पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री के घर बरपा यूपी पुलिस का कहर, महिलाओं के उतरवाए गहने, तोड़ी गाड़ी
सुलतानपुर। सुल्तानपुर में पूर्व मंत्री के घर शनिवार को यूपी पुलिस का कहर टूटा। बर्बरता की ये इबारत थाने में तैनात एक दरोगा के साथ पूर्व मंत्री के प्रधान पुत्र की नोकझोंक का नतीजा बताई जा रही है। पुलिस से उलझने का नतीजा ये हुआ कि शनिवार की रात पुलिस मंत्री के घर पर पहुंच गई। लोगों की मानें तो यहां प्रधान राम विशाल के मौके पर न मिलने पर पुलिस मंत्री के 16 साल के नाती अंकित को ही उठा ले गई। आरोप है कि नाती को कोतवाली लाकर पुलिस ने जमकर तुड़ाई की, पुलिस की इस तुड़ाई में नाती का हाथ टूट गया और उसे सीएचसी से सुलतानपुर हास्पिटल रेफर किया गया।

महिलाओं के उतरवाए गहने, तोड़ी गाड़ी
रविवार को दूसरे दिन देर रात पुलिस अपने तुगलकी रूप में दिखी, देर रात पुलिस के 70-80 जवान जूते पटकते हुए पूर्व मंत्री के दरवाजे पर पहुंची, और फिर बर्बरता की कहानी शुरु हुई। पूर्व मंत्री राम रतन यादव ने बताया कि सीओ और एसओ रैंक के अधिकारी दरवाजा तोड़कर हमारे पास आ गए और पहले हमारा दोनों मोबाइल ले लिया। वहीं महिला पुलिस कर्मियों ने घर की महिलाओं से 8 मोबाइल छीन लिए। पूर्व मंत्री के बेटे की पत्नी सावित्री और प्रधान की पत्नी ने बताया कि महिला पुलिस कर्मियों ने पहने हुए सभी गहने उतरवा लिए। वहीं पूर्व मंत्री ने बताया कि घर पर खड़ी तीनों गाडियो को पुलिस ने तोड़ते हुए खिड़की, दरवाजे तोड़ डाले, एक ट्रक लाकर पुलिस घर का अनाज आदि उठा ले गए। उन्होंने 3 लाइसेंसी असलहों को भी ले जाने की बात कही है और अब वो पुलिस के खिलाफ कोर्ट में जाएँगे।
ये था पूरा मामला
जानकारी के अनुसार शनिवार की शाम पूर्व मंत्री रामरतन यादव के प्रधान बेटे राम विशाल यादव से गांव के 70 वर्षीय बुजुर्ग राम उजागिर विश्वकर्मा मिलकर वापस घर लौट रहे थे। तभी थाना क्षेत्र की पुरानी तहसील के पास उपनिरीक्षक पवन मिश्रा चेकिंग लगाए हुए थे। इस बीच बुजुर्ग अपनी मोपेड गाड़ी से वहां पहुंचा तो पुलिस टीम ने बुजुर्ग से गाड़ी के पेपर्स मांगा साथ ही हेलमेट न होने की बात कही। बताया जा रहा है कि बुजुर्ग ने गाड़ी का पेपर पास में न होने में असमर्थता जाहिर की, लेकिन पुलिस ने नहीं सुनी। आरोप है कि कुछ देर के बाद पुलिस ने 1 हज़ार की डिमांड किया, जिसके बाद बुजुर्ग ने पूर्व मंत्री के प्रधान बेटे को मोबाइल पर फोनकर घटना की जानकारी दिया, तो उन्होंने उपनिरीक्षक से बात कराने को कहा। उपनिरीक्षक ने बात करने से इंकार किया तो खुद प्रधान राम विशाल मौके पर पहुंच गए।
एसपी बोले जांच कर होगी कार्रवाई
यहां जयसिंहपुर पुलिस का आरोप है कि मोपेड छुड़ाने के दौरान पूर्व मंत्री के प्रधान बेटे ने गुर्गों के साथ मिलकर दरोगा व सिपाहियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। मारपीट में दरोगा पवन मिश्रा सहित पांच पुलिस कर्मी व मंत्री पक्ष का एक युवक घायल हो गया। हमलावरों ने सिपाही और दरोगा की वर्दी तक फाड़ डाली। घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। इस पूरे मामले पर एसपी अमित कुमार का कहना है कि एसआई पवन मिश्रा की तहरीर पर मंत्री पुत्र राम विशाल यादव, पौत्र अंकित यादव सहित पांच ज्ञात व्यक्तियों व 12 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा, सरकारी अभिलेख फाड़ना, मारपीट सहित गम्भीर धाराओं में मुकद्दमा दर्ज किया है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने अन्य आरोपियों को भी हिरासत में लिया है। वहीं पूर्व मंत्री राम रतन यादव द्वारा लगाए गए आरोपों पर एसपी ने कहा कि जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।












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