जिंदा आदमी को मृत बताकर भेज दिया मॉर्चुरी, हिलने लगीं टांगें तो पता चला
रायबरेली। रायबरेली जिला अस्पताल में एक अजीब मामला सामने आया है, यहां हादसे में घायल हुए व्यक्ति को पहले तो डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया और बाद में उसे मॉर्चुरी में भी रखवा दिया गया। ये कारनामा जिला अस्पताल की इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात मेडिकल टीम ने किया। हालांकि वो तो गनीमत रही कि उसी समय घायल के शरीर में हरकत हुई और परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। इस पर चिकित्सक ने अपने को तीमारदारों से बचाने के लिए अचानक इमरजेंसी सायरन बजा दिया। बाद में डॉक्टरों ने तीमारदारों को समझा-बुझाकर शांत किया। हालांकि, इलाज के दौरान थोड़ी देर बाद ही घायल की मौत हो गई थी।

लखनऊ-इलाहाबाद हाईवे पर कार की टक्कर से कठवारा निवासी शिव प्रताप सिंह घायल हो गए थे। उन्हें जिला अस्पताल लाया गया था। यहां पर तैनात ईएमओ ए.के रावत ने परिवार के लोगों को बताया कि शिव प्रताप की मृत्यु हो गई है और आप लोग बॉडी को मॉर्चुरी में रखवा दें। चिकित्सक के चिकित्सा वार्ड से ऑफिस में जैसे ही पहुंचे कि अचानक शिव प्रताप के शरीर में हरकत हुई और उन्होंने हाथ-पैर उठाए। यह देख परिजनों में चिकित्सकों के खिलाफ आवेश में आ गए और चिकित्सक को भला-बुरा कहा और अस्पताल में हल्ला मचाने लगे।
आक्रोशित लोगों की भीड़ बढ़ती देख ईएमओ ने अपने को बचाने के लिए इमरजेंसी सायरन बजा दिया। कुछ ही देर में सफेद कोट पहने तमाम कर्मचारी और अस्पताल के लोगों का इमरजेंसी में मजमा लग गया। अपने साथी चिकित्सकों को देख ईएमओ भी रौब में आ गए। तुरंत पुलिस बुलाकर धक्का-मुक्की करने वालों को पकड़वाने की बात कहने लगे। हालांकि, बाद में ईएमओ को वहां से हटाकर शिव प्रताप के साथ आए लोगों को समझाया गया। इसके बाद शिव प्रताप को अस्पताल में फिर भर्ती किया गया। हालांकि, इलाज के दौरान कुछ देर बाद ही उनकी मौत हो गई।
सीएमएस डा. एनके श्रीवास्तव का कहना है कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है। अगर इस तरह की गलती की गई है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। उधर, इस घटना को लेकर जिला अस्पताल में काफी देर तक अफरातफरी का माहौल रहा।












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