योगी की जनसंख्या नीति पर कांग्रेस बोली - धर्म के आधार पर बांटने की है ये कोशिश
लखनऊ, 10 जुलाई। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार राज्य में जनसंख्या नीति लागू कर रही है। जनसंख्या नीति का मसौदा तैयार होते ही इसको लेकर यूपी में विपक्षी नेता हमला करते हुए राजनीति शुरू कर दी है। चूंकि उत्तर प्रदेश में 2022 में चुनाव होने वाले हैं इसलिए योगी के इस कदम को चुनाव से जोड़ कर देखा जा रहा है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पीएल पुनिया ने यूपी की योगी सरकार की जनसंख्या नियंत्रण के प्रस्तावित कानून को चुनावी एजेंडा बताते हुए चुनावी से पहले इसे ध्रुवीकरण करार दिया है। उन्होंने कहा यूपी चुनाव के मद्देनजर ये नीति लाई गई है। पुनिया ने ये भी आरोप लगाया कि यूपी सरकार प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति खराब है और योगी सरकार ने काम अच्छा नहीं किया है।
न्यूज 18 में प्रकाशित खबर के अनुसार कांग्रेस नेता पुनिया ने कहा योगी सरकार द्वारा अब ऐसा मुद्दा लाया जा रहा है जिससे प्रदेश में ध्रुवीकरण हो और धर्म के आधार पर समाज बंट जाए, जिससे योगी सरकार और भाजपा को लाभ हो। उन्होंने ये भी कहा बीजेपी के पास यही फार्मूला और इसी फार्मूले का हिस्सा जनसंख्या पॉलिसी है। उन्होंने कहा आने वाले समय में योगी ओर आरएसएस के बयानों से पता चल जाएगा कि इनका इरादा सिर्फ ध्रुवीकरण का है जो यूपी विधानसभा चुनाव 2022 को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। इसके साथ ही पुनिया ने कहा कि किसी भी नीति को लाने से पहले सरकार को जनप्रतिनिधियों और एनजीओ के साथ इस पर चर्चा करना चाहिए उसके बाद ही इसे मंजूरी मिलनी चाहिए। पुनिया ने कहा ये ऐसा विषय है जिसे लेकर भारत सरकार को देश भर के लिए नीति तैयार करनी चाहिए।
जानिए क्या है यूपी सरकार की प्रस्तावित जनसंख्या नीति
- दो बच्चों वाले पिता अगर सरकारी नौकरी में है तो 3 इंक्रीमेंट मिलेंगे।
- एक बच्चे वाले कर्मचारी को 4 इंक्रीमेंट मिलेंगे।
- 2 से अधिक बच्चे होने पर सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी और ना ही वो चुनाव लड़ पाएंगे
- विकास प्राधिकरण की ओर से आवंटित किए जाने वाले फ्लैट्स में भी उनको तरजीह दी जाएगी।
- कम ब्याज दर पर मकान बनाने या फिर खरीदने के लिए लोन दिया जाएगा।
- पानी, बिजली और हाउस टैक्स में भी छूट इस कानून में शामिल की जाएगी।
- दो बच्चों के पिता पर बच्चों की पढ़ाई का बोझ भी नहीं होगा यानी की निशुल्क शिक्षा मिलेगी।
- एक बच्चा है और अपना इच्छा से नसबंदी करवाते हैं तो मुफ्त मेडिकल हेल्थ पॉलिसी और बीमा कवरेज मिलेगा, जब तक उसकी उम्र 20 साल की नहीं हो जाती।
- आईआईएम और एम्स सहित सभी शिक्षण संस्थानों में एडमिशन में एकल बच्चे को तरजीह।
- स्नातक स्तर तक मुफ्त शिक्षा, बालिका के मामले में हाई एजुकेशन के लिए छात्रवृत्ति और सरकारी नौकरियों में भी प्राथमिकता मिलेगी।
- दो बच्चों वाले सरकारी कर्मचारियों को अपनी पूरी नौकरी के दौरान दो अतिरिक्त वेतन वृद्धि, पूरे वेतन और भत्ते के साथ 12 महीने का मातृत्व या पितृत्व अवकाश दिया जाएगा।
- हेल्थ केयर फैसिलिटी और जीवनसाथी को बीमा कवरेज का लाभ भी मिलेगा।
- गरीबी रेखा से नीचे जीवन जीने वाले परिवार, जिनके सिर्फ एक बच्चा है और वो खुद नसबंदी करवाते हैं तो सरकार की ओर से उन्हें एक साथ 80,000 रुपये की आर्थिक मदद देगी












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