PM Kisan Yojana में मरे हुए किसानों को मिल रही थी किस्त, इस जिले में अपात्रों को दी जा चुकी लाखों की राशि
PM Kisan Yojana: केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम किसान सम्मान निधि योजना में बड़ी अनियमितता सामने आई है। जिले में मृत किसानों और अपात्र लाभार्थियों के नाम पर योजना का पैसा निकाला जा रहा था। कृषि विभाग की जांच में ये खुलासा हुआ है।
योजना की 20वीं किस्त से पहले जिले में लाभार्थियों का ई-केवाईसी और डाटा क्रॉस चेक किया गया। इस दौरान विभाग को 2121 ऐसे किसान मिले जो अब जीवित नहीं हैं, फिर भी उनके नाम पर रकम ली जा रही थी।

इतना ही नहीं, जांच में 21 ऐसे लोगों का भी पता चला जो या तो सरकारी नौकरी में हैं या पेंशनर, फिर भी योजना का लाभ नियमित तौर पर उठा रहे थे। नियमों के अनुसार ये लोग योजना के पात्र नहीं हैं।
जांच के बाद कृषि विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इन अपात्र लाभार्थियों से अब तक 53 लाख 80 हजार रुपये की वसूली कर ली है। जो लोग अभी रिकवरी नहीं कर पाए हैं, उन्हें नोटिस भेजे गए हैं।
योजना की 20वीं किस्त पर इन लोगों की पात्रता पर रोक लगा दी गई है। साथ ही सभी संबंधित किसानों को दोबारा ई-केवाईसी पूरा कराने का निर्देश भी दिया गया है, ताकि वास्तविक लाभार्थी ही योजना से जुड़ सकें।
हजारों किसान अभी भी ई-केवाईसी से वंचित
फतेहपुर जिले में कुल 3,79,986 किसान योजना के लाभार्थी हैं। इनमें से 3,71,213 किसानों ने ही अब तक ई-केवाईसी पूरा किया है। शेष 8,773 किसान ऐसे हैं जिनकी प्रक्रिया अभी बाकी है और उनका भुगतान रोका गया है।
कृषि विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक ई-केवाईसी पूरा नहीं होगा, तब तक योजना की कोई किस्त जारी नहीं की जाएगी। यह कदम अपात्र लाभार्थियों को छांटने के लिए उठाया गया है।
पति-पत्नी दोनों ले रहे थे योजना का लाभ
नोडल अधिकारी रंजीत चौरसिया ने बताया कि जांच में करीब 6 हजार ऐसे दंपती मिले जो पति-पत्नी दोनों के नाम से योजना का पैसा ले रहे थे। नियम के अनुसार, एक ही परिवार से एक सदस्य को ही योजना का लाभ मिल सकता है।
इन सभी किसानों को अपात्र घोषित कर उनका भुगतान रोका गया है। साथ ही इन नामों को योजना की आगामी सूची से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिससे सिस्टम पारदर्शी और निष्पक्ष बन सके।
मृत किसानों और आयकरदाताओं पर भी कार्रवाई
जांच के मुताबिक, मृत किसानों के परिजनों से 18.80 लाख रुपये की वसूली की गई है। सरकारी नौकरी करने वालों से 22 हजार, पेंशनरों से 72 हजार और इनकम टैक्स देने वाले किसानों से 34.06 लाख रुपये वसूले गए हैं।
इन मामलों में रिकवरी की प्रक्रिया अभी जारी है। जिनसे राशि नहीं वसूली जा सकी है, उन्हें विभाग ने नोटिस भेजकर रकम लौटाने के निर्देश दिए हैं। विभाग का मकसद है कि योजना का लाभ सही किसानों तक पहुंचे।












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