ओपी सिंह रिटर्न्स : पुनः प्रस्ताव भेजा गया, DGP बनना तय
इलाहाबाद । उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक के तौर पर ओपी सिंह का नाम एक बार फिर राज्य सरकार ने केंद्र को भेज दिया है और अब उनका डीजीपी बनना लगभग तय माना जा रहा है। राज्य सरकार की ओर से शुक्रवार की रात आठ बजे ओपी सिंह को डीजीपी बनाने के प्रस्ताव पर दुबारा सहमति बनी और केन्द्रीय नियुक्ति से रिलीव करने के लिये दोबारा केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया। सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार द्वारा भेजे दूसरे प्रस्ताव पर तत्काल एक्शन हुआ है और उन्हे केन्द्रीय सेवा से रिलीव कर दिया गया है।

कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई
हालांकि संभावनाओ और कयासों का दौर पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है, क्योंकि अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। गौरतलब है कि शुक्रवार को यूपी के नए डीजीपी को लेकर खूब उथल-पुथल हुई। खबरे आई की केंद्र सरकार ने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल में डीजी पद पर तैनात ओपी सिंह को रिलीव करने का प्रस्ताव खारिज कर दिया है। जिसके पीछे तमाम कारण भी सामने आये और लगभग यह पूरी तरह से तय हो गया कि ओपी सिंह अब डीजीपी नहीं बनेंगे।

सबसे बड़ी गुत्थी बन गया ये सवाल
उत्तर प्रदेश का नया डीजीपी कौन होगा ? यह सवाल बीते एक पखवारे से पूरे सूबे के लिये सबसे बड़ी गुत्थी बन गया है, लेकिन 1983 बैच के आईपीएस ओपी सिंह को डीजीपी बनाने के लिए जिस तरह राज्य सरकार ने अपनी दुबारा कोशिश की उससे एक बार फिर ओपी सिंह का डीजीपी पद पर रिटर्न होना संभव हो सका है।

ओपी सिंह यूपी के नए डीजीपी बन सकते हैं
आज पूरी संभावना है कि ओपी सिंह यूपी के नए डीजीपी का कार्यभार संभाल सकते हैं। हालांकि खबर लिखे जाने तक इसकी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हो पाई है। जानकारी के लिये बता दें कि 1983 बैच के आईपीएस ओम प्रकाश सिंह अब तक केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल में डीजी पद पर तैनात थे। अब पद ग्रहण करने के बाद यूपी के नए डीजीपी के तौर पर उनका कार्यकाल 30 जनवरी 2020 तक होगा।












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