VIDEO: अब नहीं चलेगा खइके पान बनारस वाला, सार्वजनिक जगहों पर थूका तो लगेगा जुर्माना
वाराणसी। "खइके पान बनारस वाला" गाना तो आपने सुना ही होगा। इस गाने के बहुत मायने हैं, क्योंकि यह गाना बनारस की पान संस्कृति से ही प्रेरित था। लेकिन अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस में पान पर संकट के बादल छाए हुए है। दरसअल स्वच्छता मिशन की कड़ी में कठोर फैसले लेते हुए नगर निगम ने अब इधर-उधर कहीं भी पान की पीक थूकने वालों पर करवाई करने की तैयारी कर ली है।
खुद नगर आयुक्त ने oneindia को बताया कि जो भी अब काशी की स्वच्छता के राह में रोड़ा बनेगा उससे नगर निगम जुर्माना वसूल करेगा। इसके तहत सार्वजनिक स्थानों पर पान की पीक थूकना, कहीं भी पेशाब करने, और सफाई कर्मचारियों की सफाई के बाद कूड़ा फेंकना शामिल है। यही नहीं नगर आयुक्त ने बताया कि अगर इसके लिए टॉक्स फोर्स की आवश्यकता पड़ी तो इसका भी गठन किया जाएगा। वहीं इस नियम के बाद कई नगर निगम के पार्षद नियम को नहीं थोपना चाह रहे हैं, उनका कहना है कि पान बनारस की आन बान शान है इसके लिए कोई अलग व्यवस्था करनी चाहिए ना कि जुर्माना वसूली की जानी चाहिए।

क्या कहते हैं नगर आयुक्त
दरअसल वाराणसी के नगर आयुक्त डाक्टर नितिन बंसल ने oneindia से बात करते हुए कहा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान के लिए खुद काशी में आकर अस्सी में सफाई की शुरआत की थी। उनके बाद हम लोगों ने भी स्वच्छता के लिए कई कदम उठाए, लेकिन सभी कुछ दिनों के बाद अपने पुराने हाल पर पहुंच जाते हैं। नगर आयुक्त ने कहा की दरसल यहां पर कई प्राइवेट एजेंसी के माध्यम से अब घर-घर जाकर कूड़ा उठाने का काम होता हैं। बावजूद इसके कई ऐसे लोग हैं जो सफाई कर्मचारी के जाने के बाद बेतरतीब तरीके से कूड़े को सर्वजनिक स्थानों पर फेंक देते हैं। ऐसे लोगों को चिन्हित किया जायेगा। यही नहीं उन्होंने कहा कि कई बार अभियान चलकर खुले में पेशाब करने वालो को मना भी किया गया लेकिन कोई मानने को तैयार नहीं हैं। इसके आलावा बनारस के लोग पान खाने के शौकीन होते हैं और यही पान गंदगी की सबसे बड़ी वजह बन गई है। लोग पान खएंगे और उसका पत्ता सड़कों पर फेंक देंगे। और पीक सड़क पर कहीं भी थूक देते हैं।

होटलों पर होगी पैनी नजर
नितिन बंसल ने कहा कि वाराणसी एक पर्यटन स्थल है। जिसके कारण देश और विदेश से सैलानी के आने का सिलसिला हमेशा जारी रहता है। जिसके कारण यहां होटलों की भरमार है और यही नहीं ये होटल वाले अपने यह इस्तेमाल किए जाने वाले सब्जियों के छिलको को भी सड़कों के किनारे फेंक देते हैं ऐसे में अब हमारी टीम होटलों पर भी जाएगी और वहां के कर्मचारी और मालिकों से सम्पर्क कर उन्हें ये बताएगी की यदि उनके यह से भारी मात्रा में यही कूड़ा निकलता हैं तो उसके निस्तारण का रास्ता भी उन्हें खुद ही निकलना होगा और इसके बावजूद सड़कों पर फेकते है और आवारा पशु उनके फेके गए सब्जियों के छिलकों को फैलते हैं तो उन होटलों पर करवाई की जाएगी।

पार्षद कर रहे हैं इस जुर्माने के नियमों का विरोध
इस पूरे मामले पर अब समजवादी पार्टी और कांग्रेस के पार्षद नगर आयुक्त के इस जुर्माने के नियमों का विरोध जता रहे हैं। oneindia से बात करते हुए समाजवादी पार्टी के पार्षद रविकांत विश्वकर्मा ने बताया की बनारस का पान यहां की शान और शौकत है। यहां शुभ कार्यो में पान खिलाया जाता हैं। लोगों को सम्मान में पान खिलाया जाता है। ऐसे में इस तरीके की जुर्माना प्रथा शुरू करना ठीक नहीं है। हम सभी सफाई अभियान के साथ हैं लोगो को जागरूक करने की जरूरत हैं, ना कि जुर्माना प्रथा शुरू करने की। वहीं कांग्रेस भी इस नियम का विरोध कर रही है।












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