Purvanchal Expressway: मनोहर लाल धाकड़ के बाद फिर सनसनी! कपल का प्राइवेट पल CCTV में रिकॉर्ड-टोल मैनेजर नपा
Purvanchal Expressway Video Viral: कल्पना कीजिए, आप लंबी ड्राइव पर हैं, थोड़ा रोमांस का पल जीना चाहते हैं, लेकिन अचानक एक वीडियो आपकी जिंदगी उजाड़ देता है। उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर ऐसा ही डरावना सच सामने आया है। एक नवविवाहित जोड़े के कार में अंतरंग पलों का वीडियो CCTV से रिकॉर्ड कर ब्लैकमेल, वसूली और फिर सोशल मीडिया पर वायरल - यह सब एक टोल मैनेजर की करतूत थी।
मनोहर लाल धाकड़ के दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे वाले वायरल वीडियो के बाद इस तरह का मामला सामने आया है। आइए, इस सनसनीखेज घटना को विस्तार से समझें - पीड़ितों की चीखें, आरोपी का सफाया और सिस्टम की पोल...

Manohar Lal Dhakad Expressway Video: मनोहर लाल धाकड़ केस, एक्सप्रेस-वे पर पहला झटका
सबसे पहले, याद कीजिए मई 2025 का वह वायरल वीडियो जो पूरे देश को हिला गया। मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के भानपुरा के मनोहर लाल धाकड़, जो खुद को BJP से जुड़ा बताते थे, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर एक महिला के साथ 'अश्लील हरकत' करते कैमरे में कैद हो गए। 13 मई की रात को टोल बूथ के CCTV ने उन्हें कार के बाहर 'कॉम्प्रोमाइजिंग पोजीशन' में रिकॉर्ड कर लिया। वीडियो वायरल होते ही हंगामा मच गया।
BJP ने साफ किया कि धाकड़ उनकी प्राइमरी मेंबर भी नहीं हैं, लेकिन उनकी पत्नी सोहन बाई जिला पंचायत की BJP समर्थित सदस्य थीं। पुलिस ने धाकड़ को 25 मई को गिरफ्तार किया- IPC की धारा 296 (सार्वजनिक अश्लीलता) और 285 (सार्वजनिक रास्ता बाधित करने) के तहत। जमानत मिली, लेकिन वीडियो लीक का राज खुला कि NHAI से जुड़ी MKC इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी के तीन कर्मचारियों ने 80 हजार रुपये के झगड़े में वीडियो लीक किया, जिन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया। हालांकि, धाकड़ ने दावा किया, 'वीडियो फर्जी है, मैंने कार बेच दी थी।' लेकिन यह केस एक्सप्रेस-वे पर CCTV के दुरुपयोग की शुरुआत था।
Purvanchal Expressway Blackmailing Hub: क्या पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे ब्लैकमेल का नया अड्डा?
अब आते हैं यूपी के पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर। 341 किलोमीटर लंबा यह हाईवे लखनऊ से गाजीपुर को जोड़ता है, जहां रोज 20 हजार गाड़ियां दौड़ती हैं। लेकिन सुल्तानपुर के हलियापुर टोल प्लाजा पर लगे एंटी ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) ने सुरक्षा का सिस्टम बना लिया ब्लैकमेल का हथियार। हर 2 किमी पर हाई-रेजोल्यूशन घूमने वाले CCTV कैमरे लगे हैं, जो कंट्रोल रूम से कंट्रोल होते हैं। इनका मकसद? ट्रैफिक निगरानी, हादसे रोकना, ओवरस्पीडिंग पर चालान। लेकिन असिस्टेंट मैनेजर आशुतोष सरकार ने इन्हें निजी फायदे का जरिया बना लिया।
शिकायतों के मुताबिक, आशुतोष SCIPL (सुपर-वेव कम्युनिकेशन एंड इंफ्रा सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड) कंपनी का कर्मचारी था, जो NHAI के पैकेज-3 का ATMS संभालती है। वह कैमरों से नजर रखता:- कार में रोमांस कर रहे कपल्स, ट्रक ड्राइवरों की हरकतें, यहां तक कि आसपास के गांवों (जरईकलां, हलियापुर, गौहनियां) की महिलाओं-लड़कियों पर। घर के बाहर शौच जाते वक्त या खेतों में - सब रिकॉर्ड। फिर, फुटेज निकालकर मौके पर पहुंचता, वीडियो दिखाता, वायरल करने की धमकी देता और पैसे ऐंठता। पैसे लेने के बाद भी कई वीडियो लीक कर देता।
पीड़ितों की आपबीती: नवविवाहित जोड़े से 32 हजार की वसूली
सबसे सनसनीखेज केस एक नवविवाहित जोड़े का। 25 अक्टूबर 2025 को आजमगढ़ से लखनऊ जा रहे युवक ने बल्दीराय थाना क्षेत्र के किमी 93 पर कार रोकी। पत्नी के साथ रोमांटिक मोमेंट्स - लेकिन ATMS कैमरे ने सब कैद कर लिया। आशुतोष तुरंत पहुंचा, दरवाजा खुलवाया, वीडियो दिखाया:- 'रुपए दो, वरना वायरल!' 32 हजार ऐंठे। फिर भी, वीडियो सोशल मीडिया पर लीक। युवक ने शिकायत में लिखा कि 'हाल ही में शादी हुई, यह हमारा निजी पल था। अब हमारी जिंदगी बर्बाद हो गई।'
यह इकलौता केस नहीं। मिल्कीपुर (अयोध्या) के एक युवक को गर्लफ्रेंड के साथ 10 हजार वसूले गए - दो महीने पुराना वीडियो अभी भी CCTV में है। एक ट्रक ड्राइवर और महिला से तो पुलिसवालों की वसूली का वीडियो बनाकर खुद आशुतोष ने पुलिस से 2 हजार ऐंठे! कुल 5-6 पीड़ितों ने 2 दिसंबर को CM योगी, सुल्तानपुर DM-SP और एक्सप्रेस-वे अधिकारियों को लिखित शिकायत दी - सबूतों के साथ। शिकायतें वायरल, मामला गरमाया।
कंपनी का 'बैकडेट गेम': टर्मिनेशन से पहले ही 'निकाला'?
दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट के खुलासे के बाद SCIPL ने आशुतोष को टर्मिनेट कर दिया - लेकिन ट्विस्ट? टर्मिनेशन लेटर की तारीख 30 नवंबर 2025, जबकि शिकायत 2 दिसंबर को हुई। कंपनी ने कहा:- 'प्रोजेक्ट अथॉरिटी की शिकायत पर जांच हुई। वीडियो लीक से मिसकंडक्ट, गोपनीयता भंग, कंपनी की इमेज खराब। तुरंत सेवाएं समाप्त। दस्तावेज जमा करो, सेटलमेंट होगा।' लेकिन FIR? दर्ज ही नहीं। सूत्र: दो दिन पहले संदीप दीक्षित ने पूछताछ की थी। आशुतोष का सफाया: 'विभाग के साथियों ने साजिश रची, मेरी गैरमौजूदगी में वीडियो लीक किया। कार फोकस सिक्योरिटी के लिए जरूरी था।'
ATMS सिस्टम: सुरक्षा का ढांचा या ब्लैकमेल का हथियार?
ATMS क्या है? AI-बेस्ड एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम - ट्रैफिक मॉनिटरिंग, हादसे पर अलर्ट, रूल ब्रेक पर ऑटो-चालान। हाई-रेज कैमरे हर एंगल कवर करते हैं। लेकिन दुरुपयोग? यूपीडा के JE प्रभात सिंह: 'गंभीर मामला, जांच चलेगी, दोषी पर सख्त कार्रवाई।' पुलिस ने हलियापुर पहुंचकर CCTV एंगल चेक किए - खेतों तक फोकस मिला। आशुतोष के पास कई अश्लील वीडियो बरामद। NHAI ने कंपनी को फटकार लगाई।
आगे क्या? सिस्टम में सुधार की जरूरत
यह केस मनोहर लाल धाकड़ वाले वीडियो से मिलता-जुलता है - दोनों में CCTV का गलत इस्तेमाल। पीड़ितों को न्याय मिले, वीडियो डिलीट हों, और सिस्टम में गोपनीयता प्रोटोकॉल मजबूत हों। यात्री अलर्ट रहें: हाईवे पर प्राइवेसी का ध्यान रखें। क्या आपके साथ ऐसा हुआ? कमेंट में शेयर करें। अधिक अपडेट के लिए upneda.gov.in या स्थानीय पुलिस चेक करें।
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