मां-बाप ने रो-रोकर किया दो बेटियों को विदा, पहली गई ससुराल, दूसरी श्मशान

Subscribe to Oneindia Hindi

आगरा। यूपी के आगरा में एक रिटायर्ड फौजी के परिवार पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा कि वो भगवान से बस ऐसा किसी के साथ न होने की दुआ मांगता दिखाई दिया। थाना जगदीश पुरा के गढ़ी भदौरिया निवासी फौज से रिटायर्ड नायब सूबेदार वीरेंद्र कुमार के एक बेटे और चार बेटियां हैं। 12 साल पहले उन्होंने अपनी बड़ी बेटी नीरज की शादी टेढ़ी बगिया के रहने वाले फौजी पुष्पेंद्र के साथ की थी। वीरेंद्र के मुताबिक, शादी के बाद से ही बेटी को कम दहेज के ताने मिलते थे और बीच-बीच में हमें उनकी मांग पूरी करनी पड़ती थी।

दहेज लोभी दामाद ने बेटी को जिंदा जलाया

दहेज लोभी दामाद ने बेटी को जिंदा जलाया

23 नवम्बर को उसकी तीसरे नम्बर की बेटी शीलू की शादी तय हुई थी। शादी में शामिल होने के लिए पुष्पेंद्र फौज से दस दिन की छुट्टी लेकर आया था। 18 नवम्बर को जब बेटी का लग्न चढ़ने गया तो उस दिन वीरेंद्र ने अपने नए दामाद को अंगूठी पहनाई। अंगूठी देखते ही पुष्पेंद्र बिफर गया और वीरेंद्र का गला पकड़ लिया और उसे अंगूठी न देने की बात कहने लगा। जैसे-तैसे मामला शांत हुआ पर पुष्पेंद्र का गुस्सा नहीं खत्म हुआ। वीरेंद्र का आरोप है कि 20 नवम्बर को ससुराल में पुष्पेंद्र और उसके परिजनों ने बेटी नीरज को जिंदा जला दिया। गंभीर हालत में लगभग 90 प्रतिशत जली नीरज ने दो दिन के बाद जिंदगी की जंग से हार मान ली। बेटी के जलने पर हमने काफी मशक्कत के बाद थाना एत्माउद्दौला में मुकदमा दर्ज कराया पर पुलिस ने कोई गिरफ्तारी नहीं की।

उसी दिन दूसरी बेटी की हुई शादी

उसी दिन दूसरी बेटी की हुई शादी

वीरेंद्र ने कहा कि जब बेटी की मौत हुई तो उसकी अर्थी को हम घर के अंदर भी नहीं ला सके। भला हो हमारे नए दामाद का जो उसने शादी के लिए हाँ की और बिना दावत के हमारे घर आकर चुपचाप बेटी को विदा कराया। वीरेंद्र के अनुसार जो दुख उस पर बीता है वो किसी और पर न हो इसलिए ऐसे दहेज लोभियों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए। वहीं दूल्हा-दुल्हन भी आगे परिवार का साथ देने और दोषियों को सजा दिलाने की बात कहते हुए नजर आए। इस प्रकरण में एत्माउद्दौला एसओ हुकुम सिंह का कहना है कि मामले में 307 का मुकदमा दर्ज है और आगे हत्या की धारा लगाई जा रही है। आरोपी फरार है और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किये जा रहे हैं।

'इतना दुख है कि बता नहीं सकती'

'इतना दुख है कि बता नहीं सकती'

वीरेंद्र की पत्नी ने कहा कि एक बिटिया को 5-6 बजे विदा किया है अर्थी के साथ और एक बिटिया शाम को विदा करने जा रही हूं। इतना दुख है कि मैं बता नहीं सकती। लड़की को जो जला देते हैं दहेज के लिए, ऐसे लोगों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

Read Also: VIDEO: कुर्की करने गई पुलिस के हत्थे चढ़ा आरोपी, ऐसी हुई मारपीट कि मर ही गया

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
One daughter killed and other married, incident happened in Agra.
Please Wait while comments are loading...

Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.