Maha Kumbh 2025: 40 करोड़ श्रद्धालुओं के लिए योगी सरकार को बनने होंगे कितने टॉयलेट? जानें क्या-क्या इंतजाम?
Prayagraj Maha Kumbh Mela 2025: दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक महाकुंभ 2025 की प्रयागराज में जोरों से तैयारियां जारी हैं। प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार इस आयोजन को सफल और सुगम बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
इस महाकुंभ में 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए विभिन्न व्यवस्थाओं की योजना बनाई जा रही है। प्रमुख स्नान के दिनों में भारी भीड़ को नियंत्रित करने के साथ-साथ स्वच्छता और आवास की सुविधाओं में भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

महाकुंभ के दौरान स्वच्छता व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है। कुंभ मेला के विशेष अधिकारी आकांक्षा राणा ने बताया कि मेला स्थल पर 15 दिसंबर तक 1.5 लाख से अधिक शौचालय स्थापित करने की योजना है। इन शौचालयों के निर्माण के लिए 55 विक्रेताओं को नियुक्त किया गया है, जो मुख्य स्नान के दिनों जैसे मौनी अमावस्या पर भीड़ प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
प्रमुख शौचालय सुविधाओं में ये शामिल
- 49,000 सोख-पिट शौचालय
- 12,000 एफआरपी शौचालय (सीवेज टैंक के साथ)
- 350 मोबाइल शौचालय (प्रत्येक में 10 सीटों के साथ)
इन शौचालयों की साफ-सफाई के लिए जेट स्प्रे सफाई प्रणाली और निगरानी के लिए क्यूआर-कोड की व्यवस्था भी की जाएगी, जिससे स्वच्छता सुनिश्चित हो सकेगी।
अस्थायी आवास की 'पेइंग गेस्ट' व्यवस्था
श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए प्रयागराज में रहने की सुविधाओं में भी सुधार किए जा रहे हैं। स्थानीय निवासियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है कि वे अपने घरों को किराए पर दें, जिससे तीर्थयात्रियों को सस्ता और सुरक्षित आवास मिल सके।
इस योजना के तहत, लगभग 2,000 घरों को "पेइंग गेस्ट" (भुगतान करने वाला अतिथि) के रूप में पंजीकृत करने का लक्ष्य है। पंजीकृत घरों के मालिकों को लाइसेंस मिलेगा जो तीन साल तक मान्य रहेगा। इसके तहत वे 2 से 5 कमरे किराए पर उपलब्ध करा सकेंगे। यह भी जानें...
- गृहस्वामियों के पास किराये की दरें तय करने का अधिकार होगा।
- इस योजना के लिए किसी वार्षिक शुल्क या कर की आवश्यकता नहीं होगी।
- किराये की जानकारी महाकुंभ की आधिकारिक वेबसाइट और ऐप पर उपलब्ध होगी।
फिलहाल, 50 घर इस योजना के तहत पंजीकृत हो चुके हैं और जल्द ही और भी शामिल होने की उम्मीद है। इससे स्थानीय निवासियों को अतिरिक्त आय का अवसर मिलेगा और तीर्थयात्रियों को घर जैसा माहौल मिलेगा।
महाकुंभ 2025 के मुख्य स्नान की तारीखें
- 13 जनवरी 2025 - पौष पूर्णिमा
- 14 जनवरी 2025 - मकर संक्रांति
- 29 जनवरी 2025 - मौनी अमावस्या
- 3 फरवरी 2025 - वसंत पंचमी
- 4 फरवरी 2025 - अचला नवमी
- 12 फरवरी 2025 - माघी पूर्णिमा
- 26 फरवरी 2025 - महाशिवरात्रि
प्रयागराज महाकुंभ 2025 के लिए योगी सरकार द्वारा की जा रही तैयारियों का उद्देश्य इस भव्य आयोजन को सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक बनाना है। स्वच्छता और आवास की व्यवस्थाओं पर खास जोर दिया जा रहा है ताकि करोड़ों श्रद्धालु बिना किसी असुविधा के इस पवित्र अवसर का आनंद ले सकें। महाकुंभ के दौरान विशाल श्रद्धालु संख्या को देखते हुए यह व्यवस्थाएं न केवल भीड़ प्रबंधन में सहायक होंगी, बल्कि स्थानीय निवासियों के लिए भी आर्थिक लाभ का अवसर प्रदान करेंगी।












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