Rahul Gandhi की प्रेस कॉन्फ्रेंस में नंबर हुआ उजागर, प्रयागराज के इस शख्स को मिल रही लगातार कॉल्स
Rahul Gandhi Press Conference: प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले एक शख्स अचानक चर्चा में आ गए, लेकिन यह चर्चा उनके लिए सिरदर्द साबित हो रही है। दरअसल, कांग्रेस नेता राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उनका मोबाइल नंबर फ्लैश हो गया। इसके बाद से उनके फोन पर लगातार कॉल्स की बाढ़ आ गई है।
कांग्रेस मुख्यालय में गुरुवार को राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस के गढ़ वाले इलाकों में योजनाबद्ध तरीके से मतदाता सूची में हेरफेर हो रही है।

इसी बीच जब राहुल गांधी ने कथित "वोट डिलीशन" का एक उदाहरण दिखाया, तो स्क्रीन पर प्रयागराज निवासी अंजनी मिश्रा का मोबाइल नंबर फ्लैश हो गया।
क्या है पूरा मामला?
अंजनी मिश्रा, जो सेल्स का काम करते हैं, ने बताया कि यह नंबर वे पिछले 15 साल से इस्तेमाल कर रहे हैं। अचानक से प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनका नंबर दिखा और उसके बाद उनका फोन लगातार बजने लगा। उन्होंने कहा, "मैंने किसी भी वोटर डिलीशन के लिए आवेदन नहीं किया है। जैसे ही मेरा नंबर स्क्रीन पर दिखाया गया, फोन पर नॉनस्टॉप कॉल्स आने लगे। इससे मैं बेहद परेशान हूं और पुलिस में शिकायत दर्ज कराऊंगा।"
राहुल गांधी का बड़ा हमला
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग लोकतंत्र को खत्म करने वालों को बचा रहा है और कांग्रेस समर्थक इलाकों में वोटरों के नाम जानबूझकर हटाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि "यह एच-बॉम्ब नहीं है, एच-बॉम्ब अभी आने वाला है। यह तो सिर्फ एक और पड़ाव है जिससे देश के युवाओं को दिखाया जा सके कि चुनाव किस तरह से धांधली करके जीते जा रहे हैं।"
गांधी ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार जिम्मेदार लोगों को बचा रहे हैं। जानकारी उपलब्ध न कराकर, वे लोकतंत्र के हत्यारों का बचाव कर रहे हैं। उन्होंने कर्नाटक और महाराष्ट्र का उदाहरण देते हुए दावा किया कि वहां भी बड़े पैमाने पर वोट डिलीट और ऐड किए गए हैं। उनके मुताबिक, सॉफ्टवेयर के जरिए टारगेटेड वोटरों को निशाना बनाया जा रहा है।
चुनाव आयोग का जवाब
राहुल गांधी के आरोपों को चुनाव आयोग ने पूरी तरह से खारिज कर दिया। आयोग की ओर से कहा गया कि ये आरोप "गलत और आधारहीन" हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि किसी भी मतदाता का नाम बिना सुनवाई और प्रक्रिया के हटाया ही नहीं जा सकता। इस घटना से जहां राहुल गांधी के आरोपों ने राजनीति गरमा दी है, वहीं प्रयागराज के अंजनी मिश्रा को अनचाही कॉल्स और परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अब देखना होगा कि उनकी शिकायत के बाद पुलिस और प्रशासन इस मामले पर क्या कदम उठाता है।












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