यूपी पुलिस के इस इंस्पेक्टर ने बड़ी खामोशी से किया जो काम, उसे जानकर आप भी करेंगे सलाम
सोनभद्र। पुलिसवालों को लेकर अकसर लोगों के दिमाग में निगेटिव सोच ही रहती है। कोई उन्हें वर्दी वाला गुंडा कहता है तो कोई भ्रष्ट। और ऐसे में अगर बात यूपी पुलिस की हो तो कहना ही क्या। लेकिन यूपी पुलिस के ही एक जवान ने कुछ ऐसा कर दिखाया है जिसे जानकर आपको गर्व होगा। उसने खामोशी से इतना बड़ा काम कर दिया कि आज हीरो बन गया है। उनका नाम है भारत भूषण तिवारी। वो यूपी पुलिस में इंस्पेक्टर हैं और सोनभद्र जिले में उनकी तैनाती है। भारत भूषण तिवारी ने एक दिव्यांग बच्चे से किया ना सिर्फ वायदा निभाया, बल्कि उसकी पढ़ाई लिखाई का खर्चा भी उठाया है। आपतिवारी ने उस बच्चे को देखकर कहा था 'वो बेसहारा नहीं है। मैं इसे हरसम्भव मदद देते हुए आगे तक पढ़ाने का प्रयास करता रहूंगा जिससे यह समाज में गर्व के साथ जी सके।' विस्तार से जानिए

चार साल पहले शिवा और उसकी मां ट्रेन की चपेट में आ गए थे
चार साल पूर्व एक दुर्घटना में जिले के रहने वाला शिवा अपनी मां के साथ रेलवे लाइन क्रॉस कर रहा था, इसी दौरान ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मां की मौत हो गई और शिवा की गंभीर हालत को देखते हुए उसके दोनों पैर काटने पड़े। पिता की माली हालत ऐसी नहीं थी कि वह अपने बच्चे को कृत्रिम पैर लगा सके।

तबादला हुआ फिर भी अपने वादा निभाते रहे भारत भूषण
एक प्रतियोगिता के दौरान शक्तिनगर थाना प्रभारी भारत भूषण तिवारी ने शिवा को देखा था। वह उस समय इंस्पेक्टर के पैर छूने के लिए आगे बढ़ा था । इंस्पेक्टर भारत भूषण तिवारी ने जब शिवा को इस हालत में देखा तो उन्हें यह बात खटक गई। शक्तिनगर थाने पर तैनाती के दौरान मिश्रा गांव के दौरान इस बच्चे को पढ़ते देखकर बातचीत की थी। उन्हें शिवा पढ़ने में काफी तेज लगा। उन्होने उसकी स्कूल की फीस भी भरी और कृत्रिम पैर भी लगवाने का वादा किया । इस दौरान इंस्पेक्टर भारत का तबादला शक्तिनगर से रॉबर्ट्सगंज हो गया लेकिन इंस्पेक्टर शिवा को किया अपना वायदा करने की कोशिश में जुटे रहे।

शिव को नई जिदंगी दी और आज वो दौड़ता है
भारत भूषण तिवारी ने नजदीकी बीएचयू हास्पिटल में शिव के सारे टेस्ट कराए और उसके लिए दोनों पांवों में आर्टिफिशियल पैर लगवा दिए। बस फिर क्या था, शिव भी सारे बच्चों की तरह चलने खेलने और दौड़ने लगा। इस सबमें करीब डेढ़ लाख रुपये का खर्च आया लेकिन उन्होंने इसका जिक्र तक किसी से नहीं किया।

इस जज्बे को वनइंडिया का सलाम
अपने इस बेहद भले काम की चर्चा होने पर बेहद संकोच में भारत भूषण तिवारी कहते हैं कि एक इंसान के तौर पर मेरा फर्ज था जिसे मैंने निभाया। मुझे बेहद संतुष्टि है कि मैं किसी बच्चे की जिंदगी बेहतर बना सका। भारत भूषण के जज्बे को वनइंडिया भी सलाम करता है।












Click it and Unblock the Notifications