रा और गहने बरामद किए गए। अविनाश योग केंद्र में रहते थे।
- 2. अनुकल्प मिश्रा: (कॉन्ट्रैक्ट वर्कर): इनके पास 65 लाख रुपये की संपत्ति (घर, फार्महाउस, SUV)। 16.8 लाख रुपये कैश बरामद किए गए। अनिल मिश्रा से कथित पारिवारिक संबंध।
- 3. लवकुश मिश्रा (पूर्व कार मैकेनिक): इनकी 10-12 हजार रुपये सैलरी। इनके पास से 14.25 लाख रुपये कैश बरामद।
- 4. रामाशंकर मिश्रा: गिनती कमरे में नकदी संभालता था। 7.3 लाख रुपये बरामद हुए।
- 5. राम शंकर यादव (टिन्नू यादव): चंपत राय का पूर्व ड्राइवर, बाद में VIP मैनेजमेंट में शामिल। दान कमरे की चाबियों तक पहुंच। मुख्य आरोपी माना जा रहा है।
- 6. मनीष कुमार यादव: टिन्नू का भतीजा।
- 7. सुभाष चंद्र श्रीवास्तव (रिटायर्ड बैंक कर्मचारी): गिनती की निगरानी। RSS पदाधिकारी भी।
- 8. करुणेश पांडे: दान पेटियां खोलने-गिनने का काम। 18 लाख रुपये से ज्यादा कैश बरामद।
पुलिस इनके व्हाट्सएप चैट, फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन और संपत्तियों की जांच कर रही है।
चंपत राय का भविष्य क्यों चर्चा में है? चंपत राय और अनिल मिश्रा पर क्या आरोप?

दान में कथित गड़बड़ी सामने आने के बाद सबसे ज्यादा राजनीतिक और सार्वजनिक चर्चा ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को लेकर हुई। चंपत राय और अनिल मिश्रा ने विवाद बढ़ने पर इस्तीफा दे दिया था। SIT और पुलिस ने उनके बयान दर्ज किए हैं, लेकिन अभी किसी के खिलाफ FIR नहीं हुई है। बैठक में उनके इस्तीफों का फैसला ट्रस्ट की विश्वसनीयता तय करेगा। अब सोमवार की बैठक में ट्रस्टी यह तय करेंगे कि उनका इस्तीफा स्वीकार किया जाए या उन्हें जिम्मेदारी जारी रखने दी जाए।
Ram Mandir Trust Structure: राम मंदिर ट्रस्ट की संरचना

ट्रस्ट में 11 नियमित सदस्य हैं। एक्स-ऑफिसियो सदस्यों में केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारी शामिल हैं। चंपत राय लंबे समय से ट्रस्ट के चेहरा रहे हैं। उनका इस्तीफा स्वीकार होने पर नया CEO नियुक्त करने की चर्चा अहम होगी।
अब तक किस-किस से हुई पूछताछ?
सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसियां अब तक कई प्रमुख लोगों के बयान दर्ज कर चुकी हैं।
इनमें शामिल हैं-
- चंपत राय
- अनिल मिश्रा
- विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव
हालांकि इन तीनों के खिलाफ अभी तक कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं किया गया है।
महंत नृत्य गोपाल दास भी हो सकते हैं शामिल, जुड़ सकते हैं के. परासरन
ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास हाल ही में अस्पताल से डिस्चार्ज हुए हैं। उन्हें 29 जून को यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन और सांस लेने में तकलीफ के कारण लखनऊ के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। स्वास्थ्य में सुधार के बाद उनके सोमवार की बैठक में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। बैठक मणिराम छावनी में आयोजित होगी।
ट्रस्ट के वरिष्ठ सदस्य एवं सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता के. परासरन उम्र संबंधी कारणों से अयोध्या नहीं आ पाएंगे। सूत्रों के अनुसार वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में हिस्सा ले सकते हैं।
अभी ट्रस्ट में कौन-कौन हैं?
वर्तमान में ट्रस्ट के नियमित सदस्यों में प्रमुख नाम हैं-
- अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास
- गोविंद देव गिरी (कोषाध्यक्ष)
- वासुदेवानंद सरस्वती
- विश्वप्रसन्नतीर्थ
- परमानंद गिरि
- कृष्ण मोहन
- दिनेन्द्र दास
- के. परासरन
इसके अलावा केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार के पदेन सदस्य भी ट्रस्ट का हिस्सा हैं।
उपाध्यक्ष का पद फिलहाल खाली
ट्रस्ट के सामने एक प्रशासनिक चुनौती यह भी है कि फिलहाल उपाध्यक्ष का पद खाली है। हाल में ट्रस्टी बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा का निधन हो चुका है। अगर, अध्यक्ष किसी कारण बैठक में मौजूद नहीं रहते हैं तो बैठक की अध्यक्षता को लेकर भी व्यवस्था तय करनी होगी।
(PTI इनपुट के साथ)













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