VIDEO: मुजफ्फरनगर में लोगों ने दरवाजा तोड़ा तो अंदर देखा हिला देने वाला सीन
मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एक ऐसी दर्दनाक मौत का मातम देखने को मिला जिसमें कोई रोने वाला तक नहीं था। एक मकान का दरवाजा 24 घंटे तक बंद रहा और जब मोहल्ले वालों ने पुलिस को सूचना दी तो दरवाजा तोड़कर खोला गया। बंद दरवाजे के खुलते ही लोगों ने देखा तो मकान के अंदर मौत और एक कराहती हुई जिंदगी से सामना हुआ।

24 घंटे से अंदर बंद
मुज़फ्फरनगर के आदर्श कालोनी में बंद मकान के अंदर 24 घंटे से बंद बुजुर्ग महिला अपने पति के शव के पास फर्श पर बेसुध पड़ी थी जिसके मुंह से निकलने वाले शब्द भी सुनकर शायद आपको रोना आ जाए। पुलिस की मानें तो दोनों दंपति अकेले रहते हैं। इनके दो बेटे हैं जिनमे से एक ने सूचना दिए जाने के बावजूद भी आने भर से मना कर दिया जबकि दूसरा बेटा सिर्फ आने को कहकर सुबह से इंतज़ार ही कराता रहा। स्थानीय लोगो की जिद ने बंद मकान के दरवाजे तो खुलवा दिए लेकिन जब तक बंद दरवाजे के पीछे दो जिंदगियों में से एक जिंदगी की डोर छोड़ चुका था। मृतक आत्माराम गर्ग टेलीफोन डिपार्टमेंट से रिटायर्ड ऑफिसर थे जो पलंग पर से ना जाने कब नीचे गिर गए और इनकी मौत हो गई।

लाचार पत्नी के सामने पति की लाश पड़ी थी
फिलहाल पुलिस ने मृतक आत्माराम के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया जबकि अचेत फर्श पर पड़ी ओमवती को एम्बुलेंस के द्वारा जिला हॉस्पिटल भिजवाया गया है। ओमवती 24 घंटे से कुर्सी पर बैठकर अपने पति के शव को उठाने का इंतजार कर रही थी। बुजुर्ग महिला अपाहिज हैं जिस वजह से सामने मृत पड़े पति को न छू सकती थी और न घर के दरवाजे खोल सकती थी।

घर के अंदर था रुला देने वाला नजारा
जब घर के दरवाजे तोड़कर लोग अंदर घुसे तो महिला के आंसू सूख चुके थे और घर मे घुसने वाले हर व्यक्ति की आंखों में आंसू थे। दरअसल मामला नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के आदर्श कालोनी का है जहां एक मकान के बंद होने की खबर पुलिस को मोहल्लेवासियों ने दी। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो मकान का दरवाजा अंदर से बंद था। उसी समय पुलिस ने रहने वाले व्यक्ति के बारे में जानकारी ली तो पता चला कि मकान के भीतर एक बुजुर्ग दंपति रहते हैं। पुलिस को यह भी पता चला कि बुजुर्ग दंपत्ति के दो बेटे हैं। एक गुड़गांव में नौकरी करता है तो दूसरा रुड़की में नौकरी करता है। पुलिस ने दोनों बेटों को संपर्क किया और पूरी स्थिति बच्चों को बताई। तभी रुड़की में रहने वाले एक बेटे ने तो आने से ही इनकार कर दिया तो दूसरे बेटे ने जिसको जल्द घर पर पहुंचने के बारे में कहा, कई घंटों के इंतजार के बाद जब दूसरा बेटा भी घर पर नहीं पहुंचा तो मोहल्ले वासियों की मदद से पुलिस ने मकान के दरवाजे खुलवाए। अंदर का नजारा देखने के बाद पुलिस और मोहल्ले के लोगों की आंखों में आंसू थे।

बुजुर्ग दंपति के दो बेटे सूचना पर नहीं आए
नजारा ही कुछ इस तरह था एक बुजुर्ग महिला कुर्सी पर बैठी थी, जो कि अपाहिज है और उसके सामने उसका पति मृत अवस्था में पड़ा हुआ था। वह महिला खुद नहीं जानती थी कि उसके सामने पड़ा उसका पति कितने समय से मरा पड़ा है। दुर्भाग्य देखिए कि महिला अपाहिज होने की वजह से अपने पति को ना छू सकती थी और ना किसी को बता सकती थी। पुलिस ने सबसे पहले उस महिला को जिला चिकित्सालय भिजवाया। मौका-ए-वारदात को देखने के बाद ऐसा लग रहा था कि बुजुर्ग जिस बिस्तर पर सो रहा था, वह अचानक बिस्तर से नीचे गिरा और गिरने के बाद उसकी मौत हो गई। महिला की जब आंख खुली तो उसने अपने पति को जमीन पर पड़े देखा लेकिन महिला पैरों से अपाहिज थी तो एक ही कुर्सी पर बैठकर अपने पति की मौत का तमाशा 24 घंटे तक देखती रही। उस महिला के आंसू 24 घंटे से ज्यादा होने की वजह से सूख चुके थे। मन में अपने बच्चों के ख्यालात थे और इंतजार कर रही थी कि कोई दरवाजा खोल कर अंदर आए और उसकी कोई मदद करे।
जब तक पुलिस और मोहल्लेवासी उसकी मदद करने के लिए घर में घुसे तो बहुत देर हो चुकी थी। महिला के पति की मौत हो चुकी थी। पुलिस ने महिला को अस्पताल भिजवाया और मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया लेकिन दुर्भाग्य की बात यह है कि कई घंटों तक सूचना देने के बाद भी बुजुर्ग दंपति के बेटे मौके पर नहीं पहुंचे।












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